देश का हर नागरिक बने सैनिक! बृजभूषण ने बताई सैन्य ट्रेनिंग की जरूरत

brijbhushan
अजमल शाह
अजमल शाह

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने केंद्र सरकार की अग्निवीर योजना और उसके हालिया संशोधनों का खुला समर्थन किया है। साथ ही उन्होंने देश में अनिवार्य सैन्य ट्रेनिंग और जनसंख्या नियंत्रण जैसे गंभीर मुद्दों पर अपने विचार रखे हैं। उनका मानना है कि अगर रूस जैसे देशों की तर्ज पर देश के हर युवा को सैन्य प्रशिक्षण मिले, तो इससे पूरा समाज स्वस्थ और अनुशासित बनेगा।

‘रूस और कई अन्य देशों की तरह हो व्यवस्था’

अग्निवीर योजना को लेकर अपनी बात रखते हुए बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि रूस समेत कई देशों में ऐसी व्यवस्था है कि जब युवा स्कूली शिक्षा पूरी करता है, तो उसे 3 या 4 साल के लिए सेना की पूरी ट्रेनिंग दी जाती है। ट्रेनिंग पूरी होने के बाद युवा अपनी पसंद के क्षेत्र—चाहे वह मेडिकल हो, इंजीनियरिंग या अन्य कोई पेशा—में आगे बढ़ सकते हैं।

उन्होंने कहा, “शायद हमारे प्रधानमंत्री या इस योजना को बनाने वाले लोगों के मन में यही भाव रहा होगा कि देश का हर व्यक्ति स्वस्थ हो और खुद को एक सैनिक के रूप में तैयार करे। हालांकि, जब इसमें नौकरी की गारंटी वाला एंगल जोड़ा गया, तो थोड़ा अंतर्विरोध बढ़ा।”

सरकार के सेवा विस्तार के फैसले का स्वागत

केंद्र सरकार की उस घोषणा का स्वागत करते हुए जिसमें अग्निवीरों को दो साल का अतिरिक्त सेवा विस्तार देने की बात कही गई है, बृजभूषण ने कहा कि यह एक बेहद सराहनीय कदम है। उन्होंने कहा कि इस फैसले से बड़ी संख्या में युवा अग्निवीर बनने के लिए प्रेरित होंगे, जिससे न सिर्फ सेना मजबूत होगी बल्कि देश के युवाओं में फिटनेस और अनुशासन की भावना भी बढ़ेगी।

जनसंख्या नियंत्रण पर क्या बोले बृजभूषण?

जनसंख्या नियंत्रण के मुद्दे पर बोलते हुए बीजेपी नेता ने सामाजिक और जातिगत संतुलन का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि देश का एक जागरूक वर्ग ऐसा है जो किसी भी जाति या व्यवसाय से ताल्लुक रखता हो, स्वेच्छा से जनसंख्या नियंत्रण का पालन करता है। लेकिन, इसी देश में कुछ लोग ऐसे भी हैं जो इसका पालन नहीं करते।

उन्होंने सुझाव दिया कि अगर सरकार दो या तीन बच्चों की सीमा तय करती है, तो नियमों का उल्लंघन करने वालों पर गंभीरता से विचार होना चाहिए। हालांकि, इसके साथ ही उन्होंने यह भी चेताया कि इस प्रक्रिया में सामाजिक और जातिगत संतुलन का ध्यान रखना बेहद जरूरी है।

बृजभूषण ने कहा, “इस बात का खास ख्याल रखा जाना चाहिए कि ऐसा न हो कि किसी वर्ग का अस्तित्व ही खतरे में पड़ जाए या उसका वजूद मिट जाए। राजनीतिक दल भी टिकट बांटते समय यह देखते हैं कि किसकी संख्या कितनी है। इसलिए जनसंख्या नियंत्रण लागू करते समय हमें इस विषमता और सामाजिक संतुलन का भी संतुलन बनाकर चलना होगा।”