राम-कृष्ण बयान पर बाबा बागेश्वर की सफाई, बोले- हमसे चूक हो जाती है

बाबा बागेश्वर (Baba Bageshwar) के नाम से मशहूर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने भगवान राम और भगवान कृष्ण की तुलना वाले अपने हालिया बयान पर सफाई दी है। एक कथा के दौरान शास्त्री द्वारा राम और कृष्ण के नामों और उनके कार्यों की तुलना किए जाने के बाद विवाद खड़ा हो गया था। सोशल मीडिया पर ट्रोलिंग के बाद अब उन्होंने स्पष्ट किया है कि यह सब उन्होंने केवल भाव में कहा था और उनका इरादा भगवान कृष्ण का विरोध करना बिल्कुल नहीं था।
क्या था विवादित बयान?
धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने अपनी कथा के दौरान कहा था कि भगवान राम का नाम एकदम सीधा है, जबकि कृष्ण का नाम टेढ़ा है। इसी तरह उन्होंने अयोध्या के नाम को सरल और सीधा बताया था, जबकि वृंदावन के नाम को टेढ़ा कहा था। उन्होंने एक गीत भी गाया था, जिसके बोल थे— “बांसुरी का बजाना खेल भी है, पर धनुष चलाना खेल नहीं।” इसी बयान और गीत को लेकर सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने कड़ी आपत्ति जताते हुए उन्हें ट्रोल करना शुरू कर दिया था।
‘प्रेम में कही बातों का अनर्थ न निकालें’
बढ़ते विवाद को देखते हुए धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने हाथ जोड़कर अपनी सफाई पेश की। उन्होंने कहा, “कभी-कभी विनोद में हम कुछ भी कह जाते हैं। उसका अर्थ का अनर्थ न लगाया जाए। हमसे चूक तो हो जाती है। कभी जोश में बोल जाते हैं और कभी भाव में बोल जाते हैं।” शास्त्री ने अपनी बात को स्पष्ट करते हुए कहा, “अभी हमने एक कथा में कह दिया कि कृष्ण जी तो टेढ़े हैं, राम जी तो सीधे हैं तो क्या गलत कहा? ठाकुर जी तो टेढ़े हैं ही न। हमने यह भाव में कहा था। हमारे खुद के नाम में कृष्ण है। जिससे ज्यादा प्रेम होता है, उससे ही ऐसी बात कही जाती है।”
सूरदास और गोपियों का दिया उदाहरण
अपनी बात को सही ठहराने के लिए उन्होंने महाकवि सूरदास और गोपियों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि भ्रमर गीत में गोपियों ने भंवरे को देखकर कैसा विनोद किया था। उन्होंने यह भी कहा, “आजकल भारत में नया ट्रेंड चला है। फेमस होना है तो बाबा बागेश्वर का विरोध करो। फेमस होने के लिए लोग लपेट लेते हैं।” उन्होंने बृज के एक संत का भी उदाहरण दिया, जिन्होंने भगवान राम को ‘मिट्टी की मूर्ति’ कहा था, यह बताते हुए कि भक्त भाव में ऐसी बातें कहते हैं। हालांकि, अपनी सफाई के दौरान वह माफी मांगने की मुद्रा में नजर आए और स्वीकार किया कि उन्हें ऐसा नहीं कहना चाहिए था।

