वृंदावन जाने से पहले जान लें नया नियम, VIP दर्शन के लिए रजिस्ट्रेशन अनिवार्य

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गौरव त्रिपाठी
गौरव त्रिपाठी

वृंदावन (Vrindavan) स्थित विश्व प्रसिद्ध ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर (Banke Bihari Temple) में दर्शन व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए बड़ा फैसला लिया गया है। मंदिर की उच्चाधिकार प्राप्त प्रबंधन समिति ने शनिवार को एक अहम बैठक में तय किया कि दिवाली (Diwali) के बाद मंदिर में VIP दर्शन के लिए नई रजिस्ट्रेशन प्रणाली लागू की जाएगी।

इस नई व्यवस्था के तहत अब सेवायतों के यजमानों, अधिकारियों और अन्य विशिष्ट अतिथियों को दर्शन से पहले अपना पहचान पत्र (ID) देकर रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य होगा।

सेवायतों और अधिकारियों पर लागू होगा नियम

प्रबंधन समिति की नई गाइडलाइन के अनुसार, मंदिर में VIP प्रवेश पाने वाले सभी लोगों को इस नियम के दायरे में रखा जाएगा। इनमें सेवायतों के यजमान, उनके शिष्य, सरकारी अधिकारी, उनके परिजन और अन्य VIP अतिथि शामिल होंगे। इन सभी को अपने आधिकारिक पहचान पत्र के जरिए रजिस्ट्रेशन कराना होगा। यह रजिस्ट्रेशन दर्शन से एक दिन पहले होगा या उसी दिन, इसकी विस्तृत प्रक्रिया और गाइडलाइन दीपावली के तुरंत बाद जारी की जाएगी।

रेलिंग व्यवस्था में भी होगा सुधार

बैठक के दौरान मंदिर में श्रद्धालुओं की प्रवेश और निकास व्यवस्था को लेकर भी चर्चा हुई। सेवायतों ने समिति को बताया कि मौजूदा समय में मंदिर प्रांगण में चार रेलिंग लगी हैं। इनमें से दो रेलिंग मुख्य विग्रह के पास तक जाती हैं, लेकिन बाकी दो रेलिंग आधे प्रांगण से ही बाहर निकास की ओर मुड़ जाती हैं। इस वजह से कई श्रद्धालु प्रसाद और माला अर्पित करने से वंचित रह जाते हैं। प्रबंधन समिति के अध्यक्ष अशोक कुमार ने इस समस्या का निरीक्षण कर व्यावहारिक समाधान निकालने का आश्वासन दिया है।

सर्दियों में दर्शन का समय

सर्दी के मौसम में ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए सुबह 8:45 बजे से दोपहर 1:00 बजे तक खुलते हैं। वहीं, संध्या दर्शन के लिए मंदिर शाम 4:30 बजे से रात 8:30 बजे तक खुला रहता है। दोपहर के समय मंदिर के कपाट पूरी तरह बंद रहते हैं।

चढ़ावे ने तोड़े पिछले रिकॉर्ड

इस साल ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर के चढ़ावे में भी भारी इजाफा दर्ज किया गया है। समिति के अध्यक्ष अशोक कुमार के मुताबिक, पिछले ढाई महीने के दौरान मंदिर की 28 दान पेटिकाएं खोली गई हैं, जिनमें से 5.37 करोड़ रुपये से अधिक का दान मिला है। उन्होंने बताया कि अभी 4 और दान पात्र खोले जाने बाकी हैं। आमतौर पर इस अवधि में 4 से 4.5 करोड़ रुपये का दान आता था, लेकिन इस बार कुल चढ़ावा 6 करोड़ रुपये के पार पहुंचने की उम्मीद है।