लंदन में इस्राइली एंबेसी के पास मोजतबा खामेनेई के पेंटहाउस बिकने को तैयार

Mojtaba Khamenei
शालिनी तिवारी
शालिनी तिवारी

लंदन के सबसे पॉश इलाकों में शुमार केंसिंग्टन में स्थित दो लग्जरी पेंटहाउस बिक्री के लिए बाजार में उतारे गए हैं। ये संपत्तियां ईरान के सुप्रीम लीडर के बेटे मोजतबा खामेनेई के विदेशी धन नेटवर्क से जुड़ी बताई जा रही हैं। ‘द संडे टाइम्स’ की रिपोर्ट के मुताबिक, इन फ्लैट्स के रजिस्टर्ड मालिक और प्रतिबंधित ईरानी बैंकर अली अंसारी द्वारा मॉर्गेज (Mortgage) का भुगतान न करने पर इन्हें बेचा जा रहा है। साल 2014 और 2016 में इन दोनों फ्लैट्स को करीब 3.6 करोड़ पाउंड (लगभग 177 करोड़ रुपये) में खरीदा गया था।

इजराइली दूतावास के बेहद करीब, सुरक्षा पर उठे सवाल

केंसिंग्टन के 3a पैलेस ग्रीन स्थित इन फ्लैट्स की लोकेशन सुरक्षा के नजरिए से बेहद संवेदनशील है। यह इमारत इजराइली दूतावास से 50 मीटर से भी कम दूरी पर है। ‘द डेली मेल’ की रिपोर्ट बताती है कि फ्लैट से दूतावास का पिछला हिस्सा सीधे नजर आता है। इसके अलावा, ये फ्लैट्स केंसिंग्टन पैलेस के भी करीब हैं, जो प्रिंस विलियम और केट का आधिकारिक आवास है।

ईरानी विपक्षी चैनल ‘ईरान इंटरनेशनल’ के पूर्व सुरक्षा निदेशक और काउंटर-टेररिज्म विशेषज्ञ रोजर मैकमिलन ने चेतावनी दी कि इस ऊंचाई और नजदीकी से दूतावास के कर्मचारियों और वहां आने-जाने वालों की निगरानी की जा सकती है। उन्होंने कहा कि यहां से बाहरी बातचीत सुनने या नेटवर्क को निशाना बनाने जैसी जासूसी की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। फ्लैट्स के जरिए जासूसी किए जाने का कोई सीधा सुबूत नहीं मिला है। इजराइली दूतावास ने इस मामले में टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है।

70 लाख पाउंड के घाटे पर बिक रहा पहला पेंटहाउस

छठी और सातवीं मंजिल पर बने 3,944 वर्ग फुट के पहले डुप्लेक्स फ्लैट में पांच बेडरूम, स्टाफ क्वार्टर और केंसिंग्टन गार्डन की तरफ खुलने वाली एक प्राइवेट छत है। नाइट फ्रैंक और सोथबी इंटरनेशनल रियल्टी इसे 1.2 करोड़ पाउंड से थोड़े कम दाम पर बेच रहे हैं। अली अंसारी ने इसे 2016 में 1.9 करोड़ पाउंड में खरीदा था। इसका मतलब है कि यह फ्लैट अपनी खरीद कीमत से 70 लाख पाउंड कम पर बेचा जा रहा है।

दूसरा पेंटहाउस इसी इमारत की सातवीं और आठवीं मंजिल पर है। इसे अंसारी ने 2014 में 1.67 करोड़ पाउंड में खरीदा था। इसे अभी सार्वजनिक रूप से लिस्ट नहीं किया गया है, इसलिए इसकी मौजूदा कीमत सामने नहीं आई है।

खामेनेई से कैसे जुड़े हैं फ्लैट्स के तार?

कागजों में इन संपत्तियों का मालिकाना हक अली अंसारी के नाम पर है। ब्लूमबर्ग की एक इन्वेस्टिगेशन रिपोर्ट में सामने आया था कि लंदन और अन्य जगहों पर संपत्तियों का एक बड़ा नेटवर्क शेल कंपनियों (Shell Companies) और करीबियों के जरिए मोजतबा खामेनेई से जुड़ा है। ‘द इवनिंग स्टैंडर्ड’ ने दावा किया था कि अंसारी ने ये फ्लैट्स खामेनेई की तरफ से ही खरीदे थे।

जुलाई में अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने अंसारी को खामेनेई का मुख्य फाइनेंसर बताते हुए प्रतिबंधित कर दिया था। उन पर ईरान के शासक वर्ग के लिए एक अंतरराष्ट्रीय संपत्ति नेटवर्क चलाने का आरोप है। ब्रिटेन ने भी इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) को वित्तीय मदद देने के आरोप में अंसारी पर प्रतिबंध लगाए हुए हैं। उधर, अंसारी के वकील ने खामेनेई या IRGC से किसी भी तरह के वित्तीय संबंध होने से इनकार किया है। उनका कहना है कि वे ब्रिटिश प्रतिबंधों को चुनौती देंगे।

कर्ज चुकाने के बाद सीज रहेगी बची हुई रकम

इन संपत्तियों के ब्रोशर्स या सेल्स मटेरियल में खामेनेई या ईरान का कोई जिक्र नहीं है। इसमें सिर्फ यह जानकारी दी गई है कि संपत्ति ‘रिसीवरशिप’ में है और एजेंटों के पास इसके बारे में पूरी जानकारी नहीं है।

ब्रिटिश सरकार ने निजी कर्जदाताओं द्वारा बकाया वसूलने के लिए रिसीवर नियुक्त किए जाने के बाद इस बिक्री को मंजूरी दी है। फ्लैट्स की बिक्री से मिलने वाली रकम से सबसे पहले कर्ज और बिक्री का खर्च चुकाया जाएगा। इसके बाद जो भी पैसा बचेगा, वह तब तक फ्रीज रहेगा जब तक अंसारी पर लगे अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंध लागू हैं। स्टाफ के मुताबिक, फ्लैट खरीदे जाने के बाद से अंसारी या खामेनेई को कभी यहां नहीं देखा गया।