ईरान के Pickaxe Mountain पर ट्रंप की नजर, जानें क्यों है ये साइट खास

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Jyoti Atmaram Ghag
Jyoti Atmaram Ghag

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर एक बेहद सख्त चेतावनी जारी की है। उन्होंने विशेष रूप से ‘पिकैक्स माउंटेन’ (Pickaxe Mountain) का नाम लेते हुए ईरान के इस सबसे सुरक्षित और सीक्रेट अंडरग्राउंड परमाणु ठिकाने को जल्द से जल्द तबाह करने की धमकी दी है। यह पहला मौका है जब अमेरिका ने खुले तौर पर इस विशेष ठिकाने को निशाना बनाने की बात कही है।

क्या है ‘पिकैक्स माउंटेन’ और कहां है स्थित?

दुनियाभर के रक्षा विशेषज्ञ पिकैक्स माउंटेन को ईरान का मुख्य ‘न्यूक्लियर बंकर’ मानते हैं, जहां से उसका पूरा परमाणु प्रोग्राम संचालित होता है।

  • लोकेशन: यह नतांज परमाणु ठिकाने से मात्र 2 किलोमीटर दूर और राजधानी तेहरान से 200 किमी दक्षिण में स्थित है। यह करकस पर्वतमाला का हिस्सा है।

  • गहराई: यह पहाड़ समुद्र तल से 1600 मीटर की ऊंचाई पर है और इसके ठीक नीचे जमीन में 100 मीटर की गहराई पर यह गुप्त परमाणु ठिकाना बनाया गया है। इसका निर्माण कार्य 2020 में शुरू हुआ था।

4 सुरंगों वाला भूलभुलैया और सख्त सुरक्षा

सैटेलाइट तस्वीरों (Satellite Images) से पता चलता है कि मेन कैंपस तक पहुंचने के लिए पहाड़ के अंदर 4 अलग-अलग सुरंगें बनाई गई हैं।

  • एक सुरंग में यूरेनियम प्रोसेसिंग के लिए सेंट्रीफ्यूज (Centrifuge) मशीनें बनती हैं।

  • दूसरी सुरंग में यूरेनियम को प्रोसेस किया जाता है।

  • तीसरी सुरंग में संवर्धित यूरेनियम (Enriched Uranium) का भारी स्टॉक रखा गया है।

  • सुरंगों के एंट्री गेट पर कंक्रीट और मिट्टी की कई मोटी परतें बिछाई गई हैं, जिन्हें तोड़ना बेहद मुश्किल है।

क्या बंकर बस्टर बम (GBU-57) करेगा काम?

पिकैक्स माउंटेन की गहराई और इसकी अभेद्य सुरक्षा व्यवस्था के कारण इसे सामान्य हमलों से तबाह नहीं किया जा सकता। रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, इसे भेदने के लिए अमेरिकी सेना को अपने सबसे खतरनाक हथियार ‘बंकर बस्टर बम’ GBU-57 का इस्तेमाल करना होगा।

  • यह बम जमीन के अंदर 300 मीटर तक घुसने की क्षमता रखता है।

  • यह पहले कंक्रीट और जमीन की मजबूत परत को भेदता है और फिर गहराई में जाकर फटता है।

  • हालांकि, पिकैक्स की मजबूती को देखते हुए माना जा रहा है कि अमेरिका को एक ही जगह पर एक साथ कई बंकर बस्टर बम गिराने होंगे, तब जाकर इस न्यूक्लियर प्लांट को नुकसान पहुंचाया जा सकेगा।

ईरान का इनकार और अमेरिका का दावा

एक तरफ अमेरिका सैटेलाइट इमेजरी और खुफिया रिपोर्ट्स के आधार पर दावा कर रहा है कि यही ईरान का मुख्य न्यूक्लियर हब है। वहीं, दूसरी तरफ ईरान लगातार इससे इनकार करता रहा है। 22 जुलाई 2026 को भी ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने साफ कहा था कि पिकैक्स माउंटेन में किसी भी तरह की कोई परमाणु गतिविधि नहीं चल रही है। हालांकि, ट्रंप की इस ताजा धमकी के बाद खाड़ी क्षेत्र में तनाव अपने चरम पर पहुंच गया है।