बिहार सरकार का रक्षाबंधन गिफ्ट: PhD के लिए हर महीने 10 हजार

पटना: रक्षाबंधन के मौके पर बिहार सरकार ने राज्य की महिलाओं और बेटियों के लिए कई अहम योजनाओं का ऐलान किया है। पटना के ज्ञान भवन में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इन योजनाओं की घोषणा की। राज्य सरकार ने इन फैसलों के जरिए बेटियों की सुरक्षा, उच्च शिक्षा और उनकी आर्थिक मजबूती को अपनी प्राथमिकता बताया है।
पीएचडी करने वाली छात्राओं को फेलोशिप
उच्च शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सरकार ने ‘मुख्यमंत्री बालिका पीएचडी फेलोशिप योजना’ शुरू की है। इस योजना के तहत करीब 1,000 छात्राओं को चार वर्षों तक हर महीने 10,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। मुख्यमंत्री के मुताबिक, आर्थिक कारणों से कई छात्राओं को अपनी रिसर्च और उच्च शिक्षा बीच में ही छोड़नी पड़ती है। यह नई फेलोशिप योजना उन छात्राओं को बिना किसी आर्थिक रुकावट के आगे बढ़ने का अवसर देगी।
‘बिहार की बेटी स्टार्टअप चैलेंज’ से मिलेगा रोजगार
बेटियों को स्वरोजगार से जोड़ने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए ‘बिहार की बेटी स्टार्टअप चैलेंज योजना’ की भी शुरुआत की गई है। इसके तहत अपना व्यवसाय या स्टार्टअप शुरू करने की इच्छुक युवतियों को 50 हजार रुपये से लेकर 2 लाख रुपये तक की आर्थिक मदद मिलेगी। सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश की बेटियां केवल नौकरी खोजने वाली न रहें, बल्कि भविष्य में वे दूसरों को रोजगार देने वाली भी बनें।
सरकारी बसों में दो दिन मुफ्त सफर की सुविधा
रक्षाबंधन के त्योहार को देखते हुए सरकार ने महिलाओं को आवाजाही में बड़ी राहत दी है। महिलाओं के लिए राज्य की सरकारी बसों में दो दिनों तक मुफ्त यात्रा की घोषणा की गई है, जिससे उन्हें त्योहार के दौरान सफर में आसानी होगी।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि सुरक्षा के साथ शिक्षा और रोजगार महिलाओं के सशक्तिकरण की सबसे बड़ी ताकत हैं। सरकार द्वारा लाई गई ये नई योजनाएं प्रदेश की बेटियों को पढ़ाई, रोजगार और आत्मनिर्भरता की दिशा में तेजी से आगे बढ़ाने का एक प्रयास हैं।
