HSBC वेल्थ समिट में दुबई की नई पहचान, दुनिया भर की पूंजी खिंची आ रही

मध्य पूर्व (Middle East) की वेल्थ अब परिपक्व हो रही है और निवेशकों की प्राथमिकताएं केवल रिटर्न तक सीमित नहीं हैं। दुबई में आयोजित HSBC के पहले ‘यूएई वेल्थ इन्वेस्टमेंट समिट’ में यह संदेश प्रमुखता से उभरकर सामने आया। इस सम्मेलन में ग्लोबल बैंकिंग लीडर्स, अर्थशास्त्रियों और उद्योग विशेषज्ञों ने बदलते कैपिटल फ्लो, भू-राजनीतिक अनिश्चितता और वेल्थ के भविष्य पर विस्तार से चर्चा की।
समिट का मुख्य फोकस इस बात पर रहा कि दुबई अब एक क्षेत्रीय वित्तीय केंद्र (Regional Hub) से आगे बढ़कर वेल्थ क्रिएशन और निवेश का ग्लोबल हब बन चुका है।
‘रीजनल नहीं, अब ग्लोबल हब है दुबई’
HSBC होल्डिंग्स पीएलसी में एशिया और मिडिल ईस्ट के को-चीफ एग्जीक्यूटिव सुरेंद्र रोशा ने स्पष्ट किया कि दुबई अपनी क्षेत्रीय भूमिका से काफी आगे निकल चुका है। रोशा ने कहा कि यूएई वैश्विक स्तर पर कैपिटल, टैलेंट और उद्यम के लिए सबसे महत्वपूर्ण प्लेटफॉर्म्स में से एक है। यूएई एशिया और मध्य पूर्व के साथ-साथ मध्य पूर्व और पश्चिम के बीच एक अहम ‘कनेक्टर’ के रूप में काम कर रहा है।
दुबई आर्थिक विकास निगम (DEDC) के सीईओ हादी बद्री ने आर्थिक आंकड़े पेश करते हुए बताया कि उथल-पुथल वाले साल में भी दुबई का विकास जारी रहा। इस साल दुबई में 200,000 से अधिक नए निवासी जुड़े हैं। महामारी के चरम स्तर से तुलना करें तो दुबई का कर्ज अब सकल घरेलू उत्पाद (GDP) का लगभग 11.5 प्रतिशत रह गया है।
प्राइवेट बैंकिंग में बढ़ा फैमिली ऑफिस का दबदबा
HSBC ग्लोबल प्राइवेट बैंकिंग (यूएई) के प्रमुख फेरास जैद अलजरामनी के मुताबिक, यूएई के प्राइवेट बैंकों के क्लाइंट बेस में अब ‘इंस्टीट्यूशनल वेल्थ’ की हिस्सेदारी सबसे ज्यादा है। एक दशक पहले तक प्राइवेट बैंक के 80 से 90 प्रतिशत क्लाइंट धनी व्यक्ति (HNIs) होते थे, लेकिन अब 60 से 70 प्रतिशत क्लाइंट ‘फैमिली ऑफिस’ और पर्सनल इन्वेस्टमेंट कंपनियां हैं।
अलजरामनी ने यूएई को ‘एंटी-फ्रैजाइल’ (मजबूत) बताते हुए कहा कि चुनौतियों के बावजूद यहां वेल्थ क्रिएशन जारी है और बड़े फंड्स लगातार इस क्षेत्र में शिफ्ट हो रहे हैं। हालांकि, HSBC प्राइवेट बैंक (MENA) के प्रमुख अलादीन हंगारी ने एक बड़ी चुनौती की तरफ भी इशारा किया। उन्होंने बताया कि मध्य पूर्व और उत्तरी अफ्रीका (MENA) के अधिकांश बड़े परिवारों के पास कोई ‘उत्तराधिकार योजना’ (Succession Plan) नहीं है, जो एक बड़ा ब्लाइंड स्पॉट है।
ग्लोबल इन्वेस्टर्स के लिए सेफ और डायनेमिक मार्केट
HSBC एसेट मैनेजमेंट के ग्लोबल चीफ स्ट्रैटेजिस्ट जो लिटिल ने यूएई को क्षेत्र की सबसे डायनेमिक (गतिशील) अर्थव्यवस्था बताया। भू-राजनीतिक तनाव और महंगाई के बावजूद यूएई और खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) के देश ग्लोबल इन्वेस्टर्स के लिए डाइवर्सिफिकेशन का एक बेहतरीन विकल्प पेश कर रहे हैं।
लिटिल के अनुसार, अब निवेशकों का ध्यान सिर्फ पारंपरिक कमोडिटी और ऊर्जा निर्यात पर नहीं है। रियल एस्टेट, इंफ्रास्ट्रक्चर, पर्यटन और कंजम्पशन (खपत) जैसे सेक्टर्स विकास के अगले चरण को आगे बढ़ा सकते हैं।
एशिया-मिडिल ईस्ट वेल्थ कॉरिडोर और ग्लोबल इंडियंस का रुझान
HSBC एसेट मैनेजमेंट में एशिया और मिडिल ईस्ट की सीईओ डेजी हो ने कहा कि एशिया और मध्य पूर्व के बीच वेल्थ लिंक्स गहरे हो रहे हैं। इस बढ़ते बाजार को देखते हुए फर्म ने इस साल की शुरुआत में यूएई में अपना ऑनशोर कार्यालय खोला है।
इस बीच, HSBC ग्लोबल प्राइवेट बैंक (यूएई) के ग्लोबल इंडिया हेड विवेक बाल पंडोही ने बताया कि ‘नेक्स्ट जेनरेशन’ के ग्लोबल इंडियन इन्वेस्टर्स का रुझान प्राइवेट इक्विटी, वेंचर कैपिटल, प्राइवेट क्रेडिट और हेज फंड जैसी ‘अल्टरनेटिव एसेट्स’ की तरफ तेजी से बढ़ रहा है। भारतीय वेल्थ अब अंतरराष्ट्रीय बाजारों में फैल रही है, जिसके लिए क्रॉस-बॉर्डर विशेषज्ञता और उत्तराधिकार योजना की जरूरत बढ़ गई है।
बैंकिंग में AI: सिर्फ प्रोडक्टिविटी नहीं, वैल्यू क्रिएशन पर जोर
समिट में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की भूमिका पर भी गंभीर चर्चा हुई। HSBC के इंटरनेशनल वेल्थ एंड प्रीमियर बैंकिंग (यूएई और मिडिल ईस्ट) के प्रमुख सामी अबौजहर ने इस बात पर जोर दिया कि कंपनियां AI को जिम्मेदारी से और बड़े पैमाने पर कैसे लागू करें।
HSBC के चीफ एआई ऑफिसर डेविड राइस ने बताया कि बैंक में वर्तमान में 600 AI ‘यूज केस’ प्रोडक्शन में हैं। विशेषज्ञों ने स्पष्ट किया कि AI का असली फायदा केवल मौजूदा कामों को ऑटोमेट करने में नहीं है, बल्कि प्रोपराइटरी डेटा से इनसाइट्स निकालने और ग्राहकों के साथ काम करने के तरीके को पूरी तरह से बदलने में है।

