युगांडा की सियासत में ‘पिता बनाम पुत्र’: मुहोजी के समर्थन में उतरी PLU

युगांडा में 2031 के राष्ट्रपति चुनाव की सरगर्मियां अभी से तेज हो गई हैं। पैट्रियॉटिक लीग ऑफ युगांडा (PLU) ने अपने अध्यक्ष और देश के चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेज (CDF) जनरल मुहोजी काइनरुगाबा (Gen Muhoozi Kainerugaba) के लिए देशव्यापी समर्थन जुटाने का अभियान शुरू कर दिया है। इसी के साथ पीएलयू ने सत्तारूढ़ नेशनल रेजिस्टेंस मूवमेंट (NRM) के समर्थकों को स्पष्ट चेतावनी दी है कि वे 2031 के राष्ट्रपति पद के लिए मुहोजी की दावेदारी को कमजोर करने या उसमें कोई बाधा डालने की कोशिश न करें।
मुहोजी वर्तमान में सेना प्रमुख हैं। देश के सैन्य नियमों के अनुसार, सशस्त्र बलों में सेवा देते हुए कोई भी अधिकारी चुनाव नहीं लड़ सकता। चुनाव मैदान में उतरने के लिए उन्हें अपने पद से इस्तीफा देना होगा।
‘बाधा डालना तेंदुए के शावक पर हमला करने जैसा’
पीएलयू (PLU) के ग्रेटर मुकोनो (Greater Mukono) के समन्वयक और नजेरू नगर पालिका (Njeru Municipality) के पूर्व सांसद जिमी लवांगा (Jimmy Lwanga) ने मुकोनो में आयोजित एक कार्यक्रम में विरोधियों को आगाह किया।
लवांगा ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि पीएलयू की गतिविधियों को विफल करने की कोई भी कोशिश सफल नहीं होगी। उन्होंने ऐसी किसी भी कोशिश की तुलना “तेंदुए के उस शावक पर हमला करने से की, जिसके साथ तेंदुआ मौजूद हो।”
उन्होंने स्पष्ट किया कि पीएलयू कोई अलग राजनीतिक दल नहीं है, बल्कि यह NRM के व्यापक राजनीतिक ढांचे के भीतर ही काम करता है। उन्होंने NRM समर्थकों से अपील की कि वे मुहोजी की राष्ट्रपति पद की महत्वाकांक्षाओं का समर्थन करें।
‘मुहोजी को है राष्ट्रपति का समर्थन’
लवांगा ने दावा किया कि पीएलयू द्वारा उठाए गए हर कदम को राष्ट्रपति योवेरी मुसेवेनी (President Yoweri Museveni) का समर्थन प्राप्त है।
उन्होंने कहा, “पीएलयू जो कुछ भी करता है, उसे राष्ट्रपति का समर्थन प्राप्त है। इसलिए हम NRM के सदस्यों से भी आह्वान करते हैं कि वे जनरल मुहोजी के समर्थन में शामिल हों। मैं आपको केवल यह चेतावनी देता हूं कि आप शुद्ध होकर आएं और हर तरह की नफरत को पीछे छोड़ दें, जिसके कारण संसदीय और स्थानीय स्तर पर पार्टी के उम्मीदवार चुनाव हार जाते हैं।”
लवांगा ने कार्यक्रम में राष्ट्रपति मुसेवेनी की तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने देश को दिशा दी है और युवा नेताओं की एक पूरी पीढ़ी को तैयार किया है। उन्होंने बताया कि पीएलयू ने इस बात का गहराई से अध्ययन किया है कि देश के विभिन्न हिस्सों, विशेष रूप से बुगांडा में NRM कमजोर क्यों हो रही है। इसके पीछे उन्होंने आंतरिक कलह, ‘विश्वासघात’ और गंभीरता की कमी को मुख्य कारण बताया।
शांतिपूर्ण सत्ता हस्तांतरण का दावा
कार्यक्रम में मौजूद जल राज्य मंत्री रोनाल्ड किबुले (Ronald Kibuule) ने भी मुहोजी की उम्मीदवारी का पुरजोर समर्थन किया। किबुले ने उन्हें ऐसा नेता बताया जो राष्ट्रीय जिम्मेदारी संभालने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
किबुले ने कहा, “जनरल के लिए इस देश को एक नई दिशा और रोशनी देने का यह सही समय है। इसलिए मैं राष्ट्रपति पद के लिए उनका पुरजोर समर्थन करता हूं और बाकी युगांडावासियों से आह्वान करता हूं कि वे उन्हें वैसा ही समर्थन दिखाएं जिसके वे हकदार हैं।” इसके साथ ही किबुले ने यह भी भविष्यवाणी की कि राष्ट्रपति मुसेवेनी के बाद सत्ता का हस्तांतरण पूरी तरह शांतिपूर्ण होगा।
बिना पैसे बांटे जुटाया समर्थन
मुकोनो की रेजिडेंट डिस्ट्रिक्ट कमिश्नर (RDC) हज्जती फतुमाह नदिसाबा नाबिताका (Hajjati Fatumah Ndisaba Nabitaka) ने कार्यक्रम में भारी भीड़ जुटने की सराहना की। उन्होंने खास तौर पर इस बात पर जोर दिया कि NRM की कई अन्य रैलियों के विपरीत, इस सभा में लोगों ने परिवहन भत्ते या पैसे की मांग नहीं की।
नाबिताका ने कहा, “आज की सभा यह संकेत देती है कि लोग वास्तव में जनरल से प्यार करते हैं। हम अपने देश के विकास के लिए उनके साथ काम करने का वादा करते हैं।” उन्होंने पीएलयू की इस बात के लिए तारीफ की कि उन्होंने बिना पैसे बांटे भीड़ जुटाई। उनके मुताबिक यह रवैया सत्तारूढ़ दल को और मजबूत करेगा।
पीएलयू पूरे देश में मुहोजी के समर्थन में एक विशेष अभियान चला रहा है, जिसमें पारंपरिक NRM की ‘पीली किताबों’ (yellow books) जैसी दिखने वाली एंडोर्समेंट बुक बांटी जा रही हैं। इससे समर्थकों को संगठन के भीतर एक जाना-पहचाना स्वरूप मिल रहा है।
सत्ता का संघर्ष: पिता बनाम पुत्र
युगांडा की राजनीति में फिलहाल मुसेवेनी और उनके बेटे मुहोजी के बीच एक दिलचस्प सत्ता संघर्ष चल रहा है। दोनों के समर्थक कई बार आपस में उलझते नजर आए हैं, क्योंकि पिता और पुत्र दोनों ने ही 2031 के चुनावों के लिए राष्ट्रपति पद की महत्वाकांक्षाएं जाहिर की हैं। राष्ट्रपति मुसेवेनी 1986 में राष्ट्रपति मिल्टन ओबोटे (Milton Obote) की सरकार का तख्तापलट करने के बाद से लगातार युगांडा की सत्ता पर काबिज हैं।
