अब्दुल्ला ने दी इस्तीफे की चुनौती, रूहुल्लाह बोले- ‘खाली हाथ नहीं लौटाऊंगा’

श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर में आरक्षण और Article 370 के मुद्दे पर नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला और श्रीनगर से पार्टी सांसद आगा सैयद रूहुल्लाह मेहदी के बीच चल रहा मतभेद अब सार्वजनिक टकराव में बदलता दिख रहा है। पिछले 24 घंटे में दोनों नेताओं के मीडिया इंटरव्यू के जरिए एक-दूसरे को जवाब देने से पार्टी के भीतर मतभेद खुलकर सामने आ गए हैं।
फारूक अब्दुल्ला ने रूहुल्लाह को लोकसभा की सदस्यता से इस्तीफा देकर निर्दलीय चुनाव लड़ने की चुनौती दी। जवाब में रूहुल्लाह ने पार्टी अध्यक्ष का सम्मान करने की बात कही और कहा कि वह उन्हें “खाली हाथ” नहीं लौटाएंगे। साथ ही उन्होंने 2-3 दिनों में अपना अंतिम जवाब देने की बात कही।
फारूक ने कहा, Article 370 का मुद्दा संसद में उठाएं
श्रीनगर के एक स्थानीय अखबार को दिए इंटरव्यू में फारूक अब्दुल्ला ने रूहुल्लाह के हालिया राजनीतिक रुख पर खुलकर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि रूहुल्लाह को Article 370 के बारे में बोलने से किसी ने नहीं रोका है, लेकिन उन्हें अपना मुद्दा संसद में उठाना चाहिए।
फारूक ने कहा कि अगर रूहुल्लाह को लगता है कि Article 370 बहाल किया जा सकता है तो उन्हें यह मुद्दा संसद में उठाना चाहिए। उन्होंने रूहुल्लाह के मौजूदा राजनीतिक तरीके को भी गलत बताया।
फारूक अब्दुल्ला ने रूहुल्लाह को लोकसभा से इस्तीफा देकर दोबारा जनता के बीच जाने की चुनौती भी दी। उन्होंने कहा कि अगर सांसद को लगता है कि उनकी जीत उनके अपने समर्थन पर हुई है तो उन्हें इस्तीफा देकर जनता के बीच जाना चाहिए और देखना चाहिए कि उन्हें कौन वोट देता है।
आरक्षण के मुद्दे से शुरू हुआ था विवाद
दोनों नेताओं के बीच मतभेद की एक बड़ी वजह जम्मू-कश्मीर की आरक्षण व्यवस्था को लेकर रूहुल्लाह का रुख भी है। वह शैक्षणिक संस्थानों और सरकारी नौकरियों में मौजूदा आरक्षण व्यवस्था पर सार्वजनिक रूप से आपत्ति जताते रहे हैं।
जम्मू-कश्मीर में General Category के छात्रों की ओर से आरक्षण व्यवस्था को तर्कसंगत बनाने की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन भी हुए हैं। MHA की सिफारिशों पर उपराज्यपाल प्रशासन की ओर से पहाड़ी और अन्य आदिवासी समुदायों को General Category से आरक्षण दिए जाने के बाद आरक्षण का दायरा 68 प्रतिशत से अधिक हो गया है।
उमर अब्दुल्ला के आवास के बाहर भी किया था प्रदर्शन
रूहुल्लाह ने पिछले साल मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के आवास के बाहर सरकार की आरक्षण नीति के खिलाफ सार्वजनिक प्रदर्शन किया था। उनके इस कदम से पार्टी के भीतर नाराजगी सामने आई थी।
कई NC विधायकों ने रूहुल्लाह पर पार्टी के राजनीतिक रुख के खिलाफ जाने और विरोधियों को फायदा पहुंचाने का आरोप लगाया था।
बडगाम विधानसभा उपचुनाव के दौरान रूहुल्लाह ने पार्टी के आधिकारिक उम्मीदवार आगा सैयद महमूद के लिए प्रचार करने से इनकार कर दिया था।
