बूथ पर क्या हो रहा है, सब देख सकेंगे? सपा ने चुनाव आयोग से मांगा वेब लिंक

akhilesh
साक्षी चतुर्वेदी
साक्षी चतुर्वेदी

उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव की आहट के साथ ही राजनीतिक दलों ने मतदान प्रक्रिया में पारदर्शिता को लेकर दबाव बनाना शुरू कर दिया है। समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की ओर से चुनाव आयोग के सामने एक नई मांग रखी गई है। पार्टी का कहना है कि मतदान के दिन सभी पोलिंग बूथों पर होने वाली वेबकास्टिंग का लिंक केवल अधिकारियों तक सीमित न रहे, बल्कि इसे चुनाव लड़ रहे प्रत्याशियों और राजनीतिक दलों को भी उपलब्ध कराया जाए।

इस मांग को लेकर सपा के प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल ने मंगलवार को मुख्य निर्वाचन अधिकारी को एक औपचारिक ज्ञापन सौंपा। उन्होंने 2027 के विधानसभा चुनाव में यूपी की सभी 403 सीटों के करीब 1.70 लाख पोलिंग बूथों पर वेबकास्टिंग कराने और मतदान केंद्रों के अंदर-बाहर सीसीटीवी कैमरे लगाने के निर्णय का जिक्र करते हुए कहा कि वर्तमान में इस वेबकास्टिंग का लिंक केवल मुख्य निर्वाचन अधिकारी और जिला निर्वाचन अधिकारियों के पास होता है, जिससे राजनीतिक दल बूथों पर होने वाली गतिविधियों से अनजान रहते हैं।

उपचुनावों की घटनाओं का दिया हवाला

अपनी मांग को पुख्ता करने के लिए सपा ने हाल ही में हुए उपचुनावों का उदाहरण दिया। पार्टी ने ज्ञापन में आरोप लगाया है कि 2024 में प्रदेश की नौ विधानसभा सीटों और 2025 में मिल्कीपुर विधानसभा सीट पर हुए उपचुनावों के दौरान बूथ कैप्चरिंग, फर्जी मतदान और सपा समर्थक मतदाताओं को वोट डालने से रोकने जैसी गंभीर घटनाएं सामने आई थीं।

ज्ञापन में मिल्कीपुर उपचुनाव के दौरान घटी एक विशेष घटना का भी जिक्र किया गया है। पार्टी के मुताबिक, उस दौरान एक पुलिस सब-इंस्पेक्टर पर एक महिला मतदाता को रिवॉल्वर की नोक पर मतदान से रोकने की कोशिश करने का आरोप लगा था, जिसका वीडियो भी वायरल हुआ था।

पारदर्शी चुनाव के लिए लिंक जरूरी

समाजवादी पार्टी का तर्क है कि 2027 का विधानसभा चुनाव स्वतंत्र, निष्पक्ष, पारदर्शी और भयमुक्त माहौल में संपन्न कराने के लिए यह कदम उठाना बेहद जरूरी है। पार्टी के अनुसार, अगर राजनीतिक दलों और प्रत्याशियों के पास वेबकास्टिंग का लिंक होगा, तो वे अपने स्तर पर भी बूथों पर होने वाली गड़बड़ियों और अनियमितताओं पर सीधे नजर रख सकेंगे।