युद्ध के बीच ईरान में मिला 7.5 ट्रिलियन क्यूबिक फीट से ज्यादा गैस भंडार

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शालिनी तिवारी
शालिनी तिवारी

तेहरान : अमेरिका के आर्थिक दबाव और पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच ईरान ने अपने यहां बड़े नए हाइड्रोकार्बन भंडार मिलने की जानकारी दी है। ईरान के तेल मंत्री मोहसेन पाकनेजाद के मुताबिक, दक्षिणी फार्स प्रांत में 7.5 ट्रिलियन क्यूबिक फीट से ज्यादा प्राकृतिक गैस भंडार का पता चला है। इनमें से करीब 5.7 ट्रिलियन क्यूबिक फीट गैस निकाले जाने योग्य बताई गई है।

पाकनेजाद ने इसे ईरान के ऊर्जा भविष्य के लिए महत्वपूर्ण खोज बताया है। हालांकि, नए भंडार मिलने का मतलब यह नहीं है कि ईरान तुरंत इस पूरी गैस को बाजार में उतार सकेगा। उत्पादन, निवेश, बुनियादी ढांचे और प्रतिबंधों जैसी परिस्थितियां इसके व्यावहारिक इस्तेमाल को प्रभावित कर सकती हैं।

ईरान की अर्थव्यवस्था को कितना फायदा?

नए गैस भंडार ईरान के लिए ऊर्जा क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण संसाधन हो सकते हैं। देश पहले से बड़े तेल और गैस संसाधनों वाला देश है। नए भंडार मिलने से घरेलू ऊर्जा जरूरतों के लिए अतिरिक्त स्रोत उपलब्ध हो सकता है।

हालांकि, इन भंडारों से आर्थिक फायदा तभी होगा जब ईरान उन्हें व्यावसायिक उत्पादन में ला सके। अमेरिकी प्रतिबंधों और निवेश की कमी के बीच इसके लिए जरूरी तकनीक, पूंजी और बुनियादी ढांचा जुटाना बड़ी चुनौती हो सकता है।

अमेरिका और अन्य देशों के प्रतिबंध ईरान के ऊर्जा क्षेत्र को प्रभावित करते रहे हैं। ऐसे में नए भंडार की खोज अपने आप में आर्थिक मजबूती की गारंटी नहीं है। इसका वास्तविक फायदा इस बात पर निर्भर करेगा कि ईरान इन संसाधनों को कितनी तेजी से और किस स्तर पर विकसित कर पाता है।

तेल मंत्री ने बताया ‘लॉटरी’ जैसा

पाकनेजाद ने नए हाइड्रोकार्बन भंडारों को ईरान के लिए बड़ी उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि सहयोगी देशों की मदद और लगातार प्रयासों के बाद देश ने हाइड्रोकार्बन संसाधनों का नया भंडार खोजा है। उन्होंने नए भंडारों को ईरान के ऊर्जा भविष्य के लिए मजबूत आधार बताया है।

अमेरिका के साथ तनाव के बीच मिली जानकारी

अमेरिका ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर दबाव बना रहा है। ईरान का कहना है कि उसका यूरेनियम संवर्धन ऊर्जा जरूरतों के लिए है। इसी विवाद को लेकर दोनों देशों के बीच तनाव लंबे समय से बना हुआ है।