मनीष सोनी हत्याकांड पर आमेर में गुस्सा, बाजार बंद; बुलडोजर एक्शन की मांग

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अजमल शाह
अजमल शाह

जयपुर के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल आमेर में सोमवार को जीप चालक के हमले में घायल हुए गाइड मनीष सोनी की मौत के बाद भारी तनाव फैल गया है। सवाई मानसिंह (SMS) अस्पताल में इलाज के दौरान मनीष के दम तोड़ने की खबर जैसे ही कस्बे में पहुंची, लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। घटना के विरोध में स्थानीय लोगों ने बाजार बंद करवा दिए हैं और प्रशासन से आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

पर्यटन और हाथी सवारी पूरी तरह ठप

गाइड की मौत से नाराज लोगों ने आमेर कस्बे की सभी दुकानें बंद करवा दीं और प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने आमेर महल की ओर जाने वाले मुख्य रास्ते को ब्लॉक कर दिया, जिससे विश्व प्रसिद्ध हाथी सवारी और पर्यटकों की आवाजाही रोकनी पड़ी। अचानक हुए इस विरोध प्रदर्शन के कारण पर्यटन कारोबार पर सीधा असर पड़ा है और पर्यटकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। एहतियात के तौर पर प्रशासन ने इलाके के स्कूलों को भी बंद करवा दिया है।

मावठा सरोवर के पास हुआ था विवाद

जानकारी के मुताबिक, सोमवार को आमेर के मावठा सरोवर क्षेत्र में किसी बात को लेकर एक जीप चालक और गाइड मनीष सोनी के बीच तीखी बहस हुई थी। विवाद इतना बढ़ गया कि जीप चालक ने मनीष पर चाकू से जानलेवा हमला कर दिया। गंभीर हालत में मनीष को एसएमएस अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। मौत के बाद पुलिस ने इस मामले को हत्या की धारा में तब्दील कर दिया है।

1 करोड़ मुआवजा और बुलडोजर एक्शन की मांग

घटना के बाद पीड़ित परिवार और स्थानीय लोग सड़क पर उतर आए हैं। उनकी सबसे बड़ी मांग है कि आरोपी के घर पर बुलडोजर से कार्रवाई की जाए। इसके अलावा, प्रशासन को सौंपे गए ज्ञापन में पीड़ित परिवार को 1 करोड़ रुपये का आर्थिक मुआवजा, एक आश्रित को सरकारी नौकरी और डेयरी बूथ आवंटित करने की मांग रखी गई है। स्थानीय लोगों ने आमेर क्षेत्र में अवैध और अनाधिकृत रूप से चल रही जीपों पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाने और आपराधिक रिकॉर्ड वाले असामाजिक तत्वों पर पुलिस एक्शन की भी मांग उठाई है।

चप्पे-चप्पे पर भारी पुलिस बल तैनात

आमेर में बढ़ती भीड़ और तनावपूर्ण हालात को देखते हुए भारी पुलिस जाप्ता तैनात किया गया है। पुलिस के आला अधिकारी खुद मौके पर मौजूद हैं और चप्पे-चप्पे पर निगरानी रखी जा रही है। प्रशासन का पूरा जोर इलाके में कानून-व्यवस्था को नियंत्रण में रखने पर है और लोगों से लगातार शांति बनाए रखने की अपील की जा रही है।