TMC के 20 सांसदों की सदस्यता पर संकट? सुप्रीम कोर्ट पहुंचा मामला

नई दिल्ली: तृणमूल कांग्रेस (TMC) के 20 सांसदों के खिलाफ दल-बदल कानून के तहत कार्रवाई की मांग वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने नोटिस जारी किया है। यह याचिका TMC सांसद अभिषेक बनर्जी की ओर से दाखिल की गई है। याचिका में लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को भी पक्ष बनाया गया है।
सुनवाई के दौरान स्पीकर की ओर से कोर्ट में मौजूद सॉलिसिटर जनरल ने बताया कि मामले में स्पीकर पहले ही कार्रवाई शुरू कर चुके हैं। उन्होंने संबंधित 20 सांसदों से जवाब मांगा है। सॉलिसिटर जनरल ने अदालत से स्पीकर को औपचारिक नोटिस जारी नहीं करने का अनुरोध किया और कहा कि वह उनकी ओर से कोर्ट की सहायता करेंगे। जजों ने इस अनुरोध को स्वीकार कर लिया।
अभिषेक बनर्जी ने क्या मांग की?
अभिषेक बनर्जी की याचिका में दावा किया गया है कि इन 20 सांसदों के खिलाफ संविधान की 10वीं अनुसूची के तहत कार्रवाई होनी चाहिए और उनकी संसद सदस्यता रद्द की जानी चाहिए।
याचिका में आरोप लगाया गया है कि लोकसभा स्पीकर की ओर से इस मामले में अब तक अपेक्षित कार्रवाई नहीं की गई है। इसी को लेकर सुप्रीम कोर्ट का रुख किया गया है।
सांसदों की अलग पहचान को लेकर भी सवाल
अभिषेक बनर्जी ने याचिका में इन सांसदों को अलग गुट के तौर पर मान्यता दिए जाने के मुद्दे पर भी सवाल उठाया है।
उनका कहना है कि इन सांसदों को न तो आधिकारिक तौर पर अलग गुट के रूप में मान्यता दी गई है और न ही सदन में उनके साथ वैसा व्यवहार किया जा रहा है। याचिका में यह सवाल भी उठाया गया है कि अगर उन्हें NCPI के रूप में अलग पहचान दी जानी है तो इस पर जल्द फैसला होना चाहिए।
अभिषेक ने सदन में बोलने के लिए मिलने वाले समय को लेकर भी सवाल उठाया है। उनका कहना है कि एक तरफ इन सांसदों को अलग पहचान नहीं दी जा रही, जबकि दूसरी तरफ सदन में उनके बोलने का समय TMC के निर्धारित समय से काटा जा रहा है।
स्पीकर से भी मिल चुके हैं अभिषेक बनर्जी
अभिषेक बनर्जी ने इस मामले को लेकर लोकसभा स्पीकर ओम बिरला से मुलाकात भी की थी। उन्होंने 20 सांसदों के खिलाफ कार्रवाई करने और उनकी सदस्यता रद्द करने की मांग पर जल्द फैसला लेने का आग्रह किया था।
याचिका के मुताबिक, TMC ने इन 20 सांसदों के खिलाफ जून में ही संविधान की 10वीं अनुसूची के तहत याचिकाएं दाखिल की थीं। पार्टी का कहना है कि दो महीने बीतने के बावजूद मामले में संतोषजनक जवाब नहीं मिला।
