हैवान मूवी रिव्यू: प्रियदर्शन की थ्रिलर में कैसी रही सैफ-अक्षय की जोड़ी?

मलयालम सिनेमा की ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘दृश्यम’ के हिंदी रीमेक की चर्चाओं के बीच, निर्देशक प्रियदर्शन अपनी एक और चर्चित फिल्म ‘ओप्पम’ के हिंदी रीमेक ‘हैवान’ के साथ सिनेमाघरों में लौट आए हैं। इस फिल्म की सबसे बड़ी यूएसपी यह है कि इसके जरिए बॉलीवुड के दिग्गज कलाकार सैफ अली खान और अक्षय कुमार पूरे 18 साल बाद एक बार फिर साथ नजर आए हैं।
क्या है फिल्म की कहानी?
फिल्म की कहानी मुंबई की एक पॉश सोसायटी के नेत्रहीन मेंटेनेंस मैनेजर श्याम राणे (सैफ अली खान) के इर्द-गिर्द घूमती है। श्याम की आंखें भले ही नहीं हैं, लेकिन उसके अन्य सेंस इतने मजबूत हैं कि वह सब कुछ भांप लेता है। वह बच्चों को वायलिन और कुश्ती भी सिखाता है। सोसायटी के रिटायर्ड चीफ जस्टिस प्रधान (बोमन ईरानी) का वह बेहद करीबी है और उनकी बेटी से जुड़ा एक राज सिर्फ श्याम ही जानता है। कहानी में मोड़ तब आता है जब परशुराम गोखले (अक्षय कुमार) नामक कैदी जज प्रधान की जान के पीछे पड़ जाता है और एक दिन जज की हत्या हो जाती है। सारा शक श्याम पर आता है, जिसके बाद उसे खुद को बेकसूर साबित करने और एक बच्ची की जान बचाने की जंग लड़नी पड़ती है।
एक्टिंग और निर्देशन
निर्देशक प्रियदर्शन ने इस फिल्म में थ्रिलर का रोमांच पैदा करने की पूरी कोशिश की है। सैफ अली खान ने अपने चुनौतीपूर्ण और जटिल किरदार को निभाने के लिए काफी मेहनत की है और कई दृश्यों में वे बेहद प्रभावी भी लगते हैं। वहीं, नेगेटिव रोल में अक्षय कुमार अपनी स्टारपावर तो जोड़ते हैं, लेकिन उनकी एक्टिंग में नयापन नहीं दिखता और वे खुद को दोहराते हुए नजर आते हैं।
सहायक भूमिकाओं में असरानी, बोमन ईरानी, राजपाल यादव और शारिब हाशमी ने अपने किरदारों को बखूबी निभाया है। हालांकि, फिल्म की पटकथा (Screenplay) में कुछ ऐसी कमियां हैं जिन्हें आज के दौर में नजरअंदाज करना मुश्किल है, जैसे एक पॉश सोसायटी में नेत्रहीन व्यक्ति को मेंटेनेंस मैनेजर रखना और उसके पास बच्चों को ट्रेनिंग देने का समय होना। फिल्म का स्क्रीनप्ले थोड़ा लंबा खिंच गया है, जिससे थ्रिलर का रोमांच कई जगहों पर धीमा पड़ जाता है।
यदि आप प्रियदर्शन की थ्रिलर फिल्मों के शौकीन हैं और बड़े पर्दे पर सैफ अली खान तथा अक्षय कुमार की जोड़ी को एक बार फिर साथ देखना चाहते हैं, तो यह फिल्म आपके लिए एक बार देखने लायक हो सकती है।
क्रिटिक रेटिंग: 2.5/5
