राहुल गांधी कर रहे विरोध, कर्नाटक के मंत्री ने SIR को दी क्लीन चिट

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शकील अहमद सैफी
शकील अहमद सैफी

कांग्रेस पार्टी के भीतर वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर बड़ा घमासान शुरू हो गया है। एक तरफ जहां कांग्रेस नेता राहुल गांधी SIR की प्रक्रिया पर लगातार सवाल उठाते हुए 1 नवंबर को एक बड़ी रैली करने जा रहे हैं, वहीं कर्नाटक सरकार के एक वरिष्ठ मंत्री ने इस मुद्दे पर पार्टी को असहज कर दिया है। कर्नाटक के कैबिनेट मंत्री सतीश जारकीहोली ने राज्य में 1 करोड़ वोट काटे जाने का खुलकर समर्थन करते हुए SIR की प्रक्रिया को पूरी तरह सही ठहराया है।

‘कर्नाटक में SIR का काम बिल्कुल सही हुआ’

NDTV से बातचीत के दौरान सतीश जारकीहोली ने स्पष्ट किया कि कर्नाटक में SIR का काम बिल्कुल सही तरीके से पूरा किया गया है। जारकीहोली के अनुसार, कांग्रेस ने कभी भी कर्नाटक में इस प्रक्रिया का विरोध नहीं किया, बल्कि पार्टी की आपत्ति बिहार, पश्चिम बंगाल और महाराष्ट्र जैसे अन्य राज्यों को लेकर थी।

उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस नेताओं की मुस्तैदी और कार्यकर्ताओं की ट्रेनिंग के कारण ही कर्नाटक में कोई गड़बड़ी नहीं हुई। मंत्री ने कहा, “देश के दूसरे राज्यों में भी कर्नाटक की तरह ही यह काम होना चाहिए था।”

1 करोड़ वोट काटे जाने का किया बचाव

जब रिपोर्टर ने जारकीहोली से पूछा कि क्या उनके हिसाब से 1 करोड़ वोट डिलीट किया जाना सही है, तो उन्होंने बिना झिझक ‘हां’ में जवाब दिया। इसके कारण गिनाते हुए उन्होंने कहा कि वोटर लिस्ट से जिनके नाम हटाए गए हैं, उनमें से कई की मौत हो चुकी है, कई लोग दूसरी जगह शिफ्ट हो गए हैं और कई नाम डुप्लीकेट दर्ज थे। उन्होंने जोर देकर कहा कि वोटर लिस्ट को दुरुस्त करने के लिए ऐसा ही दूसरे राज्यों में भी किया जाना चाहिए था।

राहुल गांधी के अभियान से बिल्कुल उलट है स्टैंड

मंत्री का यह बयान राहुल गांधी और पार्टी आलाकमान के रुख से बिल्कुल विपरीत है। राहुल गांधी राष्ट्रीय स्तर पर SIR के जरिए वोटर लिस्ट में बड़ी धांधली का आरोप लगाते हुए चुनाव आयोग को घेर रहे हैं और मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने की मांग कर रहे हैं। 1 नवंबर की रैली से ठीक पहले अपनी ही सरकार के मंत्री द्वारा चुनाव आयोग की प्रक्रिया को क्लीन चिट देना, कांग्रेस की मुहिम के लिए झटके के तौर पर देखा जा रहा है।

बीके हरिप्रसाद ने जताई कड़ी आपत्ति

सतीश जारकीहोली के इस बयान से कर्नाटक कांग्रेस में ही दो फाड़ नजर आ रहा है। पार्टी के वरिष्ठ नेता बीके हरिप्रसाद ने इस पर कड़ी आपत्ति जताते हुए इसे पार्टी लाइन के खिलाफ बताया है। हरिप्रसाद ने कहा कि जारकीहोली का बयान पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के रुख के बिल्कुल उलट है। उन्होंने याद दिलाया कि कांग्रेस अध्यक्ष ने खुद इस प्रक्रिया की आलोचना करते हुए कहा था कि यह अल्पसंख्यकों और दबे-कुचले वर्गों के वोट काटकर बीजेपी के लिए एकतरफा वोट बैंक तैयार करने की साजिश है।