पेट्रोल में 20% इथेनॉल पर क्यों मचा विवाद? नितिन गडकरी ने दिया जवाब

केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने मंगलवार (27 अक्तूबर 2026) को पेट्रोल में 20 प्रतिशत इथेनॉल (E20) मिलाने को लेकर हुए विरोध पर बड़ा बयान दिया है। उद्योग संगठन सीआईआई (CII) के एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए गडकरी ने स्पष्ट किया कि E20 ईंधन के खिलाफ किया गया हंगामा एक ‘पेड कैंपेन’ (पैसे देकर चलाया गया अभियान) था, जो अब पूरी तरह से खत्म हो चुका है।
‘फ्लेक्स-फ्यूल’ वाहनों को मिली मंजूरी
केंद्रीय मंत्री का यह बयान सरकार द्वारा ‘सेंट्रल मोटर व्हीकल एक्ट 1989’ में बदलाव की अधिसूचना जारी करने के ठीक एक दिन बाद आया है। इन संशोधनों के तहत अब देश में ऐसे ‘फ्लेक्स-फ्यूल’ (Flex-Fuel) वाहनों को आधिकारिक अनुमति दे दी गई है, जो 100 प्रतिशत इथेनॉल (E100) तक पर चल सकते हैं। गडकरी ने जोर देकर कहा कि जीवाश्म ईंधन (Fossil Fuels) के आयात को कम करके भारत अपनी कीमती विदेशी मुद्रा की बड़ी बचत कर सकता है।
नेशनल हाईवे की गुणवत्ता पर कोई समझौता नहीं
कार्यक्रम के दौरान नितिन गडकरी ने सोशल मीडिया पर नेशनल हाईवे (National Highways) की खराब हालत और गड्ढों को लेकर मिल रही शिकायतों का भी संज्ञान लिया। उन्होंने बताया कि इन शिकायतों के आधार पर हाल ही में 700 से 800 सड़क परियोजनाओं की गहन समीक्षा की गई है।
गडकरी ने कड़ा संदेश देते हुए कहा, “मैं राजमार्गों की गुणवत्ता के मामले में कोई समझौता नहीं करने वाला हूं।” उन्होंने देशवासियों को भरोसा दिलाया कि सरकार तेजी से काम कर रही है और अगले दो वर्षों के भीतर नेशनल हाईवे का इस्तेमाल करने वाले यात्रियों को किसी भी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।

