जापान-वियतनाम साझेदारी में नया अध्याय या कूटनीतिक मुश्किलें?

वियतनाम के राष्ट्रपति तो लाम रविवार से जापान के चार दिवसीय दौरे पर आ रहे हैं। इस दौरे के केंद्र में रक्षा, सेमीकंडक्टर और समुद्री सुरक्षा जैसे अहम रणनीतिक मुद्दे हैं। जापानी प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची पर एक तरफ चीन की आक्रामक नीतियों का सामना करने के लिए वियतनाम को रणनीतिक साझीदार बनाए रखने का दबाव है। वहीं दूसरी तरफ, ह्यूमन राइट्स वॉच (HRW) ने जापान सरकार से मांग की है कि वह वियतनाम द्वारा किए जा रहे श्रम अधिकारों के हनन पर कड़ा रुख अपनाए।
रणनीतिक और रक्षा सहयोग पर जोर
मई में प्रधानमंत्री ताकाइची की हनोई यात्रा के बाद से दोनों देशों के संबंधों ने रफ्तार पकड़ी है। जापान के विदेश मंत्रालय के अनुसार, आगामी बैठकों में एनर्जी सिक्योरिटी, क्रिटिकल मिनरल्स, रेयर अर्थ, सेमीकंडक्टर और AI सहित ग्लोबल टेक्नोलॉजी सप्लाई चेन में वियतनाम की स्थिति मजबूत करने पर विस्तृत चर्चा होगी।
दक्षिण चीन सागर में चीन की बढ़ती सैन्य गतिविधियों को देखते हुए रक्षा और समुद्री सुरक्षा भी एजेंडे में सबसे ऊपर है। हाल के समय में जापानी युद्धपोतों की वियतनामी बंदरगाहों पर आवाजाही बढ़ी है। मार्च में JS ओनामी ने 18 साल बाद वुंग ताऊ में डॉक किया था। अप्रैल में JS असाही दा नांग पहुंचा था और इससे पहले मल्टी-रोल क्रूजर JS इजूमो कैम रैन का दौरा कर चुका है।
CPTPP और वियतनाम के वादों पर सवाल
जापान CPTPP (कॉम्प्रिहेंसिव एंड प्रोग्रेसिव एग्रीमेंट फॉर ट्रांस-पैसिफिक पार्टनरशिप) का एक प्रमुख नेतृत्वकर्ता है। अमेरिका के पीछे हटने के बाद जापान ने ही इस ट्रेड पैक्ट को आगे बढ़ाया था, जो स्वतंत्र व्यापार के साथ-साथ बुनियादी मानवाधिकारों और ‘रूल ऑफ लॉ’ पर आधारित है।
ह्यूमन राइट्स वॉच के टोक्यो कार्यालय ने पीएम ताकाइची को पत्र लिखकर मांग की है कि वह वियतनाम द्वारा CPTPP के तहत किए गए श्रम सुधारों के वादों को पूरा न करने का मुद्दा उठाएं। वियतनाम ने जनवरी 2024 तक स्वतंत्रता से संगठन बनाने (ILO कन्वेंशन 87) और स्वतंत्र ट्रेड यूनियनों को अनुमति देने का वादा किया था, जिसे हनोई ने अब तक कानूनी जामा नहीं पहनाया है।
मानवाधिकार संगठनों की आपत्तियां
ह्यूमन राइट्स वॉच की जापान डायरेक्टर काने दोई ने वियतनामी सरकार पर पिछले एक दशक में नागरिक समाज (Civil Society) और बुनियादी स्वतंत्रताओं को कुचलने का आरोप लगाया है। उन्होंने बताया कि देश में 160 से अधिक राजनीतिक बंदी सजा काट रहे हैं।
दोई ने मांग करते हुए कहा, “प्रधानमंत्री ताकाइची को मानवाधिकारों और श्रम अधिकारों के उल्लंघन पर राष्ट्रपति तो लाम के सामने सार्वजनिक रूप से अपनी गंभीर चिंताएं व्यक्त करनी चाहिए।” HRW के एक अन्य अधिकारी तेप्पेई कसाई ने भी इस बात पर जोर दिया कि क्षेत्रीय प्रभाव के लिए चीन से प्रतिस्पर्धा कर रहे जापान को मानवाधिकार कूटनीति के प्रति अपनी प्रतिबद्धता बनाए रखनी चाहिए।
विशेषज्ञों का नजरिया
टेंपल यूनिवर्सिटी के टोक्यो कैंपस में अंतरराष्ट्रीय संबंधों के प्रोफेसर जेम्स ब्राउन का मानना है कि दोनों देशों के संबंध अब केवल आर्थिक फायदों तक सीमित नहीं हैं। साझा सुरक्षा चिंताओं ने वियतनाम को जापान का एक स्वाभाविक भागीदार बना दिया है।
ब्राउन ने स्पष्ट किया कि जापानी प्रधानमंत्री वियतनाम के मानवाधिकार रिकॉर्ड को लेकर अपनी गहरी होती सुरक्षा साझेदारी को शायद ही खतरे में डालेंगी। उनके मुताबिक, जापान अर्थशास्त्र और रणनीतिक सुरक्षा के मुकाबले मानवाधिकारों को प्राथमिकता देने का जोखिम नहीं उठाएगा। वियतनामी राष्ट्रपति का यह दौरा रविवार से शुरू होकर चार दिनों तक चलेगा, जहां दोनों देशों के बीच भविष्य के कई अहम समझौते होने की उम्मीद है।

