सोने के गहने खरीदना हुआ थोड़ा महंगा? हॉलमार्किंग की नई फीस जान लीजिए

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Gautam Kumar Agarwal
Gautam Kumar Agarwal

धनतेरस और दीपावली के मौके पर सोना-चांदी खरीदना बेहद शुभ माना जाता है। इस साल 6 नवंबर को धनतेरस का त्योहार मनाया जाना है, जिसके लिए बाजारों में भारी भीड़ उमड़ने की उम्मीद है। लेकिन त्योहारी खरीदारी से महज तीन दिन पहले ग्राहकों को एक बड़ा झटका लगा है। सोने के आभूषणों की कीमतों में अचानक इजाफा हो गया है और इसकी मुख्य वजह बिल में जुड़ने वाले हॉलमार्किंग चार्ज (Hallmarking Charge) में की गई 67 प्रतिशत की बढ़ोतरी है।

प्रति आभूषण अब 75 रुपये देना होगा शुल्क

इस नई बढ़ोतरी के बाद ज्वेलर्स को मान्यता प्राप्त परख एवं हॉलमार्किंग केंद्र को सोने की हर वस्तु (प्रति पीस) पर 75 रुपये का भुगतान करना होगा। पहले यह फीस महज 45 रुपये थी, यानी इसमें सीधे तौर पर 67 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। आधिकारिक अधिसूचना के मुताबिक, इस बढ़ोतरी के साथ ही अब प्रति खेप (Consignment) न्यूनतम 200 रुपये का शुल्क भी लागू होगा। हॉलमार्किंग फीस में हुए इस इजाफे का सीधा असर शोरूम में ग्राहकों के फाइनल बिल पर पड़ेगा।

हॉलमार्किंग की इन 7 श्रेणियों पर लागू होगा नियम

बाजार से सोना खरीदते वक्त हॉलमार्किंग ही शुद्धता की सबसे बड़ी गारंटी होती है। भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) की इस हॉलमार्किंग योजना में सोने की ज्वेलरी और कलाकृतियों के लिए सात अलग-अलग कैरेट श्रेणियां निर्धारित की गई हैं। इनमें 9 कैरेट, 14 कैरेट, 18 कैरेट, 20 कैरेट, 22 कैरेट, 23 कैरेट और 24 कैरेट का सोना शामिल है। नए नियमों के मुताबिक, इन सभी श्रेणियों की ज्वेलरी पर बढ़ा हुआ हॉलमार्किंग शुल्क लागू होगा।

14 सितंबर से प्रभाव में आ चुके हैं नए नियम

त्योहारी सीजन शुरू होने से ठीक पहले, सितंबर 2026 में BIS ने सोने और चांदी के सामानों पर लागू होने वाले हॉलमार्किंग शुल्क में संशोधन किया था। यह बदलाव ‘BIS (हॉलमार्किंग) संशोधन नियम, 2026’ के तहत किया गया है, जो 14 सितंबर 2026 से लागू हो चुके हैं। देश में सोने के आभूषणों की विश्वसनीयता बढ़ाने और ग्राहकों को धोखाधड़ी से बचाने के लिए जून 2021 में सोने की हॉलमार्किंग को पूरी तरह से अनिवार्य कर दिया गया था।