पुणे-अमरावती में कांग्रेस को झटका? महाराष्ट्र विधान परिषद के रुझानों पर नजर

महाराष्ट्र विधान परिषद (Maharashtra Vidhan Parishad) की 5 सीटों पर हुए चुनाव की मतगणना जारी है। शुरुआती रुझानों में महायुति (Mahayuti) और महाविकास अघाड़ी (MVA) के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिल रही है, लेकिन फिलहाल महायुति 3 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है। वहीं, पुणे और अमरावती शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में कांग्रेस (Congress) को करारा झटका लगा है, जबकि छत्रपति संभाजीनगर में अजित पवार गुट वाली एनसीपी (NCP) भी पीछे चल रही है।
छत्रपति संभाजीनगर में NCP को झटका
छत्रपति संभाजीनगर स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की बात करें तो यहां एनसीपी के मौजूदा विधान परिषद सदस्य सतीश चव्हाण पीछे चल रहे हैं। उनके मुकाबले शरद पवार गुट के प्रत्याशी प्रतापसिंह पाटिल ने करीब 3000 वोटों के मजबूत मार्जिन से बढ़त बना ली है।
पुणे: शिक्षक और स्नातक सीट का हाल
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शिक्षक सीट: पुणे शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में कांग्रेस को बड़ा नुकसान हुआ है और पार्टी के जयंत आसगावर चौथे स्थान पर खिसक गए हैं। यहां से बीजेपी के कौस्तुभ गावडे आगे चल रहे हैं, जबकि एकनाथ शिंदे की शिवसेना द्वारा समर्थित सचिन सानप दूसरे और निर्दलीय दत्तात्रय सावंत तीसरे स्थान पर हैं।
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स्नातक सीट: पुणे की ग्रेजुएट सीट पर शरद पवार गुट की हर्षदा जाधव और बीजेपी की स्मिता जाधव के बीच कांटे की टक्कर है। पहली पसंद (फर्स्ट प्रेफरेंस) के वोटों में फिलहाल हर्षदा देशमुख आगे चल रही हैं।
अमरावती में शिवसेना आगे, कांग्रेस चौथे नंबर पर
अमरावती शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के रुझानों ने भी कांग्रेस को निराश किया है। यहां कांग्रेस उम्मीदवार अदिति पोहरे सीधे चौथे नंबर पर पहुंच गई हैं। इस सीट पर एकनाथ शिंदे गुट (शिवसेना) के किरण सरनाईक ने बढ़त बना रखी है। खास बात यह है कि यहां उद्धव गुट के बागी श्रीकांत देशपांडे दूसरे और निर्दलीय सुरेश देवकर तीसरे नंबर पर अपनी जगह बनाए हुए हैं।
‘पांचों सीटें जीतेगी महायुति’- चंद्रशेखर बावनकुले
रुझानों के बीच महाराष्ट्र के मंत्री और बीजेपी के वरिष्ठ नेता चंद्रशेखर बावनकुले ने महायुति की बंपर जीत का दावा किया है। उन्होंने कहा, “महाराष्ट्र की जनता महायुति और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व पर विश्वास करती है। हमने पार्टी अध्यक्ष रविंद्र चव्हाण के आदेश और सीएम के मार्गदर्शन में चुनाव लड़ा है। मुझे पूरा विश्वास है कि पांचों सीटों पर महायुति के कैंडिडेट अच्छे मार्जिन से जीत दर्ज करेंगे।”
इन चुनाव परिणामों से न केवल महायुति और महाविकास अघाड़ी के प्रदर्शन का आंकलन होगा, बल्कि बागी उम्मीदवारों को मिलने वाले वोटों से यह भी स्पष्ट हो जाएगा कि गठबंधनों के भीतर पनपे मतभेदों का जमीन पर कितना असर हुआ है। फिलहाल अंतिम नतीजों के लिए प्राथमिकता वाले (प्रेफरेंस) मतों की गिनती निर्णायक साबित होगी।

