सिंगापुर में मंत्रियों की सैलरी पर संसद में बहस: 9% तक बढ़ सकता है वेतन

सिंगापुर की संसद में राजनीतिक नेताओं और संसद सदस्यों (MPs) के वेतन ढांचे में बदलाव को लेकर गुरुवार (10 सितंबर) को गहन चर्चा हुई। प्रस्तावित ढांचे के तहत राजनीतिक पदधारकों (Political Office-Holders) के वेतन में 9 प्रतिशत तक की एकमुश्त वृद्धि और सांसदों के मासिक भत्तों को बढ़ाने का प्रावधान शामिल है। इस बहस का मुख्य केंद्र यह सवाल रहा कि सिंगापुर अपने राजनीतिक नेतृत्व को उचित पारिश्रमिक कैसे दे, जिससे सेवा का भाव बना रहे और पैसा राजनीति में आने की मुख्य वजह न बने।
पीएम लॉरेंस वोंग ने दूर किया ‘वेतन वृद्धि का भ्रम’
संसद में चर्चा का जवाब देते हुए प्रधानमंत्री लॉरेंस वोंग ने इस धारणा को पूरी तरह खारिज किया कि सिविल सर्वेंट्स को राजनीति में आने पर वेतन वृद्धि मिलती है।
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पीएम वोंग ने कहा, “राजनीति में शामिल होने पर सिविल सर्वेंट्स को कोई वेतन वृद्धि नहीं मिलती; कई मामलों में उन्हें वेतन में कटौती (Pay Cut) का सामना करना पड़ता है।”
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उन्होंने बताया कि वरिष्ठ स्थायी सचिवों और अपीलीय जजों के संदर्भ वेतन अब मौजूदा ‘MR4’ बेंचमार्क और संशोधित 1.8 मिलियन सिंगापुरी डॉलर के बेंचमार्क दोनों से अधिक हैं।
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उन्होंने स्पष्ट किया कि मंत्रियों के वेतन में जनसेवा की भावना के तहत एक बड़ा ‘डिस्काउंट’ शामिल रहता है।
टॉप 1,000 वेतनभोगियों का बेंचमार्क क्यों?
मंत्रिस्तरीय वेतन के लिए सिंगापुर के शीर्ष 1,000 कमाने वालों की आय को बेंचमार्क बनाए रखने पर प्रधानमंत्री ने तर्क दिया कि यह केवल एक निष्पक्ष ‘रेफरेंस पॉइंट’ है, न कि नेताओं की भर्ती का दायरा। उन्होंने कहा कि यह बेंचमार्क उन अवसरों और आर्थिक त्याग (Opportunity Cost) को मापने के लिए है जो निजी या सार्वजनिक क्षेत्र के योग्य पेशेवर राजनीति में कदम रखते समय छोड़ते हैं।
उन्होंने बताया कि स्वतंत्र समिति की समीक्षा के अनुसार MR4 संदर्भ वेतन 1.1 मिलियन सिंगापुरी डॉलर से बढ़कर 1.8 मिलियन सिंगापुरी डॉलर बैठता है। हालांकि यह बड़ा अंतर इसलिए दिख रहा है क्योंकि पिछले 15 वर्षों से यह बेंचमार्क नहीं बदला गया था, जबकि अर्थव्यवस्था में वेतन लगातार बढ़े हैं।
विपक्ष का रुख: भत्तों का समर्थन, पर फॉर्मूले पर आपत्ति
विपक्षी वर्कर्स पार्टी (WP) के प्रमुख प्रीतम सिंह ने मुद्रास्फीति को देखते हुए सांसदों के भत्ते बढ़ाने और सरकार द्वारा मंत्रियों के वेतन को फिलहाल 9% से अधिक न बढ़ाने के फैसले का समर्थन किया। हालांकि, उन्होंने मंत्रियों के वेतन को तय करने के लिए शीर्ष 1,000 कमाने वालों की आय को आधार बनाने वाले फॉर्मूले पर असहमति जताई। इसके अलावा, उन्होंने सिंगापुर में मेयरों की भूमिका और उनके पारिश्रमिक पर भी सवाल उठाए।
संसद में उठे अन्य अहम मुद्दे
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निजी क्षेत्र का त्याग: व्यापार और उद्योग मंत्री डॉ. टैन सी लेंग ने निजी क्षेत्र छोड़कर राजनीति में आने के व्यक्तिगत अनुभवों को साझा किया। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि राजनीति में आने की आर्थिक और व्यक्तिगत लागत बहुत अधिक हो जाएगी, तो देश के पास भविष्य के सक्षम नेतृत्व का दायरा सीमित हो जाएगा।
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क्वालिटी ऑफ लाइफ इंडेक्स: नामित सांसद (NMP) केनेथ पून और डॉ. हरेश सिंगाराजू ने राष्ट्रीय बोनस के निर्धारण में केवल आर्थिक आंकड़ों के बजाय जनता के ‘जीवन की गुणवत्ता’ (Quality of Life) और स्पष्ट सार्वजनिक लक्ष्यों को शामिल करने की मांग की।
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क्लीन वेज मॉडल की स्वतंत्रता: सांसद क्रिस्टोफर डी सूजा ने सिंगापुर के ‘क्लीन वेज’ मॉडल का बचाव करते हुए कहा कि पारदर्शी और पर्याप्त वेतन मंत्रियों को कॉर्पोरेट प्रभाव और ‘रिवॉल्विंग डोर’ भ्रष्टाचार से मुक्त रखता है, जिससे वे बिना किसी निजी स्वार्थ के कड़े फैसले ले पाते हैं।
