राहुल को सुप्रीम राहत, आय से अधिक संपत्ति मामले में सुनवाई पर रोक

सुप्रीम कोर्ट ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को आय से अधिक संपत्ति के आरोपों से जुड़े मामले में फिलहाल राहत दी है। शीर्ष अदालत ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में चल रही कार्यवाही पर अगले आदेश तक रोक लगा दी है। साथ ही सीबीआई और ईडी को हाईकोर्ट या किसी अन्य प्राधिकरण के सामने इस मामले से जुड़ी जांच रिपोर्ट दाखिल करने से रोक दिया गया है। राहुल गांधी ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के उस आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी, जिसमें उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों की जांच के लिए सीबीआई और ईडी को कार्रवाई करने को कहा गया था।
प्राकृतिक न्याय पर सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी
मामले की सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने प्रथम दृष्टया माना कि इलाहाबाद हाईकोर्ट में प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का पालन नहीं हुआ। अदालत ने इसी आधार पर हाईकोर्ट में आगे की कार्यवाही पर रोक लगाई है। राहुल गांधी की ओर से मामले को इलाहाबाद हाईकोर्ट से दिल्ली हाईकोर्ट ट्रांसफर करने की मांग वाली याचिका पर भी सुप्रीम कोर्ट ने नोटिस जारी किया है।
इस मामले की सुनवाई चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ ने की। राहुल गांधी ने सुप्रीम कोर्ट में दायर अपनी याचिका में इलाहाबाद हाईकोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसके तहत सीबीआई और ईडी को उनके खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के आरोपों की जांच के लिए कहा गया था।
शिकायत से शुरू हुआ था मामला
राहुल गांधी के खिलाफ यह शिकायत कर्नाटक के बीजेपी कार्यकर्ता विग्नेश शिशिर ने दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि राहुल गांधी के पास उनकी आय के मुकाबले अधिक संपत्ति है। इसके बाद मामला इलाहाबाद हाईकोर्ट पहुंचा।
मई में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा था कि अगर राहुल गांधी के खिलाफ शिकायत मिली है तो उसमें लगाए गए आरोपों की सत्यता की जांच होनी चाहिए। हाईकोर्ट ने सीबीआई और ईडी को कानून के तहत उचित कार्रवाई के लिए स्वतंत्र बताया था। दोनों एजेंसियों से जांच में हुई प्रगति की जानकारी अदालत को देने के लिए भी कहा गया था।
यहां यह स्पष्ट करना जरूरी है कि संपत्ति से जुड़े आरोप शिकायतकर्ता की ओर से लगाए गए हैं। उपलब्ध सामग्री में इन आरोपों के सही साबित होने की बात नहीं कही गई है।
हाईकोर्ट में क्या हुआ था
मामला आगे बढ़ने के बाद 20 जुलाई को इलाहाबाद हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। इस दौरान अदालत ने सीबीआई की ओर से दाखिल हलफनामे पर असंतोष जताया और कहा कि वह उसके पहले के निर्देशों के अनुरूप नहीं है। वहीं, ईडी की कार्रवाई को लेकर हाईकोर्ट ने माना कि एजेंसी ने आवश्यक कदम उठाए हैं।
हाईकोर्ट ने यह भी कहा था कि जांच के दौरान अगर कोई सूचना सामने आती है तो ईडी आवश्यक कानूनी कार्रवाई कर सकती है। इसी दौरान मामले की आगे की सुनवाई के लिए 20 अगस्त की तारीख तय की गई थी।
अब सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद इलाहाबाद हाईकोर्ट में होने वाली यह कार्यवाही अगले आदेश तक आगे नहीं बढ़ेगी।
राहुल गांधी ने सुप्रीम कोर्ट में क्या चुनौती दी
राहुल गांधी ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेशों को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया। इसके अलावा उन्होंने अलग से ट्रांसफर याचिका भी दाखिल की है। इस याचिका में मामले को इलाहाबाद हाईकोर्ट से दिल्ली हाईकोर्ट स्थानांतरित करने की मांग की गई है।
दोनों याचिकाएं 7 अगस्त को दाखिल की गई थीं। सुप्रीम कोर्ट ने ट्रांसफर याचिका पर भी नोटिस जारी किया है। फिलहाल शीर्ष अदालत ने मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट की कार्यवाही पर रोक लगाई है और जांच रिपोर्ट दाखिल करने पर भी रोक लगा दी है।
अब 20 अगस्त की सुनवाई पर रोक
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने इस मामले को आगे की सुनवाई के लिए 20 अगस्त को सूचीबद्ध किया था। लेकिन सुप्रीम कोर्ट के अंतरिम आदेश के बाद उस सुनवाई पर फिलहाल रोक लग गई है।
इस आदेश के बाद मामले में अगला महत्वपूर्ण चरण सुप्रीम कोर्ट की आगे की सुनवाई होगी। फिलहाल शीर्ष अदालत के सामने प्राकृतिक न्याय के पालन और मामले को दिल्ली हाईकोर्ट स्थानांतरित करने की राहुल गांधी की मांग का मुद्दा है।
राहत मिली है, मामला खत्म नहीं हुआ
सुप्रीम कोर्ट का मौजूदा आदेश राहुल गांधी के लिए अंतरिम राहत है। उपलब्ध सामग्री के आधार पर यह कहना सही नहीं होगा कि शीर्ष अदालत ने उनके खिलाफ लगाए गए आय से अधिक संपत्ति के आरोपों को खारिज कर दिया है। अदालत ने फिलहाल इलाहाबाद हाईकोर्ट की कार्यवाही पर रोक लगाई है और सीबीआई-ईडी को जांच रिपोर्ट दाखिल करने से रोका है।
यानी मामला खत्म नहीं हुआ है, लेकिन उसकी आगे की न्यायिक प्रक्रिया पर फिलहाल सुप्रीम कोर्ट का ब्रेक लग गया है। अब आगे की सुनवाई यह तय करेगी कि मामले को किस दिशा में आगे बढ़ाया जाएगा।
