नैनीताल में 2027 की चुनावी बिसात, BJP की 5 सीटों के बाद क्या बदला?

उत्तराखंड की राजनीति में कुमाऊं मंडल का दिल कहे जाने वाले नैनीताल जिले का रणनीतिक और सियासी महत्व हमेशा से खास रहा है। 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर इस पर्वतीय और मैदानी विविधता वाले जिले में भी सियासी हलचल तेज हो गई है। ब्रिटिश काल में कभी ‘समर कैपिटल’ रहे नैनीताल में आज पर्यटन, पर्यावरण, रोजगार, उच्च शिक्षा और बुनियादी ढांचे के मुद्दे चुनावी विमर्श के केंद्र में हैं।
जिले की विधानसभा सीटों पर मुख्य मुकाबला पारंपरिक रूप से भारतीय जनता पार्टी (BJP) और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) के बीच सीधा देखा जाता रहा है। 2022 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए जिले की 6 में से 5 सीटों पर अपना परचम लहराया था, जबकि कांग्रेस केवल कुमाऊं के सबसे बड़े व्यापारिक केंद्र हल्द्वानी सीट पर ही जीत दर्ज कर सकी थी।
पहाड़ी और मैदानी मिजाज का अनूठा संगम
नैनीताल जिले की भौगोलिक स्थिति इसकी राजनीति को बेहद दिलचस्प बनाती है। एक तरफ जहां नैनीताल और भीमताल जैसी सीटें खूबसूरत झीलों, पर्यटन और पहाड़ी मतदाताओं के मिजाज से तय होती हैं, वहीं दूसरी तरफ हल्द्वानी, लालकुआं, कालाढूंगी और रामनगर जैसे क्षेत्र मैदानी, अर्ध-पहाड़ी, औद्योगिक और कृषि बेल्ट के मुद्दों से जुड़े हैं।
काठगोदाम-हल्द्वानी का व्यापारिक हब, लालकुआं का बड़ा रेलवे जंक्शन व पेपर मिल उद्योग और रामनगर में विश्व प्रसिद्ध जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क का पर्यटन आधार यहां के स्थानीय आर्थिक और चुनावी समीकरणों को सीधा प्रभावित करता है।
नैनीताल जिले की 6 विधानसभा सीटों का वर्तमान ब्योरा
1. लालकुआं विधानसभा सीट (संख्या-56) यह क्षेत्र अपने प्रमुख रेलवे जंक्शन, परिवहन नेटवर्क और बड़ी औद्योगिक इकाइयों (जैसे पेपर मिल) के लिए जाना जाता है। तराई और भाबर के मिले-जुले मतदाताओं वाली इस सीट पर वर्तमान में भारतीय जनता पार्टी के डॉ. मोहन सिंह बिष्ट विधायक हैं।
2. भीमताल विधानसभा सीट (संख्या-57) झीलों, प्राकृतिक नजारों और पर्यटन के साथ-साथ बागवानी व कृषि के लिए प्रसिद्ध भीमताल एक महत्वपूर्ण पर्वतीय सीट है। यहां से वर्तमान में भाजपा के राम सिंह कैड़ा विधानसभा में क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।
3. नैनीताल – SC विधानसभा सीट (संख्या-58) अनुसूचित जाति (SC) के लिए आरक्षित यह सीट विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल नैनीताल नगर और आसपास के पर्वतीय अंचलों को समेटे हुए है। वर्तमान में भाजपा की वरिष्ठ नेत्री सरिता आर्या यहां से विधायक हैं।
4. हल्द्वानी विधानसभा सीट (संख्या-59) कुमाऊं का प्रवेश द्वार और सबसे बड़ा व्यापारिक व शैक्षणिक केंद्र मानी जाने वाली हल्द्वानी सीट जिले में कांग्रेस का सबसे मजबूत गढ़ साबित हुई है। 2022 के चुनाव में विपरीत सियासी हवा के बावजूद कांग्रेस के सुमित हृदयेश ने यहां से जीत दर्ज की और वर्तमान में वह यहां से विधायक हैं।
5. कालाढूंगी विधानसभा सीट (संख्या-60) यह निर्वाचन क्षेत्र मैदानी और पहाड़ी दोनों भौगोलिक क्षेत्रों को आपस में जोड़ता है। प्रकृति प्रेमी जिम कॉर्बेट की ऐतिहासिक विरासत से जुड़े इस क्षेत्र का प्रतिनिधित्व वरिष्ठ भाजपा नेता और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष बंशीधर भगत कर रहे हैं।
6. रामनगर विधानसभा सीट (संख्या-61) जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क का मुख्य द्वार होने के कारण यह क्षेत्र अंतरराष्ट्रीय पर्यटन और आजीविका का बड़ा केंद्र है। तराई, ग्रामीण और वन क्षेत्र से जुड़े इस विधानसभा क्षेत्र से वर्तमान में भाजपा के दीवान सिंह बिष्ट विधायक हैं।
2027 की सियासी जंग: क्या बदलेगा 5-1 का समीकरण?
वर्तमान में नैनीताल जिले की 6 विधानसभा सीटों में से 5 पर भाजपा और 1 पर कांग्रेस काबिज है। 2027 के चुनाव में भाजपा के सामने अपने इस मजबूत गढ़ और 5 सीटों की बढ़त को बरकरार रखने की सबसे बड़ी चुनौती होगी।
वहीं, कांग्रेस हल्द्वानी की जीत को आधार बनाकर बाकी 5 सीटों पर अपनी खोई हुई जमीन वापस पाने के लिए संगठन को सक्रिय करने में जुटी है। इसके साथ ही, पिछले चुनाव में कुछ सीटों पर तीसरे स्थान पर रही आम आदमी पार्टी (AAP) और निर्दलीय प्रत्याशियों की सक्रियता भी आगामी चुनाव में मुकाबला त्रिकोणीय बनाने या प्रमुख दलों के वोट बैंक में सेंध लगाने का काम कर सकती है।

