Babita Singh Reporting : निमिषा सजायन दमदार, लेकिन सस्पेंस फीका

निमिषा सजायन, बरुण सोबती और अंशुमान पुष्कर जैसे कलाकारों से सजी इन्वेस्टिगेटिव ड्रामा फिल्म ‘बबीता सिंह रिपोर्टिंग’ ओटीटी प्लेटफॉर्म पर रिलीज हो चुकी है। बॉलीवुड में जहां आमतौर पर पुलिस अधिकारियों के किरदारों को काफी टशन और ओवर-ड्रैमेटिक अंदाज में दिखाया जाता है, वहीं इस फिल्म की कहानी एक बेहद आम महिला और पुलिसकर्मी के इर्द-गिर्द बुनी गई है, जो अपनी सादगी से आकर्षित करती है। हालांकि, थ्रिलर के लिहाज से यह फिल्म उम्मीदों पर पूरी तरह खरी नहीं उतरती।
क्या है फिल्म की कहानी?
कहानी एक पुलिस एएसआई बबीता सिंह (निमिषा सजायन) से शुरू होती है, जिसे प्यार से सब ‘बेबी’ बुलाते हैं। बेबी अपने ससुराल जाने के लिए छुट्टी मांगती है, लेकिन सीनियर द्वारा छुट्टी न मिलने पर वह उनके कहने पर कुछ दिनों के लिए सस्पेंड होने का विकल्प चुनती है और अपने ससुराल पहुंच जाती है।
ससुराल में उसकी मुलाकात अपने बचपन के दोस्त बंसी (बरुण सोबती) से होती है। बंसी उससे कुछ कहना चाहता था, लेकिन काम की व्यस्तता के कारण बेबी उससे मिल नहीं पाती। उसी रात बंसी की हत्या हो जाती है, जिससे दुखी होकर बेबी खुद इस मर्डर मिस्ट्री की तहकीकात में जुट जाती है। बंसी की मौत के पीछे असल वजह क्या है और क्या बेबी हत्यारे तक पहुंच पाती है? यही फिल्म का मुख्य प्लॉट है।
अभिनय और निर्देशन
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निमिषा सजायन: फिल्म की सबसे बड़ी यूएसपी निमिषा का अभिनय है। उन्होंने बबीता उर्फ ‘बेबी’ के किरदार के कई रंगों—एक आम बहू, एक पुलिसकर्मी और एक पीड़ित की दोस्त—को बहुत ही सहजता और गहराई से पर्दे पर उतारा है।
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बरुण सोबती और अन्य: बरुण सोबती (बंसी) का स्क्रीन टाइम कम है, लेकिन वह अपनी गहरी छाप छोड़ जाते हैं। अंशुमान पुष्कर (शरद वशिष्ठ) एक सपोर्टिव पति के रूप में जंचते हैं।
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निर्देशन: अंबिएका पंडित का निर्देशन ठीक-ठाक है। उन्होंने फिल्म को ओवर-ड्रैमेटिक बनाने से बचा है, जो एक सकारात्मक पक्ष है। हालांकि, एक इन्वेस्टिगेटिव थ्रिलर में जिस तीखे सस्पेंस और रफ्तार की जरूरत होती है, वह यहां थोड़ी कमजोर पड़ जाती है। फिल्म घरेलू उलझनों और प्रोफेशनल जांच के बीच संतुलन बिठाने में कभी-कभी लड़खड़ाती है।
देखें या नहीं?
अगर आप खून-खराबे या तेज-तर्रार एक्शन से दूर कोई हल्की-फुल्की और शांत सस्पेंस थ्रिलर देखना चाहते हैं, तो यह फिल्म आपके लिए एक अच्छा विकल्प हो सकती है। लेकिन अगर आप किसी जबरदस्त और रोंगटे खड़े कर देने वाले मिस्ट्री थ्रिलर की तलाश में हैं, तो यह आपको थोड़ा निराश कर सकती है।
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रेटिंग: 2.5/5 (निमिषा सजायन के बेहतरीन अभिनय और सहज कहानी के लिए देखने योग्य)
