Flydubai हमले के आरोपी के LinkedIn पर अल-कायदा से जुड़े चेहरे

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Saima Siddiqui
Saima Siddiqui

दुबई से इजरायल के तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई (Flydubai) की फ्लाइट FZ1073 में भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार पर जानलेवा हमला कर विमान को क्रैश करने की कोशिश करने वाले को-पायलट की पूरी पहचान अब दुनिया के सामने आ गई है। वॉल स्ट्रीट जर्नल और सीएनएन की रिपोर्ट्स के मुताबिक, हमलावर को-पायलट का नाम हमाम अलहममी (Hamam Alhamami) है।

अलहममी की कट्टरपंथी विचारधारा और उग्रवादी इतिहास को लेकर कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि जिस व्यक्ति पर ओमान ने उड़ान भरने पर रोक लगा रखी थी, उसे फ्लाईदुबई जैसी एयरलाइन ने नौकरी पर कैसे रख लिया?

कौन है हमाम अलहममी? सीरिया में हुआ ‘ब्रेनवॉश’

हमाम अलहममी का जन्म संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में हुआ था, लेकिन उसके पिता ओमानी नागरिक और मां सीरियाई मूल की हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, अलहममी ने अपनी जिंदगी का ज्यादातर समय ओमान से बाहर, विशेष रूप से सीरिया में बिताया है।

जांच एजेंसियों का मानना है कि सीरिया में रहने के दौरान ही वह कथित तौर पर उग्रवादी और जिहादी विचारों से अत्यधिक प्रभावित हुआ और उसका ‘ब्रेनवॉश’ किया गया।

ओमान एयरलाइन ने उड़ान भरने पर लगा दी थी रोक

अलहममी का कट्टरपंथी रवैया कोई नई बात नहीं थी।

  • साल 2024 में जब वह ‘ओमान एयर’ (Oman Air) के लिए को-पायलट ट्रेनी के तौर पर काम कर रहा था, तब सुरक्षा जांच के दौरान उसके पास से कुछ आपत्तिजनक और कट्टरपंथी सामग्री बरामद हुई थी।

  • इस गंभीर खुलासे के बाद ओमान की नेशनल एयरलाइन ने तुरंत उसे उड़ान ड्यूटी (Flying Duty) से हटा दिया था।

  • हालांकि, उसे एयरलाइन से पूरी तरह बर्खास्त करने के बजाय एडमिनिस्ट्रेटिव (प्रशासनिक) विभाग में काम करने की अनुमति दी गई थी, लेकिन उसे विमान उड़ाने की सख्त मनाही थी।

बैन के बावजूद फ्लाईदुबई ने दी नौकरी और संवेदनशील रूट

इस मामले की सबसे बड़ी लापरवाही फ्लाईदुबई एयरलाइन (Flydubai) की तरफ से सामने आई है। ओमान एयरलाइन द्वारा स्पष्ट रूप से ब्लैकलिस्ट या बैन किए जाने के बावजूद:

  1. फ्लाईदुबई ने अलहममी को को-पायलट के तौर पर नौकरी दे दी।

  2. सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक, वह पिछले महज 8 महीनों से फ्लाईदुबई के साथ काम कर रहा था।

  3. सबसे बड़ी चूक यह रही कि उसे यूएई और इजरायल (तेल अवीव) को जोड़ने वाले अति-संवेदनशील और रणनीतिक हवाई रूट पर उड़ान भरने की इजाजत दे दी गई।

रिपोर्ट्स स्पष्ट करती हैं कि अलहममी का मुख्य मकसद फ्लाईदुबई के इस विमान को हाईजैक कर इजरायल की सीमा में किसी बड़ी तबाही के इरादे से क्रैश करना था।

‘अल-कायदा’ की विचारधारा से था प्रभावित, यूएई में चल रही जांच

विमान की सऊदी अरब में सुरक्षित इमरजेंसी लैंडिंग के बाद अलहममी को गिरफ्तार कर लिया गया था और अब उसे यूएई को सौंप दिया गया है। वहां उसके खिलाफ आतंकवाद से जुड़ी कड़ी जांच चल रही है।

इजरायली मीडिया (चैनल 12) की एक रिपोर्ट के मुताबिक, शुरुआती जांच में संकेत मिले हैं कि अल-हमामी कट्टरपंथी आतंकी संगठन ‘अल-कायदा’ (Al-Qaeda) की विचारधारा से गहराई से प्रेरित था। जांच एजेंसियों ने पाया है कि उसने हाल ही में कुछ धार्मिक कट्टरपंथियों से मुलाकातें भी की थीं, जो उसके ‘सुसाइड मिशन’ की प्रक्रिया का अहम हिस्सा मानी जा रही हैं। अधिकारी अब उसके अंतरराष्ट्रीय संपर्कों और स्लीपर सेल के नेटवर्क को खंगाल रहे हैं।