जानिए, राहुल गांधी की रैली के लिए दिल्ली पुलिस ने क्या-क्या शर्तें रखीं

rahul
शकील अहमद सैफी
शकील अहमद सैफी

कथित ‘वोट चोरी’ और मतदाता सूची (Voter List) में गड़बड़ी के आरोपों पर कांग्रेस (Congress) अब दिल्ली में बड़ा सियासी शक्ति प्रदर्शन करने जा रही है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) की अगुवाई में 1 नवंबर को रामलीला मैदान (Ramlila Maidan) में कांग्रेस की रैली होने जा रही है। वहीं, मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ मोर्चा खोलने की तैयारी कर रहे INDIA गठबंधन ने 30 अक्टूबर को ‘पब्लिक इम्पीचमेंट’ (जनता की अदालत) के जरिए भी सरकार को घेरने की रणनीति बनाई है।

इसी बीच दिल्ली पुलिस ने 1 नवंबर को होने वाली रैली को हरी झंडी दे दी है, लेकिन कांग्रेस को 14 कड़ी शर्तें भी थमाई हैं। पुलिस ने साफ किया है कि आयोजन पर उसे कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन यदि नियमों का उल्लंघन हुआ तो अनुमति रद्द करने में देर नहीं की जाएगी।

ज्ञानेश कुमार के खिलाफ INDIA गठबंधन का ‘पब्लिक इम्पीचमेंट’

INDIA गठबंधन ने 30 अक्टूबर को CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ ‘पब्लिक इम्पीचमेंट’ नाम से एक प्रतीकात्मक विरोध कार्यक्रम आयोजित करने की योजना बनाई है। कांग्रेस के मुताबिक, इस कार्यक्रम में गठबंधन के 21 दलों के नेता चुनावी निष्पक्षता, मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और कथित ‘वोट चोरी’ जैसे मुद्दों पर सवाल उठाएंगे। इसके बाद 1 नवंबर को रामलीला मैदान में बड़ी रैली के जरिए कांग्रेस और उसके सहयोगी दल इस मुद्दे पर अपना अभियान तेज करेंगे।

नोट: यह ‘पब्लिक इम्पीचमेंट’ सिर्फ एक राजनीतिक विरोध का प्रतीकात्मक मंच है, संविधान के तहत मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने की कोई औपचारिक महाभियोग प्रक्रिया नहीं है।

राहुल गांधी की रैली पर दिल्ली पुलिस की 14 कड़ी शर्तें

सेंट्रल दिल्ली के डिप्टी पुलिस कमिश्नर ने कांग्रेस को रैली के दौरान सुरक्षा, भीड़ नियंत्रण और कानून-व्यवस्था सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश दिए हैं। पुलिस द्वारा रखी गई 14 प्रमुख शर्तें इस प्रकार हैं:

  1. कानून का पालन: आयोजकों को कार्यक्रम से जुड़े सभी कानूनों और नियमों का पालन करना होगा।

  2. भीड़ नियंत्रण: हिंसा, अव्यवस्था और सार्वजनिक व्यवस्था में बाधा रोकने के लिए पर्याप्त इंतजाम करने होंगे।

  3. CCTV की निगरानी: प्रवेश-निकास द्वारों, मंच, बैठने की जगहों और आसपास के महत्वपूर्ण स्थानों पर HD कैमरे लगाने होंगे। कम से कम पांच मॉनिटरिंग स्क्रीन और CCTV कंट्रोल रूम भी बनाना होगा।

  4. पानी और शौचालय: प्रतिभागियों के लिए पर्याप्त पानी और शौचालय उपलब्ध कराने होंगे। महिलाओं के लिए अलग शौचालयों की व्यवस्था अनिवार्य है।

  5. वॉलंटियर्स की तैनाती: कार्यक्रम स्थल पर पर्याप्त स्वयंसेवक तैनात करने होंगे, जिनकी पहचान एक जैसी पोशाक या बैज से हो सके।

  6. समय की पाबंदी: रैली शाम 5 बजे तक समाप्त करनी होगी। इसके बाद मैदान खाली कराना होगा; समय सीमा नहीं बढ़ाई जाएगी।

  7. रात में रुकने पर रोक: रैली से पहले या बाद में किसी भी प्रतिभागी को मैदान में रात बिताने की अनुमति नहीं होगी।

  8. पार्किंग के नियम: बसों, कारों, टेम्पो और अन्य वाहनों को केवल ट्रैफिक पुलिस द्वारा तय स्थानों पर ही पार्क किया जा सकेगा।

  9. शांतिपूर्ण आयोजन: किसी भी तरह के उपद्रव, अभद्र व्यवहार या हिंसक गतिविधि को रोकना आयोजकों की जिम्मेदारी होगी।

  10. पुलिस से सहयोग: स्थानीय पुलिस और ड्यूटी पर तैनात वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों का कड़ाई से पालन करना होगा।

  11. सामाजिक सौहार्द: वक्ताओं को जाति, धर्म या रंग के आधार पर ऐसे बयान देने से रोकना होगा, जिनसे सामाजिक सद्भाव बिगड़े।

  12. भड़काऊ भाषण पर कार्रवाई: भड़काऊ या धमकी भरा भाषण होने पर तुरंत PA सिस्टम बंद करना होगा और संबंधित वक्ता को मंच से हटाना होगा।

  13. मार्च पर रोक: रामलीला मैदान से किसी अन्य स्थान की ओर जुलूस या मार्च निकालने की अनुमति नहीं होगी।

  14. कार्यक्रम की पूरी जानकारी: आमंत्रित लोगों और स्वयंसेवकों की सूची, मिनट-दर-मिनट कार्यक्रम, बसों की संख्या और उनके रजिस्ट्रेशन नंबर पुलिस को देने होंगे।

‘मोदी-शाह के प्रभाव में काम कर रहे CEC’- कांग्रेस का आरोप

रैली की अनुमति को लेकर हुए विवाद के बीच कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने सरकार और चुनाव आयोग पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि अशोक होटल ने पहले कार्यक्रम आयोजित करने की अनुमति दी थी, लेकिन बाद में इनकार कर दिया।

वेणुगोपाल ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के प्रभाव में काम करने वाला बताते हुए उन्हें पद से हटाने की मांग की। कांग्रेस का आरोप है कि चुनावी प्रक्रिया से जुड़े सवालों पर निष्पक्ष जवाबदेही तय होनी चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि विपक्ष को विरोध प्रदर्शन से रोका गया, तो कांग्रेस प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के आवासों की ओर जाकर धरना भी दे सकती है।