नाग पंचमी पर शिवलिंग के पास नाग-नागिन का जोड़ा, मची हलचल

सावन के तीसरे सोमवार और नाग पंचमी के मौके पर आमेर स्थित महारुद्र शक्तिपीठ मंदिर में पूजा-अर्चना के बीच अचानक ऐसा दृश्य सामने आया, जिसने वहां मौजूद श्रद्धालुओं का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। मंदिर में भगवान शिव की पूजा चल रही थी और इसी दौरान शिवलिंग के आसपास नाग-नागिन का जोड़ा दिखाई दिया। दोनों सांपों को एक साथ देखकर मंदिर परिसर में मौजूद लोगों में उत्सुकता बढ़ गई। कुछ ही देर में यह बात आसपास के इलाकों में फैल गई और मंदिर में लोगों की भीड़ बढ़ने लगी।
शिवलिंग के पास दिखा जोड़ा
मंदिर के पुजारी अविनाश मिश्रा के मुताबिक, सावन के तीसरे सोमवार और नाग पंचमी के अवसर पर श्रद्धालु मंदिर में भगवान शिव की पूजा कर रहे थे। इसी दौरान अचानक नाग-नागिन का जोड़ा मंदिर परिसर में पहुंच गया। दोनों सांप शिवलिंग के आसपास दिखाई दिए तो वहां मौजूद श्रद्धालुओं में हलचल मच गई। कुछ समय के लिए मंदिर में लोगों की आवाजाही भी प्रभावित हुई।
घटना के दौरान श्रद्धालुओं ने सांपों को देखने के लिए आसपास भीड़ जमा कर ली। नाग पंचमी के दिन शिवलिंग के पास नाग-नागिन का जोड़ा दिखाई देने की खबर फैलने के साथ ही मंदिर में मौजूद लोगों की उत्सुकता और बढ़ गई।
मोबाइल कैमरों में कैद हुआ नजारा
मंदिर में मौजूद कई श्रद्धालुओं ने नाग-नागिन के इस पूरे घटनाक्रम को अपने मोबाइल फोन के कैमरों में रिकॉर्ड किया। लोगों के लिए यह दृश्य खास था, क्योंकि नाग पंचमी के अवसर पर मंदिर में शिवलिंग के पास सांपों का जोड़ा दिखाई दिया था।
महारुद्र शक्तिपीठ मंदिर के राष्ट्रीय अध्यक्ष तारकेश्वर शर्मा ने बताया कि नाग पंचमी के दिन शिवलिंग के पास नाग-नागिन का जोड़ा दिखाई देना उनके लिए बेहद अद्भुत अनुभव रहा। उनके मुताबिक श्रद्धालुओं ने काफी समय बाद मंदिर में ऐसा नजारा देखा।
सर्प मित्र ने दोनों को सुरक्षित निकाला
घटना के बाद सर्प मित्र राजू को सूचना दी गई। उन्होंने दोनों सांपों का सुरक्षित रेस्क्यू किया। इसके बाद नाग-नागिन के जोड़े को जंगल में उनके प्राकृतिक आवास में सुरक्षित छोड़ दिया गया।
इस पूरे घटनाक्रम में राहत की बात यह रही कि न तो किसी श्रद्धालु को नुकसान पहुंचा और न ही सांपों को कोई चोट आई। मंदिर परिसर में कुछ समय के लिए बनी हलचल के बाद दोनों सांपों को सुरक्षित तरीके से वहां से हटा लिया गया।
घबराने के बजाय मदद लें
घटना के बाद सर्प मित्र और स्थानीय लोगों ने लोगों से अपील की कि रिहायशी इलाकों या धार्मिक स्थलों पर सांप दिखाई देने पर घबराने के बजाय प्रशिक्षित सर्प मित्रों या वन विभाग को सूचना दी जाए। सांपों को मारने या उन्हें नुकसान पहुंचाने के बजाय उनका सुरक्षित रेस्क्यू कर प्राकृतिक आवास में छोड़ना बेहतर विकल्प है।
नाग पंचमी के दिन मंदिर में आया यह नाग-नागिन का जोड़ा श्रद्धालुओं के लिए कौतूहल का कारण जरूर बना, लेकिन इस घटना का सबसे अहम पहलू यह रहा कि भीड़ और हलचल के बीच दोनों सांपों को सुरक्षित बचाया गया और उन्हें उनके प्राकृतिक आवास में वापस छोड़ दिया गया।
