दलवीर सिंह ने BJP क्यों छोड़ी? पोतों संग SP में हुए शामिल

उत्तर प्रदेश की राजनीति में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले ही सियासी फेरबदल का दौर शुरू हो गया है। साल 2017 में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के टिकट पर अलीगढ़ की बरौली विधानसभा सीट से विधायक चुने गए कद्दावर नेता दलवीर सिंह ने पार्टी से किनारा कर लिया है। चार बार विधायक रह चुके दलवीर सिंह ने गुरुवार शाम लखनऊ में सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) की मौजूदगी में समाजवादी पार्टी का दामन थाम लिया। उनके साथ उनके दोनों पोते—पप्पू सिंह और अजय सिंह भी सपा में शामिल हो गए।
कई दलों से जीत चुके हैं चुनाव
दलवीर सिंह की पकड़ बरौली क्षेत्र में कितनी मजबूत है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वह अलग-अलग पार्टियों के टिकट पर चुनाव जीत चुके हैं:
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2017: बीजेपी के टिकट पर विधायक बने।
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2012: राष्ट्रीय लोकदल (RLD) के टिकट पर जीत हासिल की।
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इससे पहले वह कांग्रेस (Congress) और जनता दल (Janata Dal) के टिकट पर भी चुनाव जीत चुके हैं।
क्यों छोड़ी बीजेपी? साल 2022 के विधानसभा चुनाव में दलवीर सिंह के पोते अजय सिंह बीजेपी से टिकट की मजबूत दावेदारी कर रहे थे। लेकिन पार्टी ने उन पर भरोसा जताने के बजाय ठाकुर जयवीर सिंह को बरौली से अपना प्रत्याशी बना दिया। जयवीर सिंह ने यह चुनाव बड़े अंतर से जीता भी, लेकिन टिकट कटने की टीस दलवीर सिंह के परिवार में बनी रही।
पोते अजय सिंह का BJP पर बड़ा हमला
समाजवादी पार्टी में शामिल होने के बाद अजय सिंह ने फेसबुक पोस्ट के जरिए बीजेपी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने लिखा:
“लंबे समय तक भारतीय जनता पार्टी में रहने के बाद एक बात बहुत करीब से समझ आई। वहां ‘सबका साथ’ सिर्फ होर्डिंग्स पर रह गया है और ‘विकास’ सिर्फ विज्ञापनों में दिखता है। जहां धरातल पर काम करने वाले कार्यकर्ताओं की जगह सिर्फ जुमलेबाज़ों को तवज्जो मिलती हो, वहां जनता के असली हक़ की राजनीति करने वालों का दम घुटने लगता है।”
अजय ने बरौली की जनता से अपने पारिवारिक जुड़ाव का जिक्र करते हुए कहा कि उनके बाबा ने चार बार विधायक रहकर क्षेत्र की पूरी ईमानदारी से सेवा की है और वे सत्ता के आगे झुकने वालों में से नहीं हैं।
क्या फिर करवट लेगी बरौली की राजनीति?
दलवीर सिंह और उनके परिवार के इस सियासी कदम के बाद अटकलें तेज हो गई हैं कि आगामी विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी उनके पोते विजय या अजय में से किसी एक को बरौली से मैदान में उतार सकती है। अजय अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU) में छात्र संघ का चुनाव लड़ चुके हैं और युवाओं के बीच सक्रिय हैं।
बरौली विधानसभा चुनाव 2022 के नतीजे:
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ठाकुर जयवीर सिंह (BJP): 1,47,984 वोट (विजेता)
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नरेंद्र शर्मा (BSP): 57,000+ वोट (उपविजेता) – (हार का अंतर 90 हजार से ज्यादा)
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प्रमोद गौड़ (RLD) तीसरे स्थान पर रहे।
2017 में खुद दलवीर सिंह ने 1,25,545 वोट पाकर बसपा के जयवीर सिंह (86,782 वोट) को हराया था। अब दलवीर सिंह के सपा में जाने से यह तय है कि अगली बार बरौली का चुनावी मुकाबला और भी दिलचस्प और कांटे का होने वाला है।
