UPI पर लगेगा 0.4% MDR? सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र-RBI से मांगा जवाब

दो हजार रुपये से अधिक के कमर्शियल यूपीआई (UPI) पेमेंट पर चार्ज लगाने के केंद्र सरकार के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई की है। अदालत ने इस फैसले पर किसी भी तरह की अंतरिम रोक लगाने से इनकार कर दिया है। हालांकि, कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए केंद्र सरकार, रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI), नेशनल पेमेंट कारपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) और UPI कमेटी को नोटिस जारी कर चार हफ्ते के भीतर जवाब मांगा है।
सुप्रीम कोर्ट ने पूछा- यह फीस है, टैक्स है या कुछ और?
जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच ने इस मामले पर सुनवाई करते हुए केंद्र सरकार से स्पष्टीकरण मांगा है। अदालत ने पूछा है कि सरकार यह साफ करे कि यूपीआई पेमेंट पर लगाया गया यह चार्ज कोई ‘फीस’ है, ‘टैक्स’ है या कुछ और।
अधिवक्ता अंजन दत्ता की ओर से यह जनहित याचिका (PIL) दायर की गई है। याचिका में 14 दिसंबर को जारी अधिसूचना और 15 सितंबर को जारी किए गए MDR फ्रेमवर्क को रद्द करने की मांग की गई है। याचिकाकर्ता का तर्क है कि सरकार ने बिना किसी पर्याप्त कानूनी आधार के यह फैसला लिया है। याचिकाकर्ता के वकील ने कोर्ट से इस फैसले पर अंतरिम रोक लगाने की मांग की थी, जिसे पीठ ने ठुकरा दिया।
96 प्रतिशत लोग छूट के दायरे में: केंद्र सरकार
सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल (ASG) एन. वेंकटरमण ने अदालत को बताया कि इस फैसले से आम जनता पर कोई असर नहीं पड़ेगा, क्योंकि यूपीआई का इस्तेमाल करने वाले 96 प्रतिशत लोग इस चार्ज से छूट के दायरे में हैं। इस पर सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने टिप्पणी करते हुए कहा कि यह मामला कानूनी कम और तकनीकी अधिक प्रतीत होता है।
क्या है UPI-MDR का नया नियम?
15 अक्टूबर से लागू हो रहे नए नियमों के मुताबिक, 2,000 रुपये से अधिक के चुनिंदा मर्चेंट UPI ट्रांजैक्शन पर 0.4% का मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) लगाया जाएगा।
-
अधिकतम सीमा: 75,000 रुपये या उससे अधिक के लेनदेन पर यह चार्ज अधिकतम 300 रुपये प्रति ट्रांजैक्शन तय किया गया है।
-
आम जनता को राहत: P2P (व्यक्ति से व्यक्ति यानी Person-to-Person) ट्रांजैक्शन पूरी तरह से मुफ्त रहेंगे। यानी आम लोग जब एक-दूसरे को यूपीआई से पैसे भेजेंगे, तो उन पर इस फीस का कोई बोझ नहीं पड़ेगा।
-
सरकार का दावा है कि इस नियम से लगभग 96% मर्चेंट ट्रांजैक्शन प्रभावित नहीं होंगे।

