टुंडला विधानसभा सीट का चुनावी इतिहास और जातीय समीकरण

फिरोजाबाद जिले की महत्वपूर्ण टुंडला विधानसभा सीट (Tundla Assembly Seat) पर आगामी 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी बिसात बिछने लगी है। विधानसभा क्षेत्र संख्या 95 वाली यह सीट अनुसूचित जाति (SC) के लिए आरक्षित है, लेकिन यहां हार और जीत का फैसला ओबीसी (OBC) और सामान्य वर्ग के मतदाता करते हैं। 2017 से लगातार टुंडला सीट पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) का कब्जा है। 2022 के विधानसभा चुनाव और 2024 के लोकसभा चुनाव दोनों में बीजेपी ने ही इस क्षेत्र से बाजी मारी है। आइए समझते हैं टुंडला का चुनावी इतिहास, 2022 और 2024 के नतीजे और यहां का दिलचस्प जातीय समीकरण।
टुंडला का चुनावी इतिहास: कभी सपा-बसपा का गढ़, अब बीजेपी का दबदबा
टुंडला विधानसभा सीट के इतिहास पर नजर डालें तो इस सीट पर सपा, बसपा और बीजेपी तीनों ही दलों ने समय-समय पर जीत दर्ज की है।
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कांग्रेस ने आखिरी बार 1985 में टुंडला सीट जीती थी।
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समाजवादी पार्टी (SP) ने पहली बार 1993 में इस सीट पर खाता खोला और आखिरी बार 2002 में यहां से जीत दर्ज की थी।
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बहुजन समाज पार्टी (BSP) ने 2007 और 2012 के विधानसभा चुनावों में टुंडला सीट पर लगातार दो बार जीत हासिल की थी।
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बीजेपी (BJP) ने इस सीट पर पहली बार 1996 में जीत दर्ज की थी। इसके बाद 2017 में बीजेपी ने वापसी की और 2022 में भी अपनी जीत को बरकरार रखा।
मतदाताओं की संख्या में गिरावट
चुनाव आयोग द्वारा 2026 में हुए मतदाता सूची पुनरीक्षण (SIR) के बाद टुंडला विधानसभा सीट पर मतदाताओं की संख्या घटी है। 2024 के लोकसभा चुनाव में टुंडला सीट पर 3,80,204 मतदाता थे, जो अब घटकर 3,61,452 रह गए हैं। यानी एसआईआर के बाद 18,752 मतदाता कम हुए हैं।
2022 विधानसभा चुनाव के नतीजे: बीजेपी की एकतरफा जीत 2022 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने प्रेमपाल सिंह धनगर को मैदान में उतारा था, जिन्होंने बड़ी जीत दर्ज की।
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बीजेपी (प्रेमपाल सिंह धनगर): 1,22,881 वोट (विजेता)
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सपा (राकेश बाबू): 75,190 वोट
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बसपा (अमर सिंह): 40,977 वोट
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कांग्रेस (योगेश दिवाकर): 1,949 वोट (वीएसआईपी से भी कम)
2022 में कैसा रहा था जातीय वोटिंग पैटर्न?
2022 में बीजेपी को बघेल, कुशवाहा, निषाद, ठाकुर, पंडित (ब्राह्मण), बनिया, लोधी और नाई समाज का एकतरफा वोट मिला। सपा के खाते में यादव और मुस्लिम वोट बैंक के साथ-साथ करीब 20 हजार एससी वोट और 15 हजार अन्य जातियों के वोट गए। वहीं, बसपा अपना 80 फीसदी कोर एससी वोट बचाने में सफल रही।
2024 लोकसभा चुनाव के नतीजे: घटे बीजेपी और बसपा के वोट
2024 के लोकसभा चुनाव में टुंडला विधानसभा क्षेत्र से बीजेपी ने जीत तो दर्ज की, लेकिन जीत का अंतर घट गया।
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बीजेपी: 1,07,422 वोट
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सपा: 90,226 वोट
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बसपा: 30,564 वोट
2024 में क्यों कम हुए बीजेपी के वोट?
2024 में वोटिंग पैटर्न में बदलाव देखने को मिला। 2022 में बीजेपी को एकतरफा वोट देने वाला बघेल समाज 2024 में सपा की ओर खिसक गया। इसके अलावा, बीजेपी को गैर-यादव ओबीसी में भी थोड़ा नुकसान हुआ। वहीं, सपा को बघेल, यादव और मुस्लिम वोट के साथ-साथ एससी समाज का भी 15-20 हजार वोट मिला। बसपा को अपने कोर वोट बैंक में करीब 10 हजार वोटों का नुकसान उठाना पड़ा।
टुंडला सीट का अनुमानित जातीय समीकरण
टुंडला सीट एससी और बघेल बहुल मानी जाती है, लेकिन यादव, ब्राह्मण, कुशवाहा और ठाकुर मतदाता बड़ी तादाद में हैं।
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एससी: 90 हजार
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बघेल: 45 हजार
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यादव: 40 हजार
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ठाकुर: 33 हजार
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ब्राह्मण: 30 हजार
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निषाद: 25 हजार
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कुशवाहा: 22 हजार
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मुस्लिम: 20 हजार
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नाई: 20 हजार
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लोधी: 14 हजार
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बनिया: 8 हजार
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प्रजापति: 5 हजार
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अन्य: 20 हजार
2027 का संभावित परिदृश्य
2024 के लोकसभा चुनाव में सपा के बढ़ते वोट बैंक और बीजेपी-बसपा के कम होते ग्राफ ने यह साफ कर दिया है कि 2027 के विधानसभा चुनाव में टुंडला सीट पर मुकाबला बेहद करीबी और दिलचस्प होने वाला है। ओबीसी और सामान्य वर्ग का वोट जिस भी करवट बैठेगा, टुंडला का ताज उसी के सिर सजेगा।

