पुरानी गाड़ियों की दिल्ली में नो-एंट्री! जानिए 1 नवंबर से क्या-क्या बदलेगा

दिल्ली में सर्दियों के साथ बढ़ने वाले प्रदूषण पर लगाम कसने के लिए 1 नवंबर से कई सख्त पाबंदियां लागू होने जा रही हैं। सरकार ने विंटर एक्शन प्लान के तहत कई बड़े कदम उठाए हैं, जिनमें बीएस-6 से कम मानकों (Non-BS VI) वाले बाहरी वाहनों पर बैन, वर्क फ्रॉम होम और बिना पीयूसी (PUC) के पेट्रोल-डीजल न मिलने जैसे आदेश शामिल हैं। ये प्रतिबंध 1 नवंबर से 31 जनवरी तक लागू रहेंगे।
आइए जानते हैं 1 नवंबर से दिल्ली में क्या-क्या बदल रहा है:
1. पुरानी गाड़ियों की नो-एंट्री: 8 लाख वाहनों पर रोक
बाहरी राज्यों से आने वाले ऐसे पुराने वाहन जो BS-VI उत्सर्जन मानकों को पूरा नहीं करते, वे 1 नवंबर से राजधानी में प्रवेश नहीं कर पाएंगे। दिल्ली में सिर्फ BS-6 मानक वाले वाहनों, इलेक्ट्रिक वाहनों और सीएनजी वाहनों को ही एंट्री मिलेगी। अगर BS-3 पेट्रोल, BS-4 डीजल या कोई भी पुराना बाहरी वाहन दिल्ली की सड़कों पर दिखा, तो उस पर 20 हजार रुपये का भारी जुर्माना लगाया जाएगा। (इमरजेंसी वाहनों को इससे छूट रहेगी)।
2. नो पीयूसी, नो फ्यूल (No PUC, No Fuel)
दिल्ली के 500 पेट्रोल पंपों को नंबर प्लेट स्कैन करने वाले ANPR कैमरों से लैस किया गया है। 1 नवंबर से कोई भी वाहन पेट्रोल पंप पहुंचेगा, तो कैमरा तुरंत नंबर प्लेट स्कैन कर डेटाबेस में PUC की वैधता चेक करेगा। यदि वाहन का प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (PUC) वैध नहीं पाया गया, तो पंप संचालक पेट्रोल, डीजल या सीएनजी भरने से साफ मना कर देंगे। पीयूसी न होने पर 10 हजार रुपये का अलग चालान भी कट सकता है।
3. पार्किंग फीस होगी दोगुनी
निजी वाहनों का इस्तेमाल कम करने और सार्वजनिक परिवहन (मेट्रो, बस) को बढ़ावा देने के लिए दिल्ली सरकार और नगर निगम (MCD) ने पार्किंग फीस दोगुनी करने का फैसला किया है। एमसीडी के करीब 150 पार्किंग स्थलों, विशेषकर लुटियंस जोन में पार्किंग फीस सबसे ज्यादा होगी।
4. दफ्तरों में 50% वर्क फ्रॉम होम और टाइमिंग में बदलाव
सड़कों पर ट्रैफिक जाम और पीक ऑवर के प्रदूषण को कम करने के लिए कॉरपोरेट और सरकारी दफ्तरों को 50% कर्मचारियों के लिए ‘वर्क फ्रॉम होम’ लागू करने की सलाह दी गई है। इसके अलावा, सरकारी विभागों और दफ्तरों के खुलने और बंद होने का समय अलग-अलग रखा जाएगा ताकि एक साथ ट्रैफिक का दबाव न बढ़े।
5. 20 एंट्री पॉइंट्स पर फास्टैग (FASTag) से कटेगा पैसा
दिल्ली के 20 बड़े एंट्री पॉइंट्स पर अब कमर्शियल वाहनों को टोल टैक्स या पर्यावरण शुल्क (ECC) चुकाने के लिए रुकना नहीं पड़ेगा। एमसीडी मल्टी लेन फ्री फ्लो सिस्टम (Multi Lane Free Flow System) लागू कर रही है। गाजीपुर, सिंघु, टिकरी, बदरपुर बॉर्डर और डीएनडी जैसे पॉइंट्स पर 3D रडार, लेजर सेंसर्स और एचडी कैमरे लगाए गए हैं। ये गाड़ियों के नंबर प्लेट और फास्टैग को स्कैन कर 100 किमी/घंटा की स्पीड में भी पैसा काट लेंगे।
6. रियायती टोल पास सुविधा
नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) भी 1 नवंबर से टोल प्लाजा के पास रहने वाले लोगों के लिए रियायती टोल पास की व्यवस्था शुरू कर रहा है।
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यदि टोल प्लाजा नगरपालिका/शहरी सीमा से बाहर है: 1500 रुपये का सालाना पास।
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यदि टोल प्लाजा नगरपालिका/शहरी सीमा के भीतर है: 3000 रुपये का सालाना पास।

