बेटियों की शादी के लिए मदद, 53 हजार OBC परिवारों को मिला अनुदान

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गौरव त्रिपाठी
गौरव त्रिपाठी

उत्तर प्रदेश में आर्थिक रूप से कमजोर ओबीसी (अन्य पिछड़ा वर्ग) परिवारों की बेटियों के विवाह के लिए संचालित ‘शादी अनुदान योजना’ के तहत वित्तीय वर्ष 2026-27 में अब तक 53 हजार से अधिक परिवारों को आर्थिक सहायता दी जा चुकी है। योगी सरकार की इस पहल के जरिए पात्र लाभार्थियों के बैंक खातों में कुल 107.092 करोड़ रुपये की धनराशि भेजी गई है, ताकि उन्हें बेटी की शादी के दौरान होने वाले खर्च में राहत मिल सके।

1 लाख से अधिक आवेदन, 210 करोड़ का है बजट

इस योजना को लेकर प्रदेश में बड़ी संख्या में आवेदन आ रहे हैं। चालू वित्तीय वर्ष में अब तक विभाग को 1,09,697 आवेदन प्राप्त हो चुके हैं, जिनमें से 53,546 लाभार्थियों को योजना का लाभ दिया जा चुका है।

सरकार ने 2026-27 में कुल 1 लाख 5 हजार पात्र लाभार्थियों को इस योजना से जोड़ने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इस पूरे अभियान को सुचारू रूप से चलाने के लिए 210 करोड़ रुपये का वार्षिक बजट रखा गया है।

20 हजार रुपये की मदद, ये हैं पात्रता के नियम

शादी अनुदान योजना के तहत, सरकार प्रत्येक पात्र परिवार को बेटी के विवाह के लिए 20 हजार रुपये की एकमुश्त आर्थिक सहायता देती है। यह राशि बिचौलियों से बचाते हुए सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में ट्रांसफर की जाती है।

योजना का लाभ उठाने के लिए सरकार ने कुछ स्पष्ट मानदंड तय किए हैं:

  • आवेदक परिवार की वार्षिक आय एक लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए।

  • विवाह के समय लड़की की न्यूनतम आयु 18 वर्ष और लड़के की न्यूनतम आयु 21 वर्ष होना अनिवार्य है।

इन्हें मिलती है प्राथमिकता

आवेदन प्रक्रिया में समाज के सबसे जरूरतमंद तबके को आगे रखा गया है। विभाग उन परिवारों को प्राथमिकता देता है जो भूमिहीन हैं या किसी दैवीय आपदा से प्रभावित हुए हैं। इसके अलावा, दिव्यांग व्यक्तियों और विधवा महिलाओं के परिवारों को भी इस योजना का लाभ पहुंचाने पर विशेष जोर दिया जाता है, क्योंकि ऐसे परिवारों के लिए विवाह का खर्च उठाना अधिक चुनौतीपूर्ण होता है।

समयबद्ध भुगतान पर है फोकस

पिछड़ा वर्ग कल्याण निदेशक अस्मिता लाल ने योजना की प्रगति की पुष्टि करते हुए बताया कि चालू वित्तीय वर्ष में अब तक 53,546 पात्र लाभार्थियों को 107 करोड़ रुपये से अधिक की राशि का भुगतान किया जा चुका है।

उन्होंने बताया कि सरकार का मुख्य उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर ओबीसी परिवारों को समयबद्ध तरीके से सहायता उपलब्ध कराना है। ग्रामीण क्षेत्रों और गरीब तबके के लिए बेटी का विवाह एक बड़ी आर्थिक जिम्मेदारी होती है। ऐसे में यह योजना परिवारों पर पड़ने वाले आर्थिक दबाव को कम कर बेटियों के सम्मानजनक विवाह में एक बड़े आर्थिक संबल का काम कर रही है।