UP-बिहार में मानसून का कहर, नदियां उफान पर और पहाड़ों पर लैंडस्लाइड

आमतौर पर 15 सितंबर तक दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी हो जाती है, लेकिन इस बार उत्तर और पूर्वी भारत में यह 8 सितंबर तक पूरी तरह सक्रिय है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने इस हफ्ते देश के कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। लगातार हो रही मानसून की बारिश से जहां एक तरफ लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिली है, वहीं असम, गुजरात, मध्य प्रदेश और बिहार में बाढ़, लैंडस्लाइड और फ्लैश फ्लड ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। इन राज्यों में भारी बारिश के चलते जान-माल का नुकसान भी दर्ज किया गया है।
लो प्रेशर एरिया से यूपी-बिहार में आफत
IMD के मुताबिक, उत्तर प्रदेश के मध्य हिस्सों में बने लो प्रेशर एरिया और मानसून ट्रफ के कारण उत्तर भारत में बारिश का दौर नहीं थम रहा है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 20 सेंटीमीटर से ज्यादा बारिश रिकॉर्ड की गई है, जिसमें सबसे ज्यादा पानी बरेली में बरसा है। वहीं, उत्तराखंड, पूर्वी उत्तर प्रदेश और बिहार के कुछ इलाकों में 12 से 20 सेंटीमीटर बारिश दर्ज की गई है। लगातार बारिश और नेपाल में ग्लेशियर फटने के कारण बिहार और उत्तर प्रदेश की नदियों में भारी उफान है।
पहाड़ों पर लैंडस्लाइड, हाइवे ब्लॉक
पहाड़ी राज्यों में रुक-रुक कर हो रही बारिश के कारण मलबा गिरने और लैंडस्लाइड की घटनाएं बढ़ गई हैं। उत्तराखंड में पत्थरों और मलबों की वजह से कई सड़कें ब्लॉक हैं। हिमाचल प्रदेश में भी शिमला से किन्नौर जाने वाले नेशनल हाईवे-5 पर भारी लैंडस्लाइड हुआ है, जिससे आवाजाही बुरी तरह प्रभावित हुई है।
महाराष्ट्र के अंबोली में चेरापूंजी से ज्यादा बारिश
महाराष्ट्र के अंबोली इलाके में इस बार मानसून ने रिकॉर्ड तोड़ दिया है। यहां मेघालय के चेरापूंजी से भी ज्यादा पानी बरसा है। अगस्त 2026 तक अंबोली में 250 इंच बारिश दर्ज की जा चुकी है। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगर सितंबर 2026 में भी इसी तरह बारिश जारी रही, तो यह आंकड़ा 400 इंच के रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच सकता है।
पूर्वी और पूर्वोत्तर राज्यों में येलो अलर्ट
दक्षिण-पश्चिम मानसून के आखिरी दौर में कई मौसमी सिस्टम एक-दूसरे को प्रभावित कर रहे हैं। उत्तर-पूर्वी बिहार में एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन और दो पश्चिमी विक्षोभ भी सक्रिय हैं। इसे देखते हुए मौसम विभाग ने पूर्वी मध्य प्रदेश, पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल, ओडिशा और पूर्वोत्तर राज्यों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। 9 सितंबर तक इन राज्यों के साथ-साथ छत्तीसगढ़, झारखंड और उत्तराखंड में भारी बारिश का अनुमान है। वहीं, दक्षिण भारत के केरल में गर्मी और उमस बढ़ सकती है, जबकि तेलंगाना में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है।
