EPFO Wage Ceiling Hike: नई ₹25,000 लिमिट से पेंशन पर क्या पड़ेगा असर?

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हुसैन सैफी
हुसैन सैफी

सरकार ने कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) की वेज सीलिंग (Wage Ceiling) को 15,000 रुपये से बढ़ाकर 25,000 रुपये करने को मंजूरी दे दी है। इस फैसले से करीब 51 लाख से अधिक नए कर्मचारी सीधे तौर पर ईपीएफओ के दायरे में आ जाएंगे। वेतन की यह सीमा बढ़ने का सीधा असर कर्मचारियों के प्रोविडेंट फंड (PF) के साथ-साथ एम्प्लॉइज पेंशन स्कीम (EPS) के तहत मिलने वाली मंथली पेंशन की गणना पर पड़ेगा।

सर्विस के वर्षों के हिसाब से समझिए पेंशन का नया गणित

ईपीएफओ की नई वेज सीलिंग लागू होने से कर्मचारियों की मंथली पेंशन में बड़ा इजाफा होगा। अलग-अलग वर्षों की सर्विस के आधार पर पेंशन में होने वाली बढ़ोतरी के आंकड़े इस प्रकार हैं:

  • 10 साल की नौकरी: पहले 2,143 रुपये पेंशन बनती थी, जो अब बढ़कर 3,571 रुपये हो जाएगी। इस तरह हर महीने 1,429 रुपये का फायदा होगा।

  • 15 साल की सर्विस: पेंशन 3,214 रुपये से बढ़कर 5,357 रुपये हो जाएगी।

  • 20 साल की सर्विस: 20 साल या उससे ज्यादा नौकरी करने पर 2 साल का एक्स्ट्रा सर्विस बोनस मिलता है। इस हिसाब से 20 साल की सर्विस पर 22 साल का कैलकुलेशन बनेगा और पेंशन 4,714 रुपये से बढ़कर सीधे 7,857 रुपये हो जाएगी।

  • 25 साल की नौकरी: 27 साल के हिसाब से गणना होगी और पेंशन 5,786 रुपये के मुकाबले 9,643 रुपये मिलेगी।

  • 30 साल की सर्विस: इसमें 32 साल का हिसाब लगेगा। पेंशन 6,857 रुपये से उछलकर सीधे 11,429 रुपये पर पहुंच जाएगी, जिससे हर महीने 4,571 रुपये की बड़ी बढ़त देखने को मिलेगी।

क्या है EPS पेंशन का फॉर्मूला?

ईपीएस पेंशन निकालने का फॉर्मूला सीधा है। इसके लिए आपकी पेंशन योग्य सैलरी (Pensionable Salary) को आपकी सर्विस के सालों से गुणा किया जाता है और फिर 70 से भाग (Divide) दिया जाता है।

पेंशन योग्य सैलरी का मतलब नौकरी छोड़ने से पहले के आखिरी 60 महीनों की औसत बेसिक सैलरी और महंगाई भत्ता (DA) होता है। ईपीएफओ के नियमों के मुताबिक, जो कर्मचारी 20 साल या उससे ज्यादा समय तक नौकरी करते हैं, उन्हें 2 साल का सर्विस बोनस दिया जाता है। उदाहरण के लिए, 30 साल नौकरी करने वाले कर्मचारी की कुल पेंशन योग्य सर्विस 32 साल मानी जाती है।

क्या पुराने पेंशनर्स को भी मिलेगा लाभ?

वेज सीलिंग बढ़ने का अर्थ यह नहीं है कि पुराने सभी रिटायर्ड कर्मचारियों की पेंशन अपने आप बढ़ जाएगी। सरकार का यह फैसला मुख्य रूप से वेज लिमिट बढ़ाकर कवरेज का दायरा चौड़ा करने के लिए है।

इस बढ़ोतरी का लाभ उन्हीं कर्मचारियों को मिलेगा, जिनका पेंशन योग्य वेतन इस नई सीमा के तहत गिना जाएगा। श्रम और रोजगार मंत्रालय और ईपीएफओ जल्द ही इस संबंध में जरूरी नियम और दिशा-निर्देश जारी करेंगे। इसके बाद हर व्यक्ति की सर्विस और सैलरी रिकॉर्ड के आधार पर तय किया जाएगा कि किसे इस नई व्यवस्था का कितना फायदा मिलेगा।