27 एयरलाइंस पर अमेरिकी प्रतिबंध: ईरान ने बताया ‘आर्थिक आतंकवाद

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साक्षी चतुर्वेदी
साक्षी चतुर्वेदी

अमेरिका द्वारा 27 ईरानी एयरलाइंस और उड्डयन क्षेत्र से जुड़ी संस्थाओं पर लगाए गए नए प्रतिबंधों को लेकर ईरान ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। संयुक्त राष्ट्र (UN) में ईरान के राजदूत और उप स्थायी प्रतिनिधि गुलामहुसैन दर्जी ने इन प्रतिबंधों को ‘आर्थिक आतंकवाद, सामूहिक सजा और मानवता के खिलाफ अपराध’ करार दिया है। उन्होंने बुधवार को संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस और सुरक्षा परिषद के अध्यक्ष को पत्र लिखकर इस मामले में तुरंत दखल देने की मांग की।

आम नागरिकों और विमानन सुरक्षा पर सीधा खतरा

ईरानी राजदूत ने अपने पत्र में स्पष्ट किया कि अमेरिकी प्रतिबंध नागरिक उड्डयन की सुरक्षा और नागरिकों की जिंदगी को सीधे तौर पर प्रभावित करते हैं। इन पाबंदियों के कारण सुरक्षित उड़ानों के लिए जरूरी स्पेयर पार्ट्स, उपकरण, मेंटेनेंस और तकनीकी सेवाएं बाधित होती हैं।

दर्जी के मुताबिक, ये प्रतिबंध लाखों आम नागरिकों की आवाजाही को सीमित करते हैं और यात्रियों के साथ-साथ एविएशन स्टाफ को अनावश्यक जोखिम में डालते हैं। उन्होंने इसे संयुक्त राष्ट्र चार्टर, अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार कानून और नागरिकों की सुरक्षा से जुड़े मौलिक सिद्धांतों का खुला उल्लंघन बताया।

अंतरराष्ट्रीय अदालत के आदेश की अनदेखी

ईरान ने अमेरिका पर अंतरराष्ट्रीय न्यायालय (ICJ) के 2018 के आदेश की अनदेखी का भी आरोप लगाया है। ICJ ने अमेरिका को निर्देश दिया था कि वह ईरान में नागरिक उड्डयन की सुरक्षा के लिए आवश्यक वस्तुओं और सेवाओं के स्वतंत्र निर्यात में आ रही बाधाओं को हटाए।

राजदूत ने कहा कि अमेरिका के ये एकतरफा कदम शिकागो कन्वेंशन के मूल उद्देश्यों के भी खिलाफ हैं, जो दुनिया भर में नागरिक उड्डयन के जरिए देशों के बीच समझ को बढ़ावा देने की वकालत करता है।

‘ऑपरेशन इकोनॉमिक आउटकास्ट’ के तहत कार्रवाई

अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने मंगलवार को ईरान की 27 एयरलाइंस पर नए प्रतिबंध लगाए हैं, जिनमें ईरान असेमान, ईरान एयरटूर, किश एयर, जाग्रोस और चाबहार जैसी प्रमुख एयरलाइंस शामिल हैं। इन पाबंदियों की जद में 35 कंपनियां और एक व्यक्ति भी है। तुर्की, मलेशिया, कजाकिस्तान और यूएई में बैठे वे विदेशी बिचौलिए भी निशाने पर हैं, जो ईरानी एयरलाइंस से जुड़े हैं।

अमेरिका ने 24 अगस्त को “ऑपरेशन इकोनॉमिक आउटकास्ट” के तहत ईरान के खिलाफ प्रतिबंधों की नई लहर की घोषणा की थी। अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट ने इस अभियान की तुलना द्वितीय विश्व युद्ध की ‘डी-डे’ लैंडिंग से करते हुए चेतावनी दी थी कि ईरान से व्यापारिक संबंध रखने वाले किसी भी देश या संस्था पर जुर्माना लगाया जाएगा।

ईरान का पलटवार: उड़ानें नहीं रुकेंगी

इन प्रतिबंधों पर ईरान के नागरिक उड्डयन संगठन के प्रमुख कैप्टन अबुजर शिरौदी ने कहा कि अमेरिकी कदम उसकी एक ‘विफल नीति’ का हिस्सा है। उन्होंने माना कि इससे उड़ानों के संचालन और उपकरणों की खरीद लागत जरूर बढ़ सकती है, लेकिन देश का फ्लाइट ऑपरेशन किसी भी हाल में नहीं रुकेगा।

ईरान ने संयुक्त राष्ट्र और सभी सदस्य देशों से अपील की है कि वे अमेरिका के इन एकतरफा और अवैध प्रतिबंधों को मान्यता न दें और अंतरराष्ट्रीय शांति एवं नागरिकों की सुरक्षा के लिए उचित कदम उठाएं।