कांटे की टक्कर, कहीं बड़े अंतर की जीत, दक्षिण गोवा की 21 सीटों की कहानी

गोवा की राजनीति में दक्षिण गोवा जिले की भूमिका हमेशा से सत्ता का संतुलन तय करने वाली रही है। उत्तर गोवा की नाइटलाइफ और पर्यटन केंद्रित छवि के उलट दक्षिण गोवा अपनी सांस्कृतिक विरासत, तटीय जीवन, समृद्ध बंदरगाह और संवेदनशील राजनीतिक मिजाज के लिए पहचाना जाता है। 2027 के विधानसभा चुनाव के मद्देनजर मडगांव के व्यापारिक केंद्र से लेकर वास्को-डा-गामा के औद्योगिक बंदरगाह और कर्टोरिम-कैनकोना के ग्रामीण इलाकों तक राजनीतिक दलों ने अपनी गोटियां बिछाना शुरू कर दिया है।
ऐतिहासिक रूप से दक्षिण गोवा कांग्रेस और क्षेत्रीय क्षत्रपों का मजबूत गढ़ माना जाता रहा है। हालांकि, हाल के वर्षों में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने यहां अपनी पैठ बढ़ाई है। वहीं आम आदमी पार्टी (AAP), तृणमूल कांग्रेस (TMC) और रिवोल्यूशनरी गोअन्स पार्टी (RGP) की सक्रियता ने मुकाबलों को बहुकोणीय और दिलचस्प बना दिया है।
2022 के नतीजे: दक्षिण गोवा की सभी 21 सीटों का पूरा ब्योरा
दक्षिण गोवा जिले की कुल 21 विधानसभा सीटों पर 2022 के विधानसभा चुनाव में विभिन्न दलों के उम्मीदवारों को मिले वोट और जीत-हार का अंतर इस प्रकार रहा:
| क्र. | विधानसभा सीट | विजेता प्रत्याशी (दल) | मिले वोट | उपविजेता प्रत्याशी (दल) | मिले वोट | जीत का अंतर |
| 1 | पोंडा | रवि नाइक (BJP) | 7,514 | केतन भटिकर (MGP) | 7,437 | 77 |
| 2 | प्रिओल | गोविंद गौडे (BJP) | 11,019 | दीपक धवलीकर (MGP) | 10,806 | 213 |
| 3 | मडगाँव | दिगंबर कामत (INC) | 13,674 | मनोहर अजगांवकर (BJP) | 5,880 | 7,794 |
| 4 | फतोर्डा | विजय सरदेसाई (GFP) | 11,063 | दामोदर नाइक (BJP) | 9,536 | 1,527 |
| 5 | मूरमुगाव | संकल्प अमोनकर (INC) | 9,067 | मिलिंद नाइक (BJP) | 7,126 | 1,941 |
| 6 | वास्को-डा-गामा | कृष्णा साल्कर (BJP) | 13,117 | कार्लोस अल्मेडा (INC) | 9,460 | 3,657 |
| 7 | दाबोलिम | माविन गोडिन्हो (BJP) | 7,594 | प्रेमानंद नानोस्कर (INC) | 6,024 | 1,570 |
| 8 | कोर्टालिम | एंटोनियो वाज़ (निर्दलीय) | 5,430 | अल्विनो अरुंजो (RGP) | 2,475 | 2,955 |
| 9 | नुवेम | अलेक्सो सेकेरा (INC) | 8,745 | अरविन्द डी’कोस्टा (RGP) | 4,348 | 4,397 |
| 10 | कर्टोरिम | अलेक्सो रेजिनाल्डो लौरेंको (निर्दलीय) | 8,969 | मोरेनो रेबेलो (INC) | 3,905 | 5,064 |
| 11 | बेनाउलिम | वेन्ज़ी वीगास (AAP) | 6,434 | चर्चिल अलेमाओ (TMC) | 5,163 | 1,271 |
| 12 | नावेलीम | उल्हास तुएनकर (BJP) | 5,160 | वलंका अलेमाओ (TMC) | 4,738 | 422 |
| 13 | कुनकोलिम | यूरी अलेमाओ (INC) | 9,866 | राजन नाइक (BJP) | 6,632 | 3,234 |
| 14 | वेलिम | क्रूज़ सिल्वा (AAP) | 5,390 | सावियो डी’सिल्वा (INC) | 3,606 | 1,784 |
| 15 | क्यूपेम | एल्टन डी’कोस्टा (INC) | 14,945 | चंद्रकांत कवलेकर (BJP) | 11,334 | 3,611 |
| 16 | करचोरम | नीलेश कबराल (BJP) | 9,907 | अमित पाटकर (INC) | 9,235 | 672 |
| 17 | सानवोर्डेम | गणेश गावकर (BJP) | 11,171 | दीपक पास्कर (निर्दलीय) | 5,481 | 5,690 |
| 18 | संगेम | सुभाष फाल देसाई (BJP) | 8,770 | सावित्री कवलेकर (निर्दलीय) | 7,341 | 1,429 |
