मुंबई से अहमदाबाद का सफर होगा तेज, बुलेट ट्रेन में मिलेंगी ये खास सुविधाएं

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Ajay Gupta
Ajay Gupta

देश में हाई-स्पीड रेल का सपना जल्द ही हकीकत में बदलने जा रहा है। भारत की पहली बुलेट ट्रेन (B28) का इंतजार साल 2027 में खत्म होने की उम्मीद है। देश की पहली बुलेट ट्रेन मुंबई-अहमदाबाद कॉरिडोर (Mumbai-Ahmedabad Corridor) पर दौड़ेगी। इसके कोच बेंगलुरु में भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड (BEML) और इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (ICF) मिलकर तैयार कर रहे हैं। हाल ही में केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने फैक्ट्री का दौरा कर निर्माण कार्य का जायजा लिया और एक वीडियो के जरिए देशवासियों को बुलेट ट्रेन की पहली झलक दिखाई। ट्रेन की इंटीग्रेटेड कार बॉडी तैयार हो चुकी है और अब इस पर फाइनल ‘स्क्वीज टेस्ट’ किए जा रहे हैं।

कैसे होंगे बुलेट ट्रेन के ट्रैक?

बुलेट ट्रेन के ट्रैक भारतीय रेलवे के सामान्य पटरियों से बिल्कुल अलग होंगे। भारतीय रेलवे आमतौर पर बैलास्ट (Ballast) तकनीक का इस्तेमाल करता है, जहां पटरियों के बीच नुकीले पत्थर बिछाए जाते हैं जो 100 से 160 किमी प्रति घंटे की रफ्तार सह सकते हैं। लेकिन बुलेट ट्रेन के लिए ट्रैक बैलास्टलैस (बिना पत्थर वाले) होंगे। जब बुलेट ट्रेन 320 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ेगी, तो हवा के भारी दबाव के कारण ट्रैक पर पड़े पत्थर उड़कर ट्रेन के निचले इलेक्ट्रॉनिक हिस्सों से टकरा सकते हैं, जिससे डिरेल (derail) होने का खतरा होगा। इसलिए इसे पूरी तरह सुरक्षित बनाने के लिए नए डिजाइन के ट्रैक का निर्माण किया जा रहा है।

ट्रैक बनाने में इस्तेमाल होगी जापानी तकनीक

भारत में बुलेट ट्रेन का ट्रैक जापान की मशहूर शिनकानसेन (Shinkansen) बुलेट ट्रेन तकनीक वाले जे-स्लैब (J-Slab) ट्रैक की तर्ज पर बनाया जाएगा। यह 4 परतों वाला बैलास्टलैस ट्रैक होगा। इसमें पत्थर, लकड़ी या कंक्रीट के स्लीपर्स का इस्तेमाल नहीं होगा। इसके बजाय, ट्रैक के सबसे नीचे RC ट्रैक बेड होगा और उसके ऊपर सीमेंट एस्फाल्ट मोर्टार (CAM) की परत बिछाई जाएगी। इसके ऊपर भारी कंक्रीट स्लैब रखे जाएंगे जिन्हें इलास्टिक फास्टनिंग डिवाइस (क्लैंप) से कसा जाएगा। इस तकनीक से पटरियां हिलेंगी नहीं, रखरखाव का खर्च कम होगा और यात्रियों को तेज गति में भी झटके महसूस नहीं होंगे।

बुलेट ट्रेन के स्पेशल और हाईटेक फीचर्स

  • स्पीड: पहली बुलेट ट्रेन की डिजाइन स्पीड 280 किमी प्रति घंटा होगी, जबकि इसकी ऑपरेशनल स्पीड 249 किमी प्रति घंटा रखी जाएगी।

  • क्षमता और कोच: 202 मीटर लंबी इस ट्रेन में 8 कोच होंगे (4 मोटर कार और 4 ट्रेलर कार)। इसमें एक बार में 557 यात्री सफर कर सकेंगे।

  • क्लास: 7 स्टैंडर्ड क्लास कोच और 1 एक्जीक्यूटिव क्लास कोच।

  • सुविधाएं: दिव्यांगों के लिए 2 रिजर्व सीटें, मूविंग सीटें, लैपटॉप-मोबाइल चार्जिंग सॉकेट, वाई-फाई, LED लाइट्स, और बायो-डाइजेस्टर टॉयलेट।

  • सुरक्षा प्रणाली: भूकंप आने पर ट्रेन को रोकने के लिए जापानी तकनीक वाला ‘अर्थक्वेक वॉर्निंग सिस्टम’ लगाया गया है, जो झटके महसूस होते ही बिजली सप्लाई काटकर इमरजेंसी ब्रेक लगा देगा।

भारत में कुल कितने बुलेट ट्रेन कॉरिडोर बनेंगे?

भारत में कुल 8 बुलेट ट्रेन कॉरिडोर की योजना है। इनमें से पहला मुंबई-अहमदाबाद कॉरिडोर (508 किलोमीटर) अभी निर्माणाधीन है। इसके अलावा 7 अन्य कॉरिडोर प्रस्तावित हैं:

  1. मुंबई-पुणे

  2. पुणे-हैदराबाद

  3. हैदराबाद-बेंगलुरु

  4. हैदराबाद-चेन्नई

  5. चेन्नई-बेंगलुरु

  6. दिल्ली-वाराणसी

  7. वाराणसी-सिलीगुड़ी

हाल ही में केंद्र सरकार ने 31 अक्टूबर को दिल्ली-वाराणसी-गुवाहाटी (उत्तरी कॉरिडोर) बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट को भी मंजूरी दी है।