रामलला के दरबार में जलेंगे एक लाख दीप, पांच जोन में बांटी गई जिम्मेदारी

Ayodhya-News
दीपक श्रीवास्तव

अयोध्या (Ayodhya) में इस बार दीपोत्सव (Deepotsav) को बेहद खास और भव्य बनाने की तैयारियां जोरों पर हैं। आगामी 7 नवंबर 2026 को श्रीरामजन्मभूमि परिसर में करीब एक लाख दीप जलाए जाएंगे, जिनकी रोशनी से पूरा मंदिर परिसर जगमगा उठेगा। इस महाआयोजन को सफल और व्यवस्थित बनाने के लिए करीब एक हजार कार्यकर्ताओं को अहम जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं और पूरे परिसर को 5 अलग-अलग जोन में बांटा गया है।

PFC सभागार में हुई बैठक, 5 दिन में तैयारियां पूरी करने का लक्ष्य

दीपोत्सव की रूपरेखा तय करने के लिए शनिवार (31 अक्टूबर) को यात्री सुविधा केंद्र (PFC) के सभागार में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में दीप जलाने से लेकर मंदिर की सजावट तक की सभी व्यवस्थाओं पर चर्चा हुई। आयोजकों ने अगले 5 दिनों के भीतर सभी तैयारियां पूरी करने का लक्ष्य रखा है।

बैठक में श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के मुख्य कार्यपालक अधिकारी एयर मार्शल (सेवानिवृत्त) जितेंद्र मिश्र, ट्रस्ट के सचिव जगदीश आफले और जगन्नाथ गुलवे समेत आयोजन से जुड़े प्रमुख कार्यकर्ता मौजूद रहे। सभी एक हजार कार्यकर्ताओं को उनकी अलग-अलग जिम्मेदारियां समझाई गई हैं।

5 जोन में बंटा श्रीरामजन्मभूमि परिसर: कहां जलेंगे कितने दीप?

आयोजन के दौरान किसी तरह की अव्यवस्था न हो, इसलिए पूरे परिसर को 5 जोन में बांटकर हर जोन की जिम्मेदारी अलग-अलग टीमों को दी गई है। सबसे ज्यादा दीप श्रीरामलला मंदिर और कुबेर टीला क्षेत्र में जलाए जाएंगे।

  • पहला जोन (श्रीरामलला मंदिर परिसर): यहां सबसे अधिक 30 हजार से ज्यादा दीप जलाए जाएंगे।

  • दूसरा जोन (कुबेर टीला और सप्तमंडप): इस क्षेत्र को भी 30 हजार से अधिक दीपों से रोशन किया जाएगा।

  • तीसरा जोन (वापसी दर्शन मार्ग और यात्री सुविधा केंद्र): यहां 14 हजार से अधिक दीप जगमगाएंगे।

  • चौथा जोन (यात्री सेवा केंद्र और अंगद टीला): इस क्षेत्र में 13 हजार से ज्यादा दीप लगाए जाएंगे।

  • पांचवां जोन (श्रीरामजन्मभूमि पथ और दर्शन मार्ग): यहां भी 13 हजार दीप प्रज्ज्वलित किए जाएंगे।

7 नवंबर को होने वाला यह भव्य दीपोत्सव श्रीरामजन्मभूमि परिसर के लिए बेहद खास रहने वाला है, जहां दीपों की कतारें एक अद्भुत और अलौकिक दृश्य प्रस्तुत करेंगी।