दक्षिण कोरिया: दूसरी बार राष्ट्रपति बनने की अटकलों पर ली जे-म्युंग का इनकार

दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे-म्युंग (Lee Jae Myung) ने संविधान में संशोधन के जरिए अपने कार्यकाल को बढ़ाने या लगातार दूसरी बार चुनाव लड़ने की सभी अटकलों को सिरे से खारिज कर दिया है। गुरुवार (10 सितंबर) को राष्ट्रपति कार्यालय के एक प्रवक्ता ने स्पष्ट किया कि ली जे-म्युंग ‘सिंगल टर्म’ (एक कार्यकाल) की संवैधानिक सीमा का सम्मान करते हैं और कार्यकाल बढ़ाने के किसी भी विचार पर कोई चर्चा नहीं हो रही है। इससे पहले सत्ता पक्ष के कुछ सहयोगियों ने कार्यकाल से जुड़े सुधारों का मुद्दा उठाया था, जिसके बाद से देश में राजनीतिक बहस तेज हो गई थी।
‘संविधान के तहत मेरा कार्यकाल सीमित है’
हाल ही में फ्रांस के राजकीय दौरे पर गए राष्ट्रपति ली जे-म्युंग ने बुधवार को पेरिस में रह रहे दक्षिण कोरियाई नागरिकों को संबोधित करते हुए अपने कार्यकाल का जिक्र किया था। उन्होंने कहा, “संविधान के तहत मेरा कार्यकाल स्पष्ट रूप से सीमित है। इसलिए हम जितनी जल्दी शुरुआत करेंगे, उतने ही लंबे समय तक इसके लाभों का आनंद ले सकेंगे।” उन्होंने अपने इस बयान से यह भी स्पष्ट किया कि पदभार संभालने के शुरुआती दिनों में ही उन्होंने इतने अधिक विदेशी दौरे क्यों तय किए हैं।
प्रवक्ता ने दिया स्पष्टीकरण
पेरिस में राष्ट्रपति के बयान के बाद, दक्षिण कोरिया में जनसंपर्क और संचार मामलों के वरिष्ठ राष्ट्रपति सचिव सोंग घी-होंग ने एक रेडियो कार्यक्रम में कहा कि ली की टिप्पणियों को संविधान संशोधन के जरिए दोबारा चुनाव लड़ने के किसी भी प्रयास से इनकार के रूप में समझा जाना चाहिए।
उन्होंने बताया, “कुछ हलकों में लगातार दूसरे कार्यकाल के विचार पर जो चर्चा हो रही है, राष्ट्रपति की टिप्पणियों का अर्थ है कि यह पूरी तरह असंभव है और विचार का विषय भी नहीं है।”
विपक्ष ने लगाए थे कार्यकाल बढ़ाने के आरोप
जुलाई में डेमोक्रेटिक पार्टी से जुड़े रहे नेशनल असेंबली के स्पीकर चो जियोंग-सिक ने सुझाव दिया था कि मतदाताओं को यह तय करना चाहिए कि कोई मौजूदा राष्ट्रपति संशोधित संविधान के तहत दूसरा कार्यकाल मांग सकता है या नहीं।
इस बयान के बाद विपक्षी ‘पीपल पावर पार्टी’ (People Power Party) ने राष्ट्रपति ली और उनके सहयोगियों पर आरोप लगाया था कि वे सत्ता में बने रहने के लिए संविधान संशोधन पर विचार कर रहे हैं। आलोचकों का दावा था कि दूसरा कार्यकाल मिलने से ली के खिलाफ चल रहे भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी (उत्तर कोरिया को 8 मिलियन डॉलर के कथित अवैध ट्रांसफर सहित) से जुड़े पांच आपराधिक मुकदमों की कार्यवाही टल जाएगी।
1987 से लागू है ‘सिंगल टर्म’ का नियम
दक्षिण कोरिया में सत्ता के लंबे समय तक एक ही व्यक्ति के हाथ में केंद्रित होने से रोकने के लिए 1987 में संविधान संशोधन किया गया था। दशकों के सत्तावादी शासन से लोकतंत्र की ओर बढ़ते हुए तब से ही देश में ‘एक राष्ट्रपति, पांच साल का एक कार्यकाल’ का नियम लागू है। अगस्त में ली ने सोशल मीडिया पर कहा था कि वह चार साल के कार्यकाल और एक से अधिक बार चुनाव लड़ने की अनुमति देने के पक्ष में हैं, जिसमें राष्ट्रपति की कुछ शक्तियां संसद को सौंपी जाएं। हालांकि, 1987 के बाद से कई बार राष्ट्रपतियों को एक से अधिक कार्यकाल की अनुमति देने के प्रस्ताव सामने आए हैं, लेकिन राजनीतिक विरोध के कारण ऐसे सभी प्रयास विफल रहे हैं।
इस बीच, गैलप कोरिया (Gallup Korea) के पिछले सप्ताह जारी एक पोल के अनुसार, राष्ट्रपति ली जे-म्युंग की अप्रूवल रेटिंग कार्यभार संभालने के बाद से अपने सबसे निचले स्तर (40 प्रतिशत) पर पहुंच चुकी है।
