राहुल से मुलाकात और स्वामी प्रसाद की INDIA गठबंधन में शामिल हुई पार्टी

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले सियासी सरगर्मियां तेज हो गई हैं और नेताओं के दल बदलने व नए गठबंधनों का दौर शुरू हो चुका है। इसी कड़ी में पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य (Swami Prasad Maurya) को लेकर एक बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया है। स्वामी प्रसाद मौर्य की पार्टी ‘अपनी जनता पार्टी’ अब आधिकारिक रूप से कांग्रेस नेतृत्व वाले ‘इंडिया’ (INDIA) गठबंधन का हिस्सा बन गई है।
शनिवार को दिल्ली स्थित 10 जनपथ पर स्वामी प्रसाद मौर्य ने कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) और पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी से मुलाकात की। इस बैठक में यूपी कांग्रेस के प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम भी मौजूद रहे।
कांग्रेस में विलय नहीं, ‘अपनी जनता पार्टी’ बनी गठबंधन का हिस्सा
शुरुआत में राजनीतिक गलियारों में अटकलें थीं कि स्वामी प्रसाद मौर्य सीधे कांग्रेस पार्टी की सदस्यता ग्रहण कर सकते हैं। हालांकि, राहुल गांधी से लंबी चर्चा के बाद मौर्य ने स्थिति स्पष्ट की:
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उन्होंने बताया कि वह व्यक्तिगत तौर पर कांग्रेस में शामिल नहीं हुए हैं, बल्कि उनकी पार्टी ‘अपनी जनता पार्टी’ अब ‘इंडिया’ गठबंधन में शामिल हो गई है।
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वे आगामी विधानसभा चुनावों में इंडिया गठबंधन के घटक दल के रूप में मैदान में उतरेंगे।
राहुल से मुलाकात के बाद अखिलेश यादव पर साधा तीखा निशाना
राहुल गांधी से मुलाकात के तुरंत बाद स्वामी प्रसाद मौर्य ने समाजवादी पार्टी (SP) के मुखिया अखिलेश यादव पर सीधा और तीखा हमला बोला।
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‘प्रेस कॉन्फ्रेंस तक सीमित लड़ाई’: मौर्य ने तंज कसते हुए कहा कि अखिलेश यादव सड़कों पर उतरकर जनता के लिए संघर्ष नहीं करते, बल्कि वह सिर्फ प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए राजनीति कर रहे हैं।
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राज्यसभा टिकट पर सवाल: उद्योगपति को राज्यसभा भेजने के फैसले पर हमला बोलते हुए उन्होंने कहा कि एक उद्योगपति को संसद के उच्च सदन में भेजना समाजवाद की विचारधारा पर एक बड़ा दाग है।
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सामूहिक नेतृत्व की मांग: उन्होंने जोर देकर कहा कि इंडिया गठबंधन को उत्तर प्रदेश में किसी एक व्यक्ति के भरोसे नहीं, बल्कि ‘सामूहिक नेतृत्व’ के आधार पर चुनाव लड़ना चाहिए।
बसपा से भाजपा और सपा होते हुए ‘अपनी जनता पार्टी’ तक का सफर
स्वामी प्रसाद मौर्य का राजनीतिक सफर कई बड़े पड़ावों से गुजरा है:
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वह बहुजन समाज पार्टी (BSP) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) दोनों की सरकारों में कद्दावर कैबिनेट मंत्री रह चुके हैं।
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2022 के विधानसभा चुनाव से ठीक पहले उन्होंने भाजपा छोड़ समाजवादी पार्टी का दामन थामा था।
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सपा में रहने के दौरान वह लगातार अपने विवादित बयानों को लेकर सुर्खियों में रहे। बाद में मतभेदों के चलते उन्होंने सपा से इस्तीफा देकर अपनी अलग पार्टी ‘अपनी जनता पार्टी’ का गठन किया था।
भले ही जानकारों का मानना है कि पिछले कुछ वर्षों में उनके पारंपरिक जनाधार में पहले जैसी मजबूती नहीं रही है, लेकिन पश्चिमी यूपी और अवध के कुछ इलाकों में गैर-यादव ओबीसी वोटों के समीकरण को देखते हुए कांग्रेस नेतृत्व द्वारा उन्हें इंडिया गठबंधन में शामिल करना एक अहम रणनीतिक कदम माना जा रहा है।

