विधानसभा तक बवाल, परविंदर झोटा के परिवार ने रखीं ये बड़ी शर्तें

पंजाब में नशा विरोधी (Anti-Drug) कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की हत्या का मामला अब बड़ा राजनीतिक रूप ले चुका है। मानसा में हुई झोटा की हत्या की गूंज पंजाब विधानसभा सत्र में भी सुनाई दे रही है। सत्र के दूसरे दिन भी सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले विपक्षी कांग्रेस के विधायकों ने काले रिबन पहनकर विधानसभा में प्रवेश किया और मुख्यमंत्री भगवंत मान (Bhagwant Mann) के इस्तीफे की मांग को लेकर जमकर नारेबाजी की। वहीं, दूसरी ओर झोटा के परिजन अपनी मांगें पूरी न होने तक शव का पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर रहे हैं।
विपक्ष का हमला: ‘सरकार की नाकामियों के खिलाफ पहना काला रिबन’
विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान कांग्रेस विधायकों ने ड्रग्स और कानून व्यवस्था के मुद्दे पर सरकार को आड़े हाथों लिया। नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने कहा कि परविंदर सिंह झोटा के परिवार ने मुख्यमंत्री भगवंत मान के इस्तीफे की मांग की है और इसी मुद्दे को लेकर कांग्रेस सदन में भी उनका इस्तीफा मांग रही है।
उन्होंने बताया, “सरकार की नाकामियों के खिलाफ हमने गले में काली पट्टियां लटकाई हैं।” सदन की कार्यवाही शुरू होते ही कांग्रेस विधायकों ने वेल में आकर प्रदर्शन शुरू कर दिया।
परिजनों की मांग: ‘CM और DGP दें इस्तीफा, PGI चंडीगढ़ से हो पोस्टमार्टम’
घटना को 10 दिन बीत जाने के बावजूद परविंदर सिंह झोटा का अंतिम संस्कार नहीं हो पाया है। उनके परिजनों ने साफ कर दिया है कि जब तक उनकी मांगें नहीं मानी जातीं, वे शव के पोस्टमार्टम की अनुमति नहीं देंगे। परिवार की मुख्य मांगों में शामिल हैं:
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मुख्यमंत्री भगवंत मान का इस्तीफा।
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पंजाब के डीजीपी गौरव यादव का इस्तीफा।
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शव का पोस्टमार्टम मानसा के बजाय पीजीआई (PGI) चंडीगढ़ के डॉक्टरों से कराया जाए।
CBI कर रही है मामले की जांच
परिजनों की मांग को देखते हुए राज्य सरकार ने इस हाई-प्रोफाइल मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को सौंप दी है। मामले की जांच तेजी से आगे बढ़ रही है।
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CBI की टीम ने मुख्य आरोपी केमिस्ट स्टोर मालिक अश्विनी कुमार और उसके चचेरे भाई विपिन गर्ग के ठिकानों पर सर्च ऑपरेशन चलाया है।
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जांच एजेंसी ने मृतक झोटा के पिता, माता और उनकी पत्नी मनप्रीत से भी मुलाकात कर केस से जुड़े अहम पहलुओं पर बात की है।
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CBI ने मामले में एफआईआर दर्ज कर ली है और उन मेडिकल दुकानों की सूची भी तैयार कर रही है, जिन पर मादक पदार्थों की सप्लाई का शक है।
13 अक्टूबर को हुई थी हत्या
नशे के खिलाफ लगातार आवाज उठाने वाले एक्टिविस्ट परविंदर सिंह झोटा को 13 अक्टूबर को मानसा में एक मेडिकल स्टोर के अंदर आरोपी अश्विनी ने गोली मार दी थी। इस घटना के बाद से ही पंजाब में नशा तस्करों के खिलाफ लोगों का गुस्सा भड़का हुआ है।

