युद्ध में भी नहीं रुका उत्पादन, ईरान बोला- मिसाइल और ड्रोन लगातार बन रहे

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सैयद सरवर हुसैन - कंट्री हेड- ईरान
सैयद सरवर हुसैन – कंट्री हेड- ईरान

तेहरान: ईरानी सेना ने नवनिर्मित आक्रामक और रक्षात्मक हथियारों का एक विशाल जखीरा जुटाने का दावा किया है। सेना के अनुसार, हालिया युद्ध के दौरान उन्नत मिसाइलों और ड्रोन्स के जिस सघन उत्पादन की शुरुआत हुई थी, वह अब और भी तेज गति से आगे बढ़ रहा है।

ईरानी सेना के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल मोहम्मद अकरमीनिया ने ‘फार्स न्यूज एजेंसी’ को दिए एक इंटरव्यू में सेना की युद्धक तैयारियों की जानकारी दी। उन्होंने इसे देश की स्वदेशी प्रतिरोधक क्षमता में एक महत्वपूर्ण बढ़त करार दिया है।

युद्ध के दौरान भी नहीं रुका हथियारों का उत्पादन

सैन्य उपकरणों की उपलब्धता पर बात करते हुए जनरल अकरमीनिया ने बताया कि 40 दिनों के युद्ध के दौरान भी अत्याधुनिक सैन्य साजो-सामान का घरेलू उत्पादन कभी बंद नहीं हुआ।

जनरल अकरमीनिया ने कहा, “40 दिनों के (रमजान) युद्ध के दौरान मिसाइलों और ड्रोन्स सहित नए रक्षात्मक व आक्रामक उपकरणों का रोजाना उत्पादन किया जा रहा था। आज इनका उत्पादन और भी अधिक तीव्रता के साथ जारी है।” उन्होंने दावा किया कि वर्तमान में इन आधुनिक हथियारों का एक बड़ा स्टॉक ईरानी सेना के पास उपलब्ध है और सेना साजो-सामान के मामले में पूरी तरह तैयार है।

मैदान में तैनात किए गए नए सिस्टम, सही समय पर होगा खुलासा

सेना के प्रवक्ता ने जानकारी दी कि सेना पहले ही इनमें से कुछ नई प्रणालियों को फील्ड में तैनात कर चुकी है। उन्होंने कहा कि उपयुक्त समय आने पर और आवश्यकता पड़ने पर इन रक्षा प्रणालियों को आधिकारिक तौर पर मीडिया के सामने सार्वजनिक किया जाएगा।

‘दुश्मन की कमजोरियों का पता चला’

हथियारों के अलावा जनरल अकरमीनिया ने अमेरिकी और इजरायली हमलों के दौरान ईरानी बलों द्वारा हासिल किए गए सामरिक अनुभव को रेखांकित किया। उनके मुताबिक, इस टकराव ने सशस्त्र बलों को एक वास्तविक परीक्षण का मौका दिया, जिससे वे अपनी प्रणालियों का मूल्यांकन करने के साथ-साथ विरोधियों की कमियों को भी समझ सके।

जनरल अकरमीनिया ने कहा, “हमने अच्छा अनुभव हासिल किया है और यह समझ लिया है कि दुश्मन की कमजोरियां कहां और किस रूप में हैं। इसके अलावा, दुश्मन का मुकाबला करने को लेकर हमारे बलों का आत्मविश्वास काफी बढ़ गया है।”

प्रतिबंधों और साइबर हमलों के बावजूद आपूर्ति जारी

सेना का यह बयान सैन्य क्षेत्र में ईरान की दशकों पुरानी आत्मनिर्भरता की रणनीति से जुड़ा हुआ है। अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों और अमेरिका व इजरायल की ओर से तोड़फोड़ तथा साइबर हमलों के प्रयासों के बावजूद, ईरानी रक्षा उद्योग ने न केवल अपनी आपूर्ति श्रृंखला (सप्लाई चेन) को बरकरार रखा है, बल्कि युद्ध की स्थिति के दौरान अपने उत्पादन की रफ्तार को भी बढ़ाया है।