Web 2.0 और Industry 4.0: 2.0 में ‘Zero’ होता है या ‘O’? जानें सही मतलब

2.O
शालिनी तिवारी
शालिनी तिवारी

नई दिल्ली: आजकल की डिजिटल दुनिया में आपने Web 2.0, Technology 3.0, Industry 4.0 या Education 4.0 जैसे शब्द अक्सर सुने और पढ़े होंगे। खास तौर पर टेक्नोलॉजी, बिजनेस, मीडिया और इंटरनेट से जुड़ी खबरों में इन शब्दों का इस्तेमाल आम हो गया है। लेकिन इन भारी-भरकम शब्दों को लिखते समय ज्यादातर लोग एक छोटी-सी, मगर बुनियादी गलती कर बैठते हैं। लोग 2.0 लिखते समय नंबर ‘जीरो’ (0) की जगह अंग्रेजी का अक्षर ‘O’ लिख देते हैं।

आइए समझते हैं कि इन शब्दों का असल मतलब क्या होता है और इन्हें लिखने का सही तरीका क्या है।

2.0 में ‘O’ नहीं, बल्कि ‘Zero’ (0) होता है

तकनीकी रूप से 2.0 में ‘O’ का कोई काम नहीं है। यहां हमेशा ‘Zero’ यानी 0 का इस्तेमाल होता है। इसलिए सही लिखावट 2.0 है, जबकि 2.O पूरी तरह गलत है। इसी तरह 3.0 और 4.0 में भी आखिर में संख्या जीरो (0) ही होती है, कोई अंग्रेजी का अक्षर नहीं।

2.0 का आखिर मतलब क्या है?

2.0 मूल रूप से किसी भी चीज के दूसरे बड़े ‘वर्जन’ (Version) या उसके नए चरण को दर्शाता है। इस टर्म का इस्तेमाल सबसे पहले टेक्नोलॉजी और सॉफ्टवेयर की दुनिया में शुरू हुआ था।

इसे ऐसे समझें: अगर किसी सॉफ्टवेयर या सिस्टम के शुरुआती वर्जन को 1.0 कहा गया, तो उसमें बड़े बदलाव और अपग्रेडेशन के बाद आने वाले नए वर्जन को 2.0 नाम दिया जाता है। इसके बाद होने वाले अगले बड़े बदलावों को क्रमशः 3.0 और 4.0 कहा जाता है।

  • 1.0 = पहला वर्जन

  • 2.0 = दूसरा बड़ा वर्जन

  • 3.0 = तीसरा बड़ा वर्जन

हालांकि, आज 2.0 शब्द केवल सॉफ्टवेयर के तकनीकी वर्जन तक सीमित नहीं है। अब इसका इस्तेमाल किसी भी व्यवस्था, विचार या काम करने के तरीके में आए बड़े बदलाव को दर्शाने के लिए किया जाता है।

2.0 में Zero ही क्यों लिखा जाता है?

यहाँ इस्तेमाल होने वाला “.0” दरअसल ‘Version Numbering’ का हिस्सा है। बड़े बदलाव के बाद वर्जन 2.0 या 3.0 आता है, लेकिन अगर कोई छोटा अपडेट या बग फिक्स किया जाता है, तो इसके बीच में दूसरे नंबर भी आ सकते हैं, जैसे 2.1, 2.2 या 2.5। इसलिए 2.0 को इंग्लिश में “Two Point Zero” पढ़ा जाता है। यहां जीरो को इंग्लिश के अक्षर ‘O’ से बदलना व्याकरण और तकनीकी, दोनों लिहाज से गलत है।

Web 2.0 और Industry 4.0 का कॉन्सेप्ट

इंटरनेट की दुनिया में ‘Web 2.0’ इसका सबसे चर्चित उदाहरण है। यह इंटरनेट के उस दौर को दर्शाता है, जब यूजर्स केवल वेबसाइट पर जानकारी पढ़ने तक सीमित नहीं रहे, बल्कि खुद भी कंटेंट बनाने (ब्लॉग, सोशल मीडिया) और उसे शेयर करने लगे। इसी तरह, ‘Industry 4.0’ का इस्तेमाल उद्योगों में ऑटोमेशन, डिजिटल टेक्नोलॉजी, डेटा और स्मार्ट सिस्टम के बढ़ते इस्तेमाल से आए नए बदलावों को बताने के लिए किया जाता है।

क्या हर जगह 2.0 का मतलब दूसरा Version है?

यह जरूरी नहीं है। टेक्नोलॉजी में 2.0 एक वास्तविक वर्जन नंबर हो सकता है, लेकिन मीडिया, राजनीति या सामाजिक बदलाव की चर्चा में यह किसी ‘नए दौर’ या ‘बदले हुए मॉडल’ का प्रतीक होता है। मसलन, ‘Media 2.0’ का मतलब डिजिटल प्लेटफॉर्म और नए मीडिया मॉडल की ओर बदलाव से है।

2.0 या 2.O?

अगर आप न्यूज़ आर्टिकल, सोशल मीडिया पोस्ट या कोई भी रिपोर्ट लिख रहे हैं, तो हमेशा 2.0 ही लिखें।

सीधी बात यह है कि “.0” में हमेशा Zero होता है, O नहीं। यह फर्क भले ही छोटा दिखता हो, लेकिन डिजिटल पब्लिशिंग और प्रोफेशनल राइटिंग में ऐसी छोटी गलतियां आपकी कॉपी की गुणवत्ता पर सीधा असर डालती हैं।