मस्जिद विवाद: ओवैसी बोले- ‘धार्मिक आजादी आपकी दया पर निर्भर नहीं’

उत्तर प्रदेश के सहारनपुर स्थित जिलाधिकारी कार्यालय (कलेक्ट्रेट) परिसर में शनिवार तड़के 115 साल पुरानी मस्जिद का एक हिस्सा ढहाए जाने के बाद विवाद और गहरा गया है। करीब 3000 वर्ग फीट में फैली इस मस्जिद पर बुलडोजर चलने की खबर सामने आते ही राजनीतिक हलकों में हंगामा मच गया है। समाजवादी पार्टी की सांसद इकरा हसन को हाउस अरेस्ट कर लिया गया है, वहीं कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने भी इस कार्रवाई की कड़ी निंदा की है। इस पूरे घटनाक्रम पर एआईएमआईएम (AIMIM) प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने सरकार और प्रशासन पर बेहद तीखा हमला बोला है।
‘धार्मिक स्वतंत्रता क्या मुसलमानों पर लागू नहीं?’
ओवैसी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए लिखा, “सुबह 5 बजे सहारनपुर कलेक्ट्रेट में मौजूद मस्जिद को गिरा दिया गया। हाईकोर्ट जाने से पहले ही यह मनमाना एक्शन ले लिया गया। क्या धर्म की स्वतंत्रता की संवैधानिक गारंटी देश के मुसलमानों पर लागू नहीं होती? ऐसा क्यों है कि हमारी इबादतगाहों को छोटी-छोटी वजहों का बहाना बनाकर बुलडोजर से गिरा दिया जाता है?”

115 साल पुराने रिकॉर्ड और वक्फ कानून का हवाला
ओवैसी ने मस्जिद के इतिहास पर जोर देते हुए बताया कि मस्जिद कमेटी ने इसके वजूद को साबित करने के लिए 1911 तक के 115 साल पुराने पुख्ता रिकॉर्ड अदालत में पेश किए थे।
-
वक्फ कानून की सुरक्षा: उन्होंने कहा कि जहां 100 साल से भी ज्यादा समय से लगातार नमाज पढ़ी जा रही हो, वह वक्फ कानून की परिभाषा के दायरे में आता है और उसे कानूनी सुरक्षा प्राप्त है।
-
प्रतिकूल कब्जे का सिद्धांत: ओवैसी ने सरकार के दावों पर सवाल उठाते हुए कहा कि लिमिटेशन एक्ट सरकार को यह छूट नहीं देता कि वह अचानक सक्रिय होकर किसी संपत्ति पर कब्जे का दावा ठोक दे। अगर सरकार की दलीलों को मान भी लिया जाए, तो भी यहां ‘प्रतिकूल कब्जे का सिद्धांत’ लागू होता है, क्योंकि मस्जिद का निर्माण कलेक्ट्रेट बनने से पहले हुआ था।
‘मस्जिद देखना बुरा लगता है, तो नजरें फेर लें’
ओवैसी ने प्रशासन की कार्रवाई पर तंज कसते हुए कहा, “कुछ लोगों को शायद मस्जिद देखना बुरा लगता है, लेकिन यह उनकी परेशानी है, हमारी नहीं। अगर वे चाहें तो अपनी नजरें फेर सकते हैं। सिर्फ इसलिए कि आपको कोई खुजली है, आप हमारी मस्जिद पर बुलडोजर नहीं चला सकते। मेरी धार्मिक आजादी आपकी दया पर निर्भर नहीं करती।” सहारनपुर में मस्जिद गिराए जाने के बाद पुलिस प्रशासन हाई अलर्ट पर है और इलाके में भारी सुरक्षा बल तैनात कर दिया गया है।
