औराई में BJP की जीत 1,647 वोट से, 2027 से पहले समझें सियासी गणित

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Saima Siddiqui
Saima Siddiqui

उत्तर प्रदेश के संत रविदास नगर (भदोही) जिले की औराई विधानसभा सीट (संख्या 394) प्रदेश की सबसे चर्चित आरक्षित (SC) सीटों में से एक है। भदोही लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा यह सीट 2008 के परिसीमन के बाद अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित की गई थी। 2022 के विधानसभा चुनाव में यहां प्रदेश के सबसे करीबी और सांसें रोक देने वाले मुकाबलों में से एक देखने को मिला था, जहां भाजपा के दीनानाथ भास्कर ने समाजवादी पार्टी की अंजनी को महज 1,647 वोटों के अंतर से मात दी थी।

2017 में करीब 20 हजार वोटों की बड़ी बढ़त से जीतने वाली भाजपा का अंतर 2022 में घटकर एक प्रतिशत से भी कम रह गया था। ऐसे में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले औराई सीट पर राजनीतिक दलों की नजरें टिक गई हैं।

औराई का चुनावी इतिहास: तीन चुनावों में तीन अलग मिजाज

औराई सीट के पिछले तीन विधानसभा चुनावों के नतीजे बताते हैं कि यहां की जनता किसी एक दल के साथ स्थाई तौर पर नहीं बंधी रही:

वर्ष विजेता (पार्टी) प्राप्त वोट मुख्य प्रतिद्वंद्वी (पार्टी) प्राप्त वोट जीत का अंतर
2022 दीनानाथ भास्कर (BJP) 93,691 अंजनी (SP) 92,044 1,647 वोट
2017 दीनानाथ भास्कर (BJP) 83,325 मधुबाला पासी (SP) 63,546 19,779 वोट
2012 मधुबाला (SP) 83,827 बैजनाथ (BSP) 61,954 21,873 वोट
  • 2022 का करीबी मुकाबला: 2022 में भाजपा को 41.69% और सपा को 40.95% वोट मिले थे। तीसरे स्थान पर रहे बसपा प्रत्याशी कमला शंकर को 28,413 वोट (12.64%) मिले, जबकि कांग्रेस की संजू देवी 2,694 वोटों पर सिमट गईं।

  • 2008 से पहले की तस्वीर: परिसीमन से पहले सामान्य सीट रहते हुए 2002 और 2007 में यहां बहुजन समाज पार्टी ने जीत दर्ज की थी। 2007 में रंगनाथ मिश्रा बसपा के टिकट पर जीते थे। वहीं 1993 और 1996 में भाजपा और उससे पहले जनता दल का इस सीट पर कब्जा रहा था।

कालीन उद्योग, चीनी मिल और स्थानीय विकास के सवाल

औराई की अर्थव्यवस्था मुख्य रूप से कृषि और भदोही के विश्व प्रसिद्ध कालीन उद्योग पर टिकी है। हालांकि, लंबे समय से बुनियादी समस्याओं को लेकर स्थानीय स्तर पर असंतोष देखने को मिलता रहा है:

  • औराई चीनी मिल: औराई चीनी मिल का संचालन क्षेत्र की राजनीति का सबसे बड़ा सवाल बना हुआ है। किसान और राजनीतिक संगठन इसके पूर्ण संचालन की मांग लगातार उठाते रहे हैं।

  • स्वास्थ्य और ट्रॉमा सेंटर: क्षेत्र में ट्रॉमा सेंटर की स्थापना और उसमें विशेषज्ञ डॉक्टरों की तैनाती की मांग लंबे समय से लंबित है।

  • सड़क, जल निकासी और कनेक्टिविटी: रेलवे ओवरब्रिज/अंडरपास, ग्रामीण सड़कों की मरम्मत, उगापुर बाजार जैसे व्यापारिक केंद्रों में जल निकासी, सार्वजनिक शौचालय और गर्मियों में पेयजल संकट प्रमुख नागरिक समस्याएं हैं।

  • सिंचाई तंत्र: किसानों के लिए नहरों में टेल तक पानी और सरकारी नलकूपों का सुचारू संचालन चुनावी विमर्श का मुख्य हिस्सा रहा है।

मौजूदा विधायक दीनानाथ भास्कर की ओर से विद्युत उपकेंद्र, पशु चिकित्सालय, पेयजल और सड़क निर्माण जैसे कार्यों को उपलब्धियों के रूप में पेश किया जाता है, जबकि विपक्षी दल विकास कार्यों की गुणवत्ता और चीनी मिल जैसे अधूरे वादों को लेकर सवाल खड़े करते रहे हैं।

मतदाता सूची पुनरीक्षण और 2027 की सियासी जमीन

2026 के विशेष गहन पुनरीक्षण के बाद औराई विधानसभा की मतदाता सूची में भी बड़ा बदलाव आया है। 2025 में दर्ज करीब 3,86,626 मतदाताओं की संख्या पुनरीक्षण के बाद घटकर लगभग 3,49,615 रह गई है, यानी करीब 37 हजार नाम सूची से कम हुए हैं। इस प्रशासनिक बदलाव का असर आने वाले चुनाव के बूथवार गणित पर पड़ना तय है।

2017 में 19 हजार से ज्यादा वोटों का अंतर 2022 में सिमटकर महज 1,647 वोट रह जाना यह दर्शाता है कि समाजवादी पार्टी ने यहां अपनी जमीन काफी मजबूत की है। 2027 के रण में जहां भाजपा अपनी इस सीट को बचाने के लिए पूरी ताकत झोंकेगी, वहीं सपा अपनी पिछली कसर पूरी करने की कोशिश करेगी। बसपा की मजबूती और स्थानीय मुद्दों का दबाव यह तय करेगा कि औराई का ताज इस बार किसके सिर सजेगा।