राजा भैया-भानवी सिंह विवाद में साकेत कोर्ट का आदेश, 30 हजार मासिक भत्ता

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शकील अहमद सैफी
शकील अहमद सैफी

नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश के कुंडा से विधायक रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया और उनकी पत्नी भानवी सिंह के वैवाहिक विवाद में दिल्ली की साकेत कोर्ट ने बड़ा आदेश दिया है। कोर्ट ने राजा भैया को भानवी सिंह के लिए हर महीने 30 हजार रुपये अंतरिम गुजारा भत्ता देने का निर्देश दिया है। इसके अलावा भानवी सिंह के मेडिकल बिलों का भुगतान करने का भी आदेश दिया गया है।

यह आदेश भानवी सिंह की ओर से अंतरिम गुजारा भत्ता मांगने के लिए दायर आवेदन पर सुनवाई के बाद आया। दोनों के बीच वैवाहिक विवाद लंबे समय से अदालत में चल रहा है।

भानवी सिंह ने मांगा था अंतरिम गुजारा भत्ता

भानवी सिंह ने अदालत में दिए आवेदन में अपनी उम्र 52 वर्ष बताई थी। उन्होंने कहा था कि वह वर्तमान में राजा भैया के साथ नहीं रहती हैं और दिल्ली जैसे शहर में अपने खर्च चलाने में उन्हें मुश्किल हो रही है।

आवेदन के मुताबिक, उनकी मासिक आय 6,013 रुपये है। भानवी सिंह का कहना था कि वह फिलहाल अपनी संपत्ति में रह रही हैं और वैवाहिक विवाद से जुड़े मामले अदालत में लंबित हैं। उनके मुताबिक, उन्हें फिलहाल कोई गुजारा भत्ता नहीं मिल रहा था।

सुनवाई के दौरान राजा भैया की ओर से इन दावों का विरोध किया गया। उनके वकीलों ने आरोप लगाया कि भानवी सिंह ने अपनी वास्तविक संपत्ति और आय की पूरी जानकारी अदालत के सामने नहीं रखी है।

हर महीने 30 हजार रुपये और मेडिकल खर्च

दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने अंतरिम व्यवस्था के तहत राजा भैया को भानवी सिंह को हर महीने 30 हजार रुपये देने का निर्देश दिया।

इसके साथ ही उनके इलाज से जुड़े मेडिकल बिलों का भुगतान करने को भी कहा गया है। आदेश के मुताबिक, यह व्यवस्था मामले के अंतिम निपटारे तक लागू रहेगी।

चार बच्चों को लेकर भी दी गई जानकारी

भानवी सिंह ने अदालत को बताया कि राजा भैया और उनके चार बच्चे हैं। इनमें दो बेटे और दो बेटियां हैं। आवेदन में कहा गया कि बेटे उनके साथ रहते हैं, जबकि बेटियां भी उनके साथ रहती हैं।

भानवी सिंह की ओर से यह भी दलील दी गई कि राजा भैया विधायक हैं और उन्हें वेतन के अलावा मेडिकल सुविधा तथा अन्य भत्ते मिलते हैं। इसी आधार पर उन्होंने अपने लिए अंतरिम आर्थिक सहायता की मांग की थी।

1995 में हुई थी राजा भैया और भानवी सिंह की शादी

राजा भैया और भानवी सिंह की शादी 1995 में हुई थी। दोनों के रिश्ते में 2022-23 के दौरान विवाद बढ़ा और मामला अदालत तक पहुंच गया।

राजा भैया ने दिल्ली की साकेत कोर्ट में भानवी सिंह से तलाक के लिए याचिका दायर की थी। उनकी ओर से आरोप लगाया गया था कि भानवी सिंह ने ससुराल छोड़ दिया और परिवार की छवि को नुकसान पहुंचाया।

विवाद उस समय और सार्वजनिक हो गया, जब भानवी सिंह ने राजा भैया के करीबी और विधान परिषद सदस्य अक्षय प्रताप सिंह के खिलाफ वित्तीय धोखाधड़ी का मामला दर्ज कराया। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच कानूनी विवाद और तेज हो गया।

भानवी सिंह ने भी लगाए घरेलू हिंसा के आरोप

भानवी सिंह की ओर से भी राजा भैया के खिलाफ मामला दर्ज कराया गया। उन्होंने राजा भैया पर लंबे समय से घरेलू हिंसा और मानसिक प्रताड़ना के आरोप लगाए हैं। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए दिल्ली हाई कोर्ट ने घरेलू हिंसा से जुड़े मामले की सुनवाई को फास्ट ट्रैक करने और चार महीने के भीतर निपटाने का निर्देश दिया था।