चीनी महंगी, धनंजय ने केंद्र को घेरा- ‘पिछले साल के स्तर पर लाएं दाम’

dhananjay sharma
Saima Siddiqui
Saima Siddiqui

नई दिल्ली: देशभर में चीनी की बढ़ती कीमतों को लेकर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP – अजित पवार गुट) ने केंद्र सरकार से तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग उठाई है। पार्टी के राष्ट्रीय सचिव धनंजय शर्मा ने कहा कि सरकार को चीनी के दामों में हो रही बेतहाशा बढ़ोतरी पर तुरंत अंकुश लगाना चाहिए और आम उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए कीमतों को पिछले साल के स्तर तक वापस लाने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए।

रसोई के बजट पर सीधा असर

धनंजय शर्मा ने बयान जारी कर कहा कि चीनी भारतीय रसोई की रोजमर्रा की जरूरतों का एक अनिवार्य हिस्सा है। ऐसे में इसकी कीमतों में हो रहा लगातार इजाफा सीधे तौर पर आम परिवारों के घरेलू बजट को प्रभावित कर रहा है।

उन्होंने जोर देकर कहा कि मौजूदा समय त्योहारों का है, जब लगभग हर घर में मिठाइयों, पारंपरिक व्यंजनों और पकवानों की तैयारी बढ़ जाती है। ऐसे माहौल में महंगी चीनी मध्यम और निम्न आय वर्ग के परिवारों की आर्थिक परेशानी को और गहरा कर रही है।

त्योहारी सीजन में मांग और कीमतों का दबाव

त्योहारों के दौरान मिठाई, खीर, हलवा जैसे पकवानों के कारण चीनी की खपत और मांग स्वाभाविक रूप से बढ़ जाती है। एनसीपी नेता का कहना है कि जब मांग बढ़ती है, तो दामों में आया उछाल केवल थोक या खुदरा बाजार तक सीमित नहीं रहता, बल्कि सीधे आम आदमी की थाली और बजट पर दिखता है। उन्होंने केंद्र सरकार से अपील की है कि वह बाजार में चीनी की आपूर्ति और कीमतों की स्थिति की तत्काल समीक्षा करे।

‘अनावश्यक रूप से ऊंचे स्तर पर न रहें दाम’

धनंजय शर्मा ने स्पष्ट किया कि सरकार को यह तय करना चाहिए कि बाजार में चीनी की कीमतें गैर-जरूरी तौर पर ऊंचे स्तर पर न बनी रहें। उनका कहना है कि मौजूदा दरों को पिछले साल के स्तर पर लाने के लिए प्रभावी प्रशासनिक और नीतिगत कदम उठाए जाने की आवश्यकता है।

उन्होंने कहा कि आम आदमी पहले से ही रोजमर्रा के खर्चों और अन्य जरूरी वस्तुओं की महंगाई से जूझ रहा है। ऐसे हालात में रसोई की सबसे बुनियादी वस्तु की कीमतों में हो रही वृद्धि गंभीर चिंता का विषय है, जिस पर सरकार को तुरंत लगाम लगानी चाहिए।