| 19 | कानाकोना | रमेश तावडकर (BJP) | 9,063 | इसिडोर फर्नांडीस (निर्दलीय) | 6,012 | 3,051 |
| 20 | शिरोडा | सुभाष शिरोडकर (BJP) | 8,350 | तुकराम बोरकर (RGP) | 6,176 | 2,174 |
| 21 | मारकैम | सुदिन धवलीकर (MGP) | 13,951 | सुदेश बिकल (RGP) | 4,003 | 9,948 |
कांटे की टक्कर: पोंडा में 77 और प्रियोल में 213 वोटों से फैसला
2022 के चुनाव में दक्षिण गोवा की कई सीटों पर रोमांचक मुकाबला देखने को मिला था। पोंडा सीट पर भाजपा के रवि नाइक ने महाराष्ट्रवादी गोमांतक पार्टी (MGP) के केतन भटिकर को केवल 77 वोटों से हराया, जो पूरे चुनाव में सबसे छोटा अंतर था। इसी तरह प्रियोल में भाजपा के गोविंद गौडे ने एमजीपी के दीपक धवलीकर को महज 213 वोटों के अंतर से शिकस्त दी थी।
नावेलीम सीट पर विपक्ष के वोटों में बिखराव का फायदा भाजपा को मिला, जहां उल्हास तुएनकर ने टीएमसी की वलंका अलेमाओ को 422 मतों से हराया। करचोरम में भाजपा के नीलेश कबराल ने कांग्रेस के अमित पाटकर के खिलाफ 672 वोटों से अपनी सीट बचाई थी। वहीं क्यूपेम में कांग्रेस के एल्टन डी’कोस्टा ने तत्कालीन उपमुख्यमंत्री चंद्रकांत ‘बाबू’ कवलेकर को 3,611 वोटों से हराकर बड़ा उलटफेर किया था।
चुनाव बाद दल-बदल ने बदला विधानसभा का गणित
2022 के नतीजों के बाद दक्षिण गोवा के सियासी समीकरणों में बड़ा बदलाव तब आया जब चुनाव जीतने वाले कई प्रमुख विधायकों ने पाला बदल लिया। मडगांव से कांग्रेस के टिकट पर 7,794 वोटों से जीतने वाले पूर्व मुख्यमंत्री दिगंबर कामत और मूरमुगाव से कांग्रेस प्रत्याशी के रूप में जीते संकल्प अमोनकर बाद में भाजपा में शामिल हो गए। नुवेम से कांग्रेस के टिकट पर जीते अलेक्सो सेकेरा भी सत्ता पक्ष के साथ चले गए।
वहीं कर्टोरिम से निर्दलीय जीतने वाले अलेक्सो रेजिनाल्डो लौरेंको ने सरकार को बाहर से समर्थन दिया। इस फेरबदल के कारण 2027 के चुनाव में इन सीटों पर जनता के बीच दल-बदल का असर एक प्रमुख विमर्श बन सकता है।
AAP की धमक और RGP का उभार
दक्षिण गोवा में पारंपरिक कांग्रेस-भाजपा मुकाबले के बीच आम आदमी पार्टी (AAP) ने दो सीटों पर ऐतिहासिक जीत दर्ज की थी। बेनाउलिम में वेन्ज़ी वीगास ने पूर्व मुख्यमंत्री चर्चिल अलेमाओ (TMC) को हराया, जबकि वेलिम सीट पर क्रूज़ सिल्वा ने जीत दर्ज कर पार्टी का खाता खोला।
दूसरी तरफ, पहली बार चुनावी मैदान में उतरी रिवोल्यूशनरी गोअन्स पार्टी (RGP) ने कई सीटों पर स्थापित दलों के वोट बैंक में सेंध लगाई। आरजीपी कोर्टालिम, नुवेम, शिरोडा और मारकैम जैसी सीटों पर दूसरे स्थान पर रही, जिससे स्पष्ट हुआ कि स्थानीय पहचान और युवाओं के मुद्दों को लेकर उसका आधार तेजी से बढ़ा है।
2027 की सियासी जमीन और मुख्य मुद्दे
दक्षिण गोवा के मतदाताओं के लिए तटीय पर्यावरण संरक्षण, बुनियादी ढांचा, पर्यटन नीति, पारंपरिक मछुआरों के अधिकार और स्थानीय रोजगार मुख्य प्राथमिकताएं हैं। मूरमुगाव पोर्ट ट्रस्ट (MPT) से जुड़े वाणिज्यिक मुद्दे और करचोरम-सानवोर्डेम बेल्ट में खनन से जुड़े सवाल भी स्थानीय राजनीति को सीधे प्रभावित करते हैं। 2027 के विधानसभा चुनाव में जहां भाजपा अपने संगठनात्मक विस्तार और सत्ता पक्ष के प्रभाव को भुनाने की कोशिश करेगी, वहीं कांग्रेस, आप और आरजीपी के बीच विपक्षी मतों की गोलबंदी नतीजों की दिशा तय करेगी।

