भागवत के US दौरे से पहले RSS पर बैन की मांग, भारत बोला ‘पूर्वाग्रह से ग्रस्त’

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शालिनी तिवारी
शालिनी तिवारी

नई दिल्ली: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत के 29 अगस्त से प्रस्तावित अमेरिका दौरे से पहले संघ को लेकर अमेरिकी संस्था के बयान पर विवाद बढ़ गया है। अमेरिकी अंतरराष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता आयोग (USCIRF) ने RSS पर पाबंदी लगाने की सिफारिश की है। भारत सरकार ने इस टिप्पणी को खारिज करते हुए USCIRF को पूर्वाग्रह से ग्रस्त बताया है।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि USCIRF भारत को लेकर पहले भी विवादित राय रखता रहा है। उनके मुताबिक, आयोग का अपना एजेंडा है और उसकी कोई विश्वसनीयता नहीं है। उन्होंने कहा कि भारत को ऐसे बयानों से दूर रहना चाहिए।

USCIRF ने RSS को लेकर क्या कहा?

USCIRF के कमिश्नर जेने मिल्स ने RSS से जुड़े लोगों के साथ कूटनीतिक बातचीत नहीं करने की बात कही है। उनके मुताबिक, अमेरिकी सरकार को संघ से जुड़े लोगों पर पाबंदी लगाने के विकल्प पर विचार करना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे लोगों से बातचीत नहीं होनी चाहिए, जो RSS से जुड़े होने के साथ अमेरिकी सरकार के साथ किसी भूमिका में हों।

USCIRF के चेयर आसिफ महमूद ने RSS को भारत में अल्पसंख्यकों पर हमलों में शामिल संगठनों का मुख्य संस्थान बताया। इन दोनों अधिकारियों के बयान USCIRF के एक्स अकाउंट पर साझा किए गए थे।

भारत सरकार ने क्या दिया जवाब?

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने USCIRF की टिप्पणी पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, “हम सभी जानते हैं कि यह संगठन भारत के बारे में पहले भी विवादित राय रखता रहा है। इसका अपना एजेंडा है और पूर्वाग्रह से ग्रसित है।”

जायसवाल ने आयोग की विश्वसनीयता पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि इस संगठन की कोई विश्वसनीयता नहीं है और भारत को इससे दूर रहना चाहिए।

भारत सरकार की ओर से यह प्रतिक्रिया ऐसे समय आई है जब USCIRF लगातार भारत में धार्मिक स्वतंत्रता और अल्पसंख्यकों की स्थिति को लेकर टिप्पणियां करता रहा है। सरकार ने ऐसे आरोपों को बेबुनियाद, मनगढ़ंत और पूर्वाग्रह से ग्रसित बताया है।

अमेरिका में RSS के समर्थन में भी उठी आवाज

USCIRF की टिप्पणी के बाद अमेरिका में RSS के समर्थन में भी प्रतिक्रिया सामने आई है। हिंदू समुदाय के हितों के लिए काम करने वाली संस्था HinduPACT ने आयोग पर भारत के खिलाफ एजेंडा चलाने का आरोप लगाया है।

HinduPACT के मुताबिक, USCIRF अक्सर अल्पसंख्यकों के मुद्दे के जरिए भारत और RSS की गलत तस्वीर पेश करता रहा है। संगठन ने इस बार भी संघ की छवि खराब करने की कोशिश किए जाने का आरोप लगाया है।

संस्था का कहना है कि भारत की परंपरा से जुड़े संगठन को आपराधिक छवि देने और हिंदू समाज के नेतृत्व को निशाना बनाने का प्रयास किया जा रहा है।

मोहन भागवत का अमेरिका दौरा क्यों चर्चा में?

मोहन भागवत 29 अगस्त को अमेरिका जाने वाले हैं। उनके विदेश दौरे में अमेरिका के अलावा कनाडा और ब्रिटेन भी शामिल हैं। ऐसे में उनके दौरे से ठीक पहले RSS को लेकर USCIRF की टिप्पणी सामने आने से विवाद और चर्चा दोनों बढ़ गई है।