‘दूसरों को उपदेश न दे पाकिस्तान’, UN में महिमा कुमारी मेवाड़ का तीखा जवाब

संयुक्त राष्ट्र महासभा की चौथी समिति में भारत ने एक बार फिर पाकिस्तान के दुष्प्रचार और भ्रामक दावों पर तीखा ऐतराज जताया है। ‘उपनिवेशवाद के उन्मूलन’ विषय पर आयोजित चर्चा के दौरान भारत ने अपने ‘उत्तर देने के अधिकार’ (Right of Reply) का उपयोग करते हुए मंच के दुरुपयोग पर पाकिस्तान को घेरा। भारत की ओर से जवाब देते हुए सांसद महिमा कुमारी मेवाड़ ने स्पष्ट किया कि केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न और अटूट हिस्सा है और हमेशा रहेगा।
चौथी समिति विशेष राजनीतिक मुद्दों और उपनिवेशवाद के उन्मूलन से जुड़े मामलों पर विचार करती है। इसी बैठक में पाकिस्तान की ओर से कश्मीर को लेकर दिए गए बयान पर भारत ने कड़ी आपत्ति दर्ज कराई।
‘सैन्य तानाशाही और चुनावों में धांधली का इतिहास’
सांसद महिमा कुमारी मेवाड़ ने मंच से पाकिस्तान के राजनीतिक और लोकतांत्रिक ट्रैक रिकॉर्ड पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा, “पाकिस्तान का सैन्य तानाशाही, चुनावों में धांधली, लोकप्रिय निर्वाचित नेताओं को जेल में डालने, धार्मिक कट्टरपंथ और राज्य की नीति के तौर पर आतंकवाद को बढ़ावा देने का पुराना इतिहास रहा है।”
मेवाड़ ने कहा कि ऐसे रिकॉर्ड वाले देश को भविष्य में इस वैश्विक मंच पर खड़े होकर दूसरे देशों को उपदेश देने या ज्ञान बांटने से पूरी तरह बचना चाहिए।
अवैध कब्जे वाले इलाकों में दमन और मानवाधिकार उल्लंघन का मुद्दा
भारतीय पक्ष ने पाकिस्तान से उसके अवैध कब्जे वाले क्षेत्रों में जारी गंभीर मानवाधिकार उल्लंघनों को तत्काल प्रभाव से रोकने का आह्वान किया। भारत ने रेखांकित किया कि इन क्षेत्रों की आम जनता अब पाकिस्तानी सेना की ज्यादतियों, दमन, बर्बरता और स्थानीय संसाधनों के अवैध दोहन के खिलाफ खुलकर सड़कों पर उतर रही है और विद्रोह कर रही है।
सांसद मेवाड़ के मुताबिक, पिछले कुछ महीनों में पाकिस्तानी सशस्त्र बलों और उनके छद्म (प्रॉक्सी) संगठनों ने बुनियादी अधिकारों, व्यक्तिगत स्वतंत्रताओं और आवश्यक नागरिक सुविधाओं की मांग कर रहे कई निर्दोष नागरिकों की जान ली है।
15 सांसदों के प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा हैं मेवाड़
महिमा कुमारी मेवाड़ भारतीय सांसदों के उस 15 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल में शामिल हैं, जो संयुक्त राष्ट्र की कार्यप्रणाली को समझने के लिए इस सप्ताह की शुरुआत में न्यूयॉर्क पहुंचा था। अपनी इस यात्रा के दौरान भारतीय सांसदों ने संयुक्त राष्ट्र की कई आधिकारिक बैठकों और गतिविधियों में भाग लिया है। प्रतिनिधिमंडल ने न्यूयॉर्क स्थित भारत के महावाणिज्य दूतावास द्वारा आयोजित एक विशेष स्वागत समारोह में भारतीय समुदाय के लोगों से भी संवाद किया।

