क्राकाटोआ में विस्फोट, 50 हजार फीट तक पहुंची राख; 23 हजार यात्री प्रभावित

Indonesia Volcano
साक्षी चतुर्वेदी
साक्षी चतुर्वेदी

इंडोनेशिया के जावा और सुमात्रा द्वीपों के बीच सुंडा स्ट्रेट (Sunda Strait) में स्थित माउंट अनाक क्राकाटोआ (Mount Anak Krakatoa) ज्वालामुखी में रविवार तड़के भयानक विस्फोट हुआ है। इस प्राकृतिक आपदा के बाद आसमान में 50,000 फीट की ऊंचाई तक राख और धुएं का गुबार छा गया है, जिसने हवाई यातायात और स्थानीय जनजीवन को बुरी तरह से प्रभावित किया है।

हवाई यातायात ठप, 170 विमानों का लगा जमावड़ा

आसमान में राख फैलने और जीरो विजिबिलिटी के कारण एविएशन सेक्टर पर भारी असर पड़ा है:

  • जकार्ता के सुकर्णो-हट्टा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से घरेलू और अंतरराष्ट्रीय मिलाकर कुल 209 उड़ानें रोक दी गई हैं।

  • रनवे पर करीब 170 विमान खड़े हैं और 23,000 यात्री एयरपोर्ट पर फंस गए हैं।

  • सिंगापुर, हांगकांग, सिडनी, सियोल, दोहा और कुआलालंपुर जाने वाली प्रमुख अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द कर दी गई हैं।

विस्फोट का खौफनाक मंजर और राख के गुबार

शनिवार से ही इस ज्वालामुखी से धुआं निकल रहा था, लेकिन रविवार सुबह 3:53 बजे इसमें 30 सेकंड तक लगातार भीषण विस्फोट हुए। इसके परिणामस्वरूप राख के दो विशालकाय गुबार निकले:

  • पहला गुबार: 20,000 फीट (6 किलोमीटर) की ऊंचाई तक पहुंचा और जकार्ता व पश्चिमी जावा की ओर बढ़ा।

  • दूसरा गुबार: 50,000 फीट (15 किलोमीटर) की ऊंचाई तक गया और हिंद महासागर के ऊपर फैल गया।

सरकार की सख्त एडवाइजरी और अलर्ट

ज्वालामुखी से निकला उबलता लावा आसपास के वन क्षेत्र को नष्ट कर रहा है। हालांकि अभी तक किसी जनहानि की सूचना नहीं है, लेकिन प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। गौरतलब है कि 2018 में इसी ज्वालामुखी में हुए विस्फोट के कारण आई सुनामी में 430 लोगों की जान गई थी।

  • सुरक्षा उपाय: लोगों को लावे से कम से कम 3 किलोमीटर दूर रहने के निर्देश दिए गए हैं।

  • स्वास्थ्य चेतावनी: राख गिरने वाले इलाकों में मास्क पहनने, आंखों को सुरक्षित रखने और घरों से कम निकलने की सलाह दी गई है।

  • प्रतिबंध: स्कूलों ने सभी आउटडोर एक्टिविटीज बंद कर दी हैं और मछुआरों के समुद्र में जाने पर रोक लगा दी गई है। आंखों में जलन की शिकायत के साथ कई लोग अस्पतालों का रुख कर रहे हैं।