CGHS New Rules: अब 5 किमी की दूरी नहीं बनेगी पात्रता में बाधा

आगामी आठवें वेतन आयोग (8th Pay Commission) के लागू होने से पहले केंद्र सरकार ने अपने लाखों कर्मचारियों को स्वास्थ्य सुविधाओं के मोर्चे पर बड़ी राहत दी है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने सेंट्रल गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम (CGHS) से जुड़े नियमों में महत्वपूर्ण संशोधन करते हुए ‘5 किलोमीटर के दायरे’ की अनिवार्य शर्त को पूरी तरह समाप्त कर दिया है।
अब केंद्रीय कर्मचारी CGHS वेलनेस सेंटर से तय दूरी से अधिक दूर रहने या कार्यरत होने के बावजूद इस स्वास्थ्य योजना का लाभ लेने के लिए आवेदन कर सकेंगे। स्वास्थ्य मंत्रालय ने इस संबंध में आधिकारिक मेमोरेंडम जारी कर दिया है और यह सुविधा तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई है।
क्या था पुराना नियम और क्यों हटाया गया?
पुराने प्रावधानों के तहत केवल वही केंद्रीय कर्मचारी CGHS वेलनेस सेंटर की सुविधाओं का लाभ उठा सकते थे, जिनका निवास या कार्यस्थल किसी CGHS वेलनेस सेंटर से 5 किलोमीटर के दायरे में स्थित था।
इस भौगोलिक सीमा के कारण कई कर्मचारियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता था, विशेषकर उन कर्मचारियों को जिनकी पोस्टिंग दूरदराज या ऐसे क्षेत्रों में होती थी जहां पास में कोई CGHS सेंटर नहीं था। सरकार ने कर्मचारियों की इसी परेशानी को दूर करते हुए दूरी की इस बाध्यता को समाप्त कर दिया है।
किन्हें मिलेगा इस बदलाव का सबसे बड़ा फायदा?
इस फैसले का सीधा लाभ उन केंद्रीय कर्मचारियों को मिलेगा जो अब तक CGHS के दायरे से बाहर होने के कारण सेंट्रल सर्विसेज (मेडिकल अटेंडेंस) रूल्स, 1944 यानी CS(MA) रूल्स के तहत स्वास्थ्य सुविधाएं ले रहे थे।
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CGHS चुनने का विकल्प: ऐसे कर्मचारियों को अब औपचारिक रूप से CGHS स्कीम में शामिल होने का विकल्प (Option) दिया जाएगा।
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पात्रता की शर्तें: योजना में शामिल होने के लिए कर्मचारियों को निर्धारित औपचारिकताएं पूरी करनी होंगी और तय अंशदान (Payment) जमा करना होगा।
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वन-टाइम ऑप्शन: सरकार ने स्पष्ट किया है कि कर्मचारियों को CGHS चुनने का मौका केवल एक बार दिया जाएगा। एक बार इस विकल्प का चयन करने के बाद कर्मचारी अपनी सेवानिवृत्ति (Retirement) तक इस योजना से जुड़े रहने के लिए बाध्य होंगे।